Chaibasa Raid: जहरीली साजिश, चाईबासा में घर के अंदर चल रही थी नकली शराब की फैक्ट्री, सरकारी लोगो देख पुलिस दंग
चाईबासा के गंजड़ा टोला में पुलिस ने एक ऐसी अवैध शराब फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है जहाँ ब्रांडेड बोतलों में स्प्रिट भरकर झारखंड सरकार का फर्जी लोगो लगाया जा रहा था। मोटू जोजो के घर से बरामद हुए उपकरणों और इस जानलेवा खेल के पीछे छिपे सिंडिकेट की पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी असली के नाम पर बिकने वाले इस जहर को कभी नहीं पहचान पाएंगे।
चाईबासा, 8 जनवरी 2026 – पश्चिमी सिंहभूम जिले की चाईबासा पुलिस ने अवैध शराब माफियाओं के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली कार्रवाई की है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के गंजड़ा टोला (हाथीबासा) में चल रहे एक 'होम-बेस्ड' नकली अंग्रेजी शराब कारखाने का भंडाफोड़ हुआ है। यहाँ किसी बड़े ब्रांड की तरह नहीं, बल्कि एक घर के भीतर साधारण उपकरणों से ब्रांडेड अंग्रेजी शराब तैयार की जा रही थी। पुलिस ने मौके से न केवल भारी मात्रा में तैयार नकली शराब बरामद की है, बल्कि झारखंड सरकार के फर्जी लोगो और नामी कंपनियों के स्टिकर जब्त कर यह साबित कर दिया है कि यह गिरोह सरकारी राजस्व को चूना लगाने के साथ-साथ लोगों की जान से भी खिलवाड़ कर रहा था।
मोटू जोजो का 'देसी' वॉर-रूम: स्प्रिट से बन रही थी विदेशी शराब
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि हाथीबासा निवासी मोटू जोजो अपने दो साथियों के साथ मिलकर अपने ही घर को शराब की फैक्ट्री में तब्दील कर चुका है।
-
अचानक दबिश: सूचना के आधार पर गठित विशेष छापामार दल ने जब मोटू जोजो के घर पर औचक छापेमारी की, तो वहां का नजारा देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए।
-
फर्जी लोगो का खेल: घर के भीतर बड़ी संख्या में खाली बोतलें, ढक्कन और विभिन्न शराब कंपनियों के स्टिकर बिखरे पड़े थे। सबसे हैरान करने वाली बात झारखंड सरकार का लोगो लगे वे फर्जी स्टिकर थे, जिन्हें ढक्कन पर चिपकाकर शराब को 'असली' दिखाने की कोशिश की जाती थी।
-
बरामद उपकरण: पुलिस ने मौके से कच्चा स्प्रिट और बोतलों को सील करने वाला लकड़ी का हथौड़ा भी बरामद किया है। इसी हथौड़े की चोट से नकली ढक्कनों को बोतलों पर फिट किया जाता था।
तीन नामजद आरोपियों पर शिकंजा: पुलिस की बड़ी कार्रवाई
चाईबासा पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है।
-
मुख्य आरोपी: मोटू जोजो, जो इस पूरे अवैध कारोबार का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।
-
फरार साथी: उसके दो अन्य साथियों की पहचान कर ली गई है, जो वितरण और मार्केटिंग का काम संभालते थे।
-
धाराएं: पुलिस ने उत्पाद अधिनियम के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल तीनों आरोपी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है।
चाईबासा शराब फैक्ट्री रेड: जब्ती सूची (Seizure Snapshot)
| सामग्री | विवरण (Details) |
| कच्चा माल | भारी मात्रा में कच्चा स्प्रिट |
| पैकेजिंग | खाली कांच की बोतलें और ढक्कन |
| फर्जी दस्तावेज | विभिन्न कंपनियों के स्टिकर और सरकारी लोगो |
| उपकरण | सील करने वाला लकड़ी का हथौड़ा |
| आरोपी | मोटू जोजो एवं 02 अन्य (नामजद) |
इतिहास और जोखिम: चाईबासा में नकली शराब का काला पन्ना
पश्चिमी सिंहभूम और चाईबासा का क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से वन क्षेत्रों से घिरा होने के कारण अवैध शराब के निर्माण के लिए सुरक्षित माना जाता रहा है। पिछले कुछ वर्षों में चाईबासा के ग्रामीण इलाकों में 'नकली अंग्रेजी शराब' का चलन बढ़ा है। साल 2021 में भी इसी तरह की एक घटना सामने आई थी जहाँ नकली शराब पीने से कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई थी। माफिया अक्सर 'रिफिलिंग' तकनीक का इस्तेमाल करते हैं, जिसमें सस्ती शराब या स्प्रिट को महंगी बोतलों में भरकर ऊंचे दामों पर बेचा जाता है। चाईबासा पुलिस की यह कार्रवाई 2026 की शुरुआत में शराब सिंडिकेट की कमर तोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
कैसे पहचानें असली और नकली का फर्क?
इस छापेमारी के बाद पुलिस ने आम नागरिकों को भी सचेत किया है।
-
हथौड़े के निशान: बरामद लकड़ी का हथौड़ा यह बताता है कि बोतलों को मैन्युअल तरीके से सील किया जा रहा था। असली बोतलों की सीलिंग मशीनों से होती है जो एकदम सटीक होती है।
-
लोगो की बनावट: नकली स्टिकर अक्सर हल्के रंग के होते हैं और उनके शब्द मिटने लगते हैं।
-
स्प्रिट की गंध: कच्चा स्प्रिट लीवर और किडनी के लिए जानलेवा होता है। इसकी गंध सामान्य शराब से कहीं अधिक तीखी और कड़वी होती है।
फरार आरोपियों की तलाश तेज
मुफस्सिल थाना पुलिस का कहना है कि यह एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। मोटू जोजो की गिरफ्तारी के बाद यह खुलासा हो पाएगा कि यह नकली शराब कहाँ-कहाँ सप्लाई की जा रही थी। चाईबासा पुलिस ने जनता से अपील की है कि किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
What's Your Reaction?


