Jamshedpur Milan : क्या है “विजया मिलन” का असली अर्थ? पूर्व विधायक अरविंद सिंह बोले – यह सत्य और शक्ति का प्रतीक है!
क्या “विजया मिलन” सिर्फ एक समारोह है या समाज में एक संदेश? जानिए कैसे पूर्व विधायक अरविंद सिंह और स्थानीय प्रतिनिधियों ने बागबेड़ा में आयोजित समारोह में एकता, सत्य और शक्ति का संदेश दिया।
बागबेड़ा (झारखंड): अनुग्रह नारायण सिंह शिक्षण एवं सेवा संस्थान, बागबेड़ा में आज “विजया मिलन समारोह” का भव्य आयोजन किया गया। समारोह की शुरुआत संरक्षक एवं पूर्व विधायक अरविंद सिंह उर्फ़ मलखान सिंह ने की, जिन्होंने कहा कि “विजया मिलन केवल उत्सव नहीं, बल्कि सत्य और शक्ति का प्रतीक है। यह एक ऐसा मंच है जो समाज में एकता, सहयोग और सद्भाव का संदेश देता है।”
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के प्रांगण में अनुग्रह नारायण सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुआ। इस अवसर पर प्रमुख रूप से शंभू नाथ सिंह, चंद्रगुप्त सिंह, अरविंद सिंह, विमल सिंह, अजय सिंह, रामाकांत सिंह, दिलीप सिंह, कमलदेव सिंह, अध्यक्ष अखिलेश्वर सिंह, महासचिव सी.एस.पी. सिंह और जिला पार्षद डॉ. कविता परमार उपस्थित रहीं।
अपने संबोधन में मलखान सिंह ने संस्था की गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी संस्थाएँ समाज के नैतिक मूल्यों और शिक्षा के प्रसार में अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने सभी से संस्था को मजबूत बनाने का आह्वान किया।
अजय सिंह ने संस्था द्वारा संचालित योजनाओं में सहयोग का भरोसा दिया, जबकि चंद्रगुप्त सिंह ने महासचिव सी.एस.पी. सिंह और अध्यक्ष अखिलेश्वर सिंह के नेतृत्व में हो रहे कार्यों की प्रशंसा की।
महासचिव सी.एस.पी. सिंह ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए संस्था में चल रहे शैक्षिक और सामाजिक विकास कार्यों की जानकारी दी। समारोह का संचालन सचिव सह जिला पार्षद डॉ. कविता परमार ने किया और धन्यवाद ज्ञापन कमलदेव सिंह ने दिया।
समारोह की सफलता में दिनेश सिंह, दिग्विजय सिंह, केदार सिंह, श्रीराम सिंह, संजय सिंह, नारायण सिंह, पुष्पा सिंह, संदीप सिंह, राजू सिंह, रामचंद्र सिंह, राजेश सिंह, उदय सिंह, अरुण सिंह, रामजी सिंह, राजीव कुमार, ललन सिंह, ज्ञानी सिंह और अभिजीत सिंह का सक्रिय योगदान रहा।
कार्यक्रम में सैकड़ों महिला और पुरुष सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने एक स्वर में संस्था की उपलब्धियों की सराहना की।
यह विजया मिलन समारोह केवल एक सामाजिक आयोजन नहीं बल्कि समाज में सत्य, शक्ति और सहयोग की भावना को आगे बढ़ाने का प्रतीक बन गया — जैसा कि अरविंद सिंह ने कहा, “जब तक एकता और सेवा की भावना जीवित है, तब तक विजय का उत्सव जारी रहेगा।”
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