Trump Tariff: बड़ा झटका, रूसी तेल खरीदने पर 500% टैक्स, ट्रंप के नए कानून से भारत में मचेगा हाहाकार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 500% तक का घातक टैरिफ लगाने वाले नए कानून को हरी झंडी दे दी है। भारत की अर्थव्यवस्था और आपकी जेब पर पड़ने वाले इस 'आर्थिक परमाणु बम' की पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी वैश्विक बाजार में आने वाले इस महा-संकट से पूरी तरह बेखबर रह जाएंगे।

Jan 8, 2026 - 19:46
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Trump Tariff: बड़ा झटका, रूसी तेल खरीदने पर 500% टैक्स, ट्रंप के नए कानून से भारत में मचेगा हाहाकार
Trump Tariff: बड़ा झटका, रूसी तेल खरीदने पर 500% टैक्स, ट्रंप के नए कानून से भारत में मचेगा हाहाकार

वॉशिंगटन/नई दिल्ली, 8 जनवरी 2026 – यूक्रेन युद्ध के बीच वैश्विक राजनीति के मंच पर एक ऐसा आर्थिक तूफान खड़ा हो गया है, जिसकी तपिश भारत तक पहुँचने वाली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए अब तक के सबसे कड़े प्रहार, ‘Sanctioning of Russia Act, 2025’ को अपनी मंजूरी दे दी है। इस प्रस्तावित कानून के तहत रूस से कच्चा तेल (Crude Oil) खरीदने वाले देशों पर 500 प्रतिशत तक का आयात शुल्क (Import Tariff) लगाया जा सकता है। यह बिल अगले सप्ताह अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में मतदान के लिए पेश होगा, जिसने भारत, चीन और ब्राजील जैसे देशों की नींद उड़ा दी है।

ट्रंप का 'आर्थिक हंटर': क्या है यह नया कानून?

अमेरिकी प्रशासन का तर्क है कि रूस से सस्ता तेल खरीदकर कई देश अप्रत्यक्ष रूप से पुतिन के सैन्य अभियान को फंडिंग कर रहे हैं।

  • सीधा प्रहार: इस बिल के सह-प्रस्तावक रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम और डेमोक्रेट सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल हैं। ग्राहम का दावा है कि 80% से अधिक सांसद इस प्रस्ताव के पक्ष में हैं।

  • 500% का बोझ: यदि यह कानून पारित होता है, तो रूसी तेल खरीदना किसी भी देश के लिए घाटे का सौदा बन जाएगा। अमेरिका चाहता है कि दुनिया रूस से ऊर्जा व्यापार पूरी तरह बंद कर दे।

  • राष्ट्रपति की पावर: कानून पारित होने के बाद राष्ट्रपति के पास विशेष अधिकार होंगे कि वे किन देशों को छूट (Waiver) दें और किन पर कड़ा डंडा चलाएं।

भारत की 'अग्निपरीक्षा': तेल का खेल और बढ़ती मुश्किलें

भारत के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं है क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा रूसी तेल से पूरा करता रहा है।

  1. टैरिफ का बोझ: वर्तमान में भारत पर पहले से ही करीब 50% का टैरिफ भार है। अगर नया कानून लागू हुआ, तो भारतीय निर्यात और व्यापार संतुलन पूरी तरह बिगड़ सकता है।

  2. महंगाई का खतरा: रूसी तेल महंगा होने का सीधा मतलब है भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आग लगना, जिसका असर हर घर की रसोई तक होगा।

  3. कूटनीतिक संतुलन: भारत इस समय अमेरिका के साथ एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहा है। भारत की मांग है कि टैरिफ कम किए जाएं, लेकिन ट्रंप के इस नए तेवर ने बातचीत को अधर में लटका दिया है।

प्रस्तावित 'रूस प्रतिबंध अधिनियम 2025': एक नजर में (Key Snapshot)

विवरण जानकारी (Details)
विधेयक का नाम Sanctioning of Russia Act, 2025
अधिकतम टैरिफ 500% (रूसी तेल और ऊर्जा पर)
प्रभावी देश भारत, चीन, ब्राजील और अन्य खरीदार
राजनीतिक समर्थन रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों का संयुक्त साथ
वोटिंग का समय अगले सप्ताह (संसद के दोनों सदनों में)

इतिहास का पन्ना: जब-जब अमेरिका ने आर्थिक पाबंदियों से दुनिया को हिलाया

आर्थिक प्रतिबंधों को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का अमेरिका का पुराना इतिहास रहा है। 1970 के दशक में ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों से लेकर हालिया उत्तर कोरिया और वेनेजुएला के खिलाफ की गई कार्रवाइयों ने वैश्विक बाजार को हमेशा अस्थिर किया है। हालांकि, 500% टैरिफ जैसा कदम इतिहास में विरला ही देखने को मिलता है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह पहली बार है जब कोई सुपरपावर इतने बड़े स्तर पर वैश्विक ऊर्जा बाजार को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है। भारत ने भी शीत युद्ध (Cold War) के दौरान सोवियत संघ के साथ अपने रिश्तों को बचाने के लिए अमेरिकी दबाव का सामना किया था, लेकिन 2026 की यह चुनौती कहीं अधिक जटिल और डिजिटल युग के व्यापार से जुड़ी है।

भारत की रणनीति: कूटनीति या कटौती?

पिछले कुछ हफ्तों में भारत ने बहुत ही सधी हुई चाल चली है। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने दिसंबर महीने में रूसी तेल के आयात में आंशिक कटौती की है।

  • रिश्तों का संतुलन: तेल आयात में कमी को वॉशिंगटन के साथ रिश्तों को मधुर बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

  • निर्णायक सप्ताह: आने वाले 7 दिन भारत के लिए 'मेक और ब्रेक' वाले साबित होंगे। भारतीय राजनयिक लगातार अमेरिकी सांसदों के संपर्क में हैं ताकि 'Sanctioning of Russia Act' में भारत के लिए कोई सुरक्षित रास्ता (Opt-out) निकाला जा सके।

  • बाजार में अस्थिरता: विशेषज्ञों का मानना है कि इस कानून से पूरी दुनिया में सप्लाई चेन टूट सकती है, जिससे वैश्विक मंदी का खतरा भी पैदा हो सकता है।

क्या पुतिन को रोकने के लिए ट्रंप भारत को झुका पाएंगे?

डोनाल्ड ट्रंप का यह कदम साफ संदेश है कि 'अमेरिका फर्स्ट' की नीति में अब कोई समझौता नहीं होगा। भारत के लिए चुनौती यह है कि वह अपने पुराने मित्र रूस और रणनीतिक पार्टनर अमेरिका के बीच कैसे संतुलन बिठाता है। क्या कूटनीति इस 500% टैरिफ की आग को बुझा पाएगी?

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।