Dhanbad Raid: धनबाद के जंगल में हाई-प्रोफाइल साइबर ठगों का अड्डा, पुलिस की बड़ी छापेमारी!
धनबाद के टुंडी के मधुरसा जंगल में साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, साइबर ठग सतीश कुमार मंडल गिरफ्तार। बैंक के नाम पर फर्जी ऐप बनाकर करता था ठगी। पढ़ें पूरी खबर!

धनबाद के टुंडी इलाके में साइबर अपराध अपने चरम पर पहुंच चुका था, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी ने आखिरकार एक बड़े साइबर ठग को गिरफ्तार कर लिया। मधुरसा के नीमटांड़ जंगल में शनिवार को हुई पुलिस छापेमारी में साइबर अपराधी सतीश कुमार मंडल को गिरफ्तार किया गया, जबकि उसका साथी रवि मंडल फरार होने में कामयाब रहा।
कैसे पकड़ा गया साइबर ठग?
साइबर डीएसपी संजीव कुमार ने प्रेस वार्ता में खुलासा किया कि पुलिस को "प्रतिबिंब पोर्टल" के जरिए साइबर ठगों की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद एसएसपी के निर्देश पर टुंडी के घने जंगल में ऑपरेशन लॉन्च किया गया। छापेमारी के दौरान पुलिस को जंगल में एक पेड़ के नीचे दो संदिग्ध युवक फोन पर बात करते दिखे। पुलिस को देखते ही एक फरार हो गया, जबकि सतीश कुमार मंडल को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने घटनास्थल से 7 एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 13 सिम कार्ड जब्त किए। जांच में पाया गया कि इनमें से एक मोबाइल नंबर से महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में तीन अलग-अलग साइबर ठगी की घटनाएं अंजाम दी गई थीं, जिसमें कुल ₹35,820 की धोखाधड़ी की गई थी।
कैसे करते थे ऑनलाइन ठगी?
पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। साइबर ठग बैंकों के नाम पर फर्जी क्रेडिट कार्ड एप्लिकेशन बनाते थे। वे इसे लोगों के मोबाइल में इंस्टॉल करवाकर फोन का पूरा एक्सेस ले लेते थे। इसके बाद खातों से पैसे उड़ा लिए जाते थे। कई मामलों में ठग लोग OTP, बैंक डिटेल्स और आधार कार्ड की जानकारी चुराकर बड़ी रकम निकाल लेते थे।
धनबाद: साइबर अपराध का हब!
धनबाद और आसपास के क्षेत्र साइबर अपराध के लिए कुख्यात हो चुके हैं। झारखंड के जामताड़ा, देवघर और धनबाद इलाके को साइबर अपराध का गढ़ माना जाता है। यहां के युवा महज 10-15 हजार की इन्वेस्टमेंट से लाखों का ऑनलाइन फ्रॉड कर रहे हैं। इसी वजह से इसे "भारत का साइबर फ्रॉड कैपिटल" कहा जाता है।
2015 में पहली बार साइबर ठगी के संगठित गिरोह का खुलासा हुआ था। इसके बाद पुलिस की कई कार्रवाईयों के बावजूद ठगी के नए-नए तरीके ईजाद हो रहे हैं।
फरार आरोपी की तलाश जारी
पुलिस अब फरार आरोपी रवि मंडल की तलाश में जुटी हुई है। साथ ही, गिरफ्तार ठग के मोबाइल और सिम कार्ड की फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि उसके अन्य साथियों का भी पता लगाया जा सके।
इस ऑपरेशन में साइबर थाना निरीक्षक असीम कमल टोपनो, टुंडी थाना प्रभारी अंजन मंडल, प्रभुनाथ प्रसाद, सीताराम प्रसाद और साइबर थाना के अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।
साइबर ठगों से बचने के लिए क्या करें?
किसी भी अनजान लिंक या ऐप को डाउनलोड करने से बचें।
बैंक या किसी अन्य संस्था के नाम पर आए फोन कॉल्स को अनदेखा करें।
OTP या बैंकिंग डिटेल्स किसी को न बताएं।
अगर किसी अनजान ऐप से फोन एक्सेस मांगा जाए, तो तुरंत उसे डिलीट करें।
किसी भी संदिग्ध साइबर ठगी की शिकायत तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर करें।
धनबाद की साइबर पुलिस ने एक बड़े साइबर अपराधी को गिरफ्तार कर एक और ठगी गैंग का पर्दाफाश कर दिया है। हालांकि, मुख्य मास्टरमाइंड अभी फरार है। पुलिस के लिए यह एक चुनौती है कि वह झारखंड में साइबर ठगों के गढ़ को खत्म कर सके। इस केस की जांच अभी जारी है और आगे और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
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