Jamshedpur Digital: टाटा स्टील में नयी व्यवस्था लागू, कर्मचारियों को मिलेगा बड़ा फायदा!
टाटा स्टील ने भर्ती प्रक्रिया और वरिष्ठता सूची को डिजिटल बना दिया है! इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और कर्मचारियों को मिलेगा बड़ा फायदा। जानिए इस नयी व्यवस्था के बारे में।

जमशेदपुर: टाटा स्टील में एक बड़ी डिजिटल क्रांति आई है! कंपनी ने अपने कर्मचारियों के लिए दो नयी डिजिटल व्यवस्थाएं लागू की हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और कामकाज की प्रक्रिया त्रुटिमुक्त होगी। यह बदलाव केवल एक तकनीकी अपग्रेड नहीं है, बल्कि कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं देने और भर्ती प्रक्रिया में निष्पक्षता लाने का प्रयास है। इस पहल का उद्घाटन टाटा स्टील की वीपी एचआरएम अतरई सान्याल और टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु ने किया।
क्या है टाटा स्टील की नयी डिजिटल व्यवस्था?
टाटा स्टील ने अपने कर्मचारियों के लिए आंतरिक बहाली और वेकेंसी सिस्टम को पूरी तरह से डिजिटल कर दिया है। इसका मतलब है कि अब भर्ती और पदोन्नति प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और पक्षपात की संभावना खत्म होगी।
कैसे काम करेगा यह डिजिटल सिस्टम?
- वेकेंसी आधारित पदोन्नति और आंतरिक भर्ती प्रक्रिया अब एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए होगी।
- कर्मचारियों को रियल टाइम में अपडेट मिलेंगे और पूरी प्रक्रिया अधिक तेज और निष्पक्ष होगी।
- वरिष्ठता सूची (Seniority List) का भी डिजिटलीकरण कर दिया गया है, जिससे एचआर विभाग को सही डेटा मिलेगा और किसी भी विवाद की संभावना कम होगी।
- मासिक डेटा अपडेट के साथ यह प्रक्रिया पूरी तरह से स्वचालित होगी।
कर्मचारियों को क्या होंगे फायदे?
- भर्ती प्रक्रिया में कोई भी हेरफेर नहीं होगा।
- बिना किसी देरी के, समय पर प्रमोशन और नियुक्तियां होंगी।
- कर्मचारियों के अनुभव में सुधार होगा और उनका भरोसा बढ़ेगा।
- डिजिटल व्यवस्था से पेपर वर्क खत्म होगा, जिससे प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनेगी।
क्या कहते हैं टाटा स्टील के अधिकारी?
टाटा स्टील की वीपी एचआरएम अतरई सान्याल ने कहा कि, "इस नयी डिजिटल व्यवस्था से कर्मचारियों को बेहतर और त्वरित जानकारी मिलेगी।"
वहीं, टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु ने बताया कि, "इस पहल से भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी होगी, जिससे कर्मचारियों का कंपनी पर भरोसा और मजबूत होगा।"
इतिहास में झांकें: टाटा स्टील और डिजिटल परिवर्तन
टाटा स्टील भारत की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित कंपनियों में से एक है। 1907 में स्थापित टाटा स्टील ने भारतीय उद्योग को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई है। पहले जहां सबकुछ मैनुअल सिस्टम पर चलता था, वहीं अब टाटा स्टील लगातार डिजिटलीकरण की ओर बढ़ रही है।
पहले कर्मचारियों को अपनी वरिष्ठता सूची, प्रमोशन या भर्ती के लिए मैन्युअल तरीके से आवेदन करना पड़ता था। लेकिन अब यह प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन और स्वचालित हो गई है, जिससे तेजी, पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सकेगी।
डिजिटलीकरण से टाटा स्टील को क्या होगा फायदा?
- कंपनी के काम करने का तरीका और अधिक प्रभावी होगा।
- पेपर वर्क खत्म होगा, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी।
- कर्मचारियों की शिकायतें कम होंगी और वे ज्यादा संतुष्ट रहेंगे।
- भर्ती और पदोन्नति में किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना खत्म होगी।
निष्कर्ष: डिजिटल युग की ओर टाटा स्टील का बड़ा कदम!
टाटा स्टील का यह डिजिटल परिवर्तन सिर्फ कर्मचारियों के लिए नहीं, बल्कि पूरे उद्योग के लिए एक नया उदाहरण है। यह पहल दिखाती है कि आधुनिक तकनीक कैसे पारदर्शिता और उत्पादकता बढ़ाने में मदद कर सकती है। इस नई प्रणाली से कर्मचारियों का अनुभव बेहतर होगा, कंपनी पर भरोसा बढ़ेगा और टाटा स्टील एक और डिजिटल क्रांति की ओर बढ़ेगी।
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