Dumka Fraud: अंडर-19 और रणजी में चयन के नाम पर शिक्षक से 1 करोड़ की ठगी, फर्जी जॉइंट डायरेक्टर बनकर ठगे 50 लाख कैश

दुमका में अंडर-19 और रणजी टीम में चयन के नाम पर एक शिक्षक से 1 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले शातिर किसलय पल्लव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बीसीसीआई के फर्जी पत्र और 50 लाख कैश के इस सनसनीखेज खेल की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।

Apr 6, 2026 - 15:09
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Dumka Fraud: अंडर-19 और रणजी में चयन के नाम पर शिक्षक से 1 करोड़ की ठगी, फर्जी जॉइंट डायरेक्टर बनकर ठगे 50 लाख कैश
Dumka Fraud: अंडर-19 और रणजी में चयन के नाम पर शिक्षक से 1 करोड़ की ठगी, फर्जी जॉइंट डायरेक्टर बनकर ठगे 50 लाख कैश

दुमका, 6 अप्रैल 2026 – झारखंड की उपराजधानी दुमका में क्रिकेट के जुनून का फायदा उठाकर एक परिवार को बर्बाद करने वाले सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ है। अंडर-19 भारतीय टीम और रणजी ट्रॉफी में चयन कराने के नाम पर एक सरकारी शिक्षक से 1 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि ठगने वाले आरोपी किसलय पल्लव को पुलिस ने धर दबोचा है। सोमवार को दुमका एसपी पीतांबर सिंह खेरवार ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। यह मामला न केवल ठगी की पराकाष्ठा है, बल्कि इसमें एक पिता के अपनी संतान को स्टार बनाने के सपने के साथ हुए क्रूर मजाक की दर्दनाक कहानी भी छिपी है।

1 करोड़ का 'सिक्सर': 50 लाख कैश और बीसीसीआई का फर्जी लेटर

दुमका नगर थाना में दर्ज मामला संख्या 185/25 के अनुसार, ठगी का यह खेल बेहद शातिर तरीके से खेला गया था।

  • झांसे में पिता: सरकारी शिक्षक बुलबुल कुमार अपने बेटे आशुतोष आनंद को क्रिकेट की बुलंदियों पर देखना चाहते थे। इसी का फायदा बख्शी बांध निवासी किसलय पल्लव ने उठाया।

  • किस्तों में वसूली: आरोपी ने चयन का भरोसा दिलाकर किस्तों में कुल 1 करोड़ रुपये वसूले। इसमें 50 लाख रुपये नकद और 50 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए।

  • फर्जी ज्वॉइंट डायरेक्टर: ठगी को पुख्ता करने के लिए आरोपी ने बीसीसीआई (BCCI) के जॉइंट डायरेक्टर के नाम से एक कथित लेटर पैड जारी किया, जिसमें आशुतोष के अंडर-19 टीम में चयन की घोषणा की गई थी।

शिक्षक की मौत और 6 महीने की तलाश: ऐसे खुला राज

जब पीड़ित परिवार ने उस लेटर की जांच की, तो पता चला कि वह महज कागज का एक टुकड़ा था जिसका बीसीसीआई से कोई लेना-देना नहीं था।

  1. धोखे का एहसास: आधिकारिक सूची में बेटे का नाम न पाकर शिक्षक बुलबुल कुमार को अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने 12 अक्टूबर 2025 को केस दर्ज कराया।

  2. गम में गई जान: इस सदमे और ठगी के बोझ के कारण शिकायतकर्ता शिक्षक बुलबुल कुमार बीमार रहने लगे और आरोपी की गिरफ्तारी देखने से पहले ही उनकी मौत हो गई।

  3. पुलिस का एक्शन: एसपी पीतांबर सिंह खेरवार के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी साक्ष्यों का पीछा किया और करीब 6 महीने की लुका-छिपी के बाद आखिरकार किसलय पल्लव को दबोच लिया।

दुमका और क्रिकेट का इतिहास: सपनों की मंडी बनता मैदान

दुमका जैसे उभरते शहरों में एमएस धोनी की सफलता के बाद क्रिकेट को लेकर युवाओं में जबरदस्त क्रेज बढ़ा है, लेकिन इसके साथ ही ठगी का बाजार भी गर्म हुआ है।

  • रणजी का सपना: झारखंड में रणजी ट्रॉफी खेलना किसी भी युवा के लिए सरकारी नौकरी से बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। इसी चाहत को ठगों ने अपनी 'कमाई' का जरिया बना लिया है।

  • फर्जी अकादमियों का जाल: पिछले कुछ वर्षों में संताल परगना के इलाकों में कई ऐसी शिकायतें आई हैं जहाँ बाहरी राज्यों की टीमों में चयन के नाम पर लाखों की डील होती है।

  • जागरूकता की कमी: बीसीसीआई कभी भी चयन के लिए नकद राशि या निजी खातों में पैसे की मांग नहीं करता। यह पूरी तरह योग्यता पर आधारित प्रक्रिया है, जिसकी जानकारी न होने के कारण शिक्षित लोग भी जालसाजों के जाल में फंस जाते हैं।

पुलिस की चेतावनी: जांच के दायरे में कई और 'सफेदपोश'

आरोपी किसलय पल्लव की गिरफ्तारी तो महज शुरुआत है, पुलिस अब इस ठगी के पीछे छिपे बड़े नेटवर्क को खंगाल रही है।

  • बैंक खातों की जांच: पुलिस उन खातों की गहराई से जांच कर रही है जिनमें 50 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। क्या इस खेल में बीसीसीआई या किसी स्थानीय क्रिकेट संघ का कोई और व्यक्ति शामिल है?

  • पीड़ितों से अपील: एसपी ने अपील की है कि अगर किसी और परिवार से भी चयन के नाम पर पैसे की मांग की गई है, तो वे निडर होकर सामने आएं।

  • आगे की कार्रवाई: पुलिस अब आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी ताकि ठगी गई रकम की बरामदगी की जा सके और उन लोगों का पता लगाया जा सके जिन्होंने फर्जी दस्तावेज तैयार करने में मदद की।

दुमका की यह घटना एक सबक है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। एक शिक्षक ने अपने जीवन भर की जमापूंजी एक ठग के हवाले कर दी और अंततः अपनी जान भी गँवा दी। किसलय पल्लव का जेल जाना न्याय की ओर पहला कदम है, लेकिन 1 करोड़ की यह ठगी खेल जगत की व्यवस्था पर एक बड़ा धब्बा है। दुमका पुलिस की यह कार्रवाई उन सभी जालसाजों के लिए कड़ी चेतावनी है जो युवाओं के भविष्य के साथ सौदा करते हैं। फिलहाल, शहर में इस गिरफ्तारी के बाद से उन लोगों के बीच हड़कंप है जो 'सेटिंग' के नाम पर खेल की दुनिया में दुकान चला रहे हैं।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।