Khunti Crash : खूंटी में बिना ड्राइवर के काल बना ट्रेलर, मुरहू चौक पर 5 दुकानों को रौंदा, मलबे में तब्दील हुआ लाखों का सामान
खूंटी-चाईबासा राष्ट्रीय राजमार्ग के मुरहू चौक पर एक अनियंत्रित ट्रेलर ने पांच दुकानों को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया है। लोहे के स्क्रैप से लदे इस 'बिना ड्राइवर' वाले वाहन ने उप प्रमुख समेत कई बड़े व्यवसायियों की दुकानों को मलबे में बदल दिया। भारी बारिश के बीच मचे इस हाहाकार की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
खूंटी/झारखंड, 21 मार्च 2026 – झारखंड के खूंटी-चाईबासा राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार को एक ऐसा मंजर देखने को मिला जिसे देखकर लोगों की रूह कांप गई। मुरहू चौक के पास एक भारी-भरकम ट्रेलर अचानक 'मौत का सौदागर' बन गया और बिना ड्राइवर के ढलान पर लुढ़कते हुए सड़क किनारे स्थित पांच दुकानों में जा घुसा। गनीमत यह रही कि उस वक्त दुकानों के बाहर भीड़ कम थी, वरना कई जानें जा सकती थीं। लेकिन आर्थिक रूप से इस हादसे ने व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। दुकानों के शटर और दीवारें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं, जिससे लाखों का नुकसान हुआ है। इस घटना के बाद पूरे मुरहू इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।
ड्राइवर उतरा और 'मौत' चल पड़ी: कैसे हुआ यह अजीब हादसा?
हादसे की कहानी किसी डरावनी फिल्म जैसी है। चश्मदीदों के मुताबिक, लोहे के भारी स्क्रैप (कबाड़) से लदा एक ट्रेलर चाईबासा की ओर जा रहा था।
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लापरवाही की इंतहा: चालक ने ट्रेलर को मुरहू चौक के पास सड़क किनारे खड़ा किया। वह हैंडब्रेक या सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज कर पास की एक दुकान से कुछ सामान लेने चला गया।
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ढलान बनी काल: ट्रेलर जहाँ खड़ा था, वहां हल्की ढलान थी। लोहे के वजन के कारण ट्रेलर खुद-ब-खुद पीछे की ओर लुढ़कने लगा। देखते ही देखते इसकी रफ्तार बढ़ गई और यह सीधे दुकानों की कतार से जा टकराया।
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बारिश और अफरा-तफरी: घटना के समय इलाके में तेज बारिश हो रही थी। टक्कर की जोरदार आवाज सुनकर लोग घरों से बाहर निकले तो देखा कि दुकानें मलबे में तब्दील हो चुकी हैं।
निशाने पर 5 दुकानें: उप प्रमुख की दुकान भी क्षतिग्रस्त
इस भीषण टक्कर ने मुरहू के प्रतिष्ठित व्यवसायियों को गहरा जख्म दिया है। जिन दुकानों को नुकसान पहुँचा है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
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निखिल चौधरी: इनकी दुकान को सबसे ज्यादा क्षति पहुँची है, लगभग पूरा ढांचा ही गिर गया है।
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अरुण साहू (उप प्रमुख): इनकी दुकान भी इस अनियंत्रित ट्रेलर की चपेट में आने से काफी क्षतिग्रस्त हुई है।
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राजेश चौधरी, राजू सोमनानी और महेश चौधरी: इन तीनों की दुकानों के अगले हिस्से और काउंटर पूरी तरह टूट चुके हैं।
खूंटी का 'डेथ जोन' और पुराने हादसों का इतिहास
खूंटी-चाईबासा मार्ग का मुरहू चौक दशकों से अपनी भौगोलिक बनावट के कारण संवेदनशील रहा है।
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खतरनाक ढलान: स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी वाहनों के लिए यह चौक हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है। पहले भी यहाँ ब्रेक फेल होने की घटनाएं हो चुकी हैं।
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प्रशासनिक मुस्तैदी: घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा के प्रतिनिधि और भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष काशीनाथ महतो मौके पर पहुँचे। उन्होंने प्रभावित दुकानदारों को ढांढस बंधाया और प्रशासन से मुआवजे की मांग की।
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व्यापारियों का आक्रोश: खूंटी चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष प्रियांक भगत ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। व्यापारियों ने मांग की है कि ऐसे भारी वाहनों के लिए चौक पर 'नो पार्किंग' और सुरक्षा बैरियर लगाए जाएं।
मुआवजे की मांग और आगे की कार्रवाई
हादसे के बाद मुरहू पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रेलर को अपने कब्जे में ले लिया है।
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जांच शुरू: पुलिस चालक की तलाश कर रही है और यह जांच की जा रही है कि क्या वाहन में कोई तकनीकी खराबी थी या यह पूरी तरह मानवीय लापरवाही का नतीजा है।
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नेताओं का जमावड़ा: भाजपा के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष सुरेश जसवाल, संजय, सूरजमाल साहू और लक्ष्मी साहू सहित कई गणमान्य लोग भी मौके पर मौजूद रहे। सभी ने एक सुर में दुकानदारों को उचित आर्थिक सहायता दिलाने की बात कही।
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आर्थिक आकलन: राजस्व विभाग की टीम जल्द ही नुकसान का आधिकारिक आकलन करेगी, ताकि इंश्योरेंस और सरकारी मदद की प्रक्रिया शुरू हो सके।
खूंटी की यह घटना चेतावनी है कि सड़क पर एक छोटी सी लापरवाही कितनी बड़ी तबाही ला सकती है। अगर ट्रेलर की चपेट में कोई व्यक्ति आ जाता, तो आज मुरहू में मातम का मंजर होता। दुकानों का ईंट-पत्थर तो फिर जुड़ जाएगा, लेकिन जिस खौफ से दुकानदार गुजरे हैं, उसकी भरपाई मुश्किल है। क्या प्रशासन अब मुरहू चौक जैसे संवेदनशील इलाकों में भारी वाहनों के ठहराव पर कड़े नियम लागू करेगा? फिलहाल, मलबे को हटाने का काम जारी है और प्रभावित व्यापारी न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
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