Jadugoda crime: गैस कटर लेकर घूम रहे चोर, दुकानों-घरों को बना रहे निशाना! पुलिस बेबस
जादूगोड़ा में गैस कटर लेकर घूम रहे चोर, दुकान और घरों को बना रहे निशाना! राशन दुकान से नकदी और घर से गहने चोरी, लेकिन पुलिस अब तक खाली हाथ। पढ़ें पूरी खबर!

जादूगोड़ा: शहर में अपराधियों का खौफ दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है। चोर अब गैस कटर लेकर घूम रहे हैं और दुकान हो या घर, किसी को भी निशाना बनाने से नहीं चूक रहे। बीती रात चोरों ने दो अलग-अलग जगहों पर सेंधमारी कर नकदी और कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया। पहली घटना में राशन दुकान का ताला तोड़ा गया, जबकि दूसरी वारदात में चोर गैस कटर की मदद से खिड़की के रॉड काटकर घर में घुसे और आलमारी का ताला तोड़कर गहने व कीमती सामान उड़ा ले गए।
चोरी की पहली वारदात: दुकान से उड़ाए कैश
जादूगोड़ा थाना क्षेत्र के राखा माइंस रेलवे स्टेशन जाने वाली मुख्य सड़क पर स्थित यूसिल कंपनी के पूर्व महामंत्री प्रदीप भगत की राशन दुकान को चोरों ने निशाना बनाया। दुकान के पीछे से ताला तोड़कर अंदर घुसे और गल्ले में रखे कैश बॉक्स का ताला तोड़कर सारा नकदी लेकर फरार हो गए।
दुकानदार के अनुसार, चोरी बीती रात हुई, लेकिन जब सुबह दुकान खोली गई, तब वारदात का खुलासा हुआ। दुकान मालिक ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी, लेकिन पुलिस अब तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है।
दूसरी वारदात: गैस कटर से घर में सेंधमारी!
चोरों ने केवल दुकान ही नहीं, बल्कि एक घर को भी निशाना बनाया। यूसिल के तूरामडीह यूरेनियम प्रोजेक्ट से सेवानिवृत्त नारायण भगत (बिजली विभाग) के घर में चोरों ने गैस कटर से खिड़की के रॉड काटकर अंदर प्रवेश किया।
घर में घुसने के बाद चोरों ने आलमारी का ताला तोड़ा और गहने समेत कीमती सामान लेकर फरार हो गए। शनिवार को नारायण भगत के बेटे आशीष कुमार ने थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई और पुलिस से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
क्या पुलिस बेबस हो चुकी है?
जादूगोड़ा थाना क्षेत्र में चोरी की यह कोई नई घटना नहीं है। पिछले कुछ महीनों में कई घरों और दुकानों में चोरी की घटनाएं हुई हैं, लेकिन पुलिस सिर्फ कुछ ही मामलों का खुलासा कर पाई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अपराधियों का मनोबल इसलिए बढ़ रहा है क्योंकि पुलिस इन घटनाओं पर लगाम लगाने में नाकाम रही है।
जादूगोड़ा में बढ़ती चोरी: क्या है वजह?
- कमजोर पुलिस गश्त: दुकानदारों और स्थानीय लोगों का कहना है कि रात में पुलिस पेट्रोलिंग न के बराबर होती है, जिससे चोरों को वारदात को अंजाम देने में आसानी होती है।
- CCTV की कमी: ज्यादातर दुकानों और घरों के पास CCTV कैमरे नहीं हैं या फिर वे काम नहीं कर रहे, जिससे चोरों की पहचान नहीं हो पाती।
- गिरफ्तारी न होने से बढ़ता मनोबल: पुलिस कुछ मामलों को छोड़कर किसी बड़े चोर गिरोह को पकड़ने में नाकाम रही है, जिससे अपराधियों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं।
क्या बोले स्थानीय लोग?
एक दुकानदार ने कहा, "हर महीने किसी न किसी की दुकान या घर में चोरी हो रही है, लेकिन पुलिस कुछ नहीं कर रही। अगर ऐसा ही चलता रहा, तो हम खुद सुरक्षा के इंतजाम करने पर मजबूर हो जाएंगे।"
क्या पुलिस अब जागेगी?
अब सवाल ये है कि क्या इस बार पुलिस इन चोरों को पकड़ पाएगी या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा? अपराधी अब गैस कटर जैसे खतरनाक औजारों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है।
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