Jamshedpur: स्वावलंबी भारत अभियान ने जे एन टाटा कॉलेज में 15 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का किया शुभारंभ!
स्वावलंबी भारत अभियान और खादी ग्रामोद्योग आयोग ने जे एन टाटा कॉलेज में 15 दिवसीय विद्युतीय क्षेत्र प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया। जानें इस आयोजन की पूरी कहानी और युवाओं के रोजगार के नए अवसर।

Jamshedpur: स्वावलंबी भारत अभियान और खादी ग्रामोद्योग आयोग के संयुक्त प्रयास से जे एन टाटा वोकेशनल कॉलेज, बिस्टुपुर में विद्युतीय क्षेत्र से संबंधित 15 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया गया। इस प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य युवा छात्रों को स्वावलंबी बनाने के साथ ही उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करना है। उद्घाटन समारोह में कई प्रमुख अतिथिगण ने हिस्सा लिया और इस पहल को देश के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
कौन थे मुख्य अतिथि और क्या था आयोजन का उद्देश्य?
उद्घाटन समारोह में स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय सह संघर्षवाहिनी प्रमुख श्री बंदे शंकर सिंह, टाटा स्टील लर्निंग डिपार्टमेंट की हेड श्रीमती कुमुद लता, खादी ग्रामोद्योग आयोग रांची के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी श्री सुसंतो चक्रबर्ती, और जे एन टी वी टी के निदेशक श्री बी बी सिंह सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित थे।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारत सरकार के खादी ग्रामोद्योग आयोग द्वारा कौशल विकास और रोजगार के अवसर प्रदान करना था। प्रशिक्षण शिविर में विद्युतीय क्षेत्र के बारे में गहराई से जानकारी दी जाएगी, जिससे युवा उभरते हुए तकनीकी कौशल को सीख सकेंगे और नौकरी प्राप्त कर सकेंगे।
इतिहास और स्वावलंबन का महत्व
इस अवसर पर बंदी शंकर सिंह जी ने ऐतिहासिक संदर्भ में कहा कि 1000 ईस्वी तक भारत विश्व की जीडीपी में लगभग 35% योगदान देता था। लेकिन ब्रिटिश शासन के दौरान इस आंकड़े में भारी गिरावट आई, और आज यह 3% से भी कम रह गया है। उन्होंने बताया कि यह सब तब हुआ जब हम स्वदेशी उत्पादों के स्थान पर विदेशी सामानों का उपभोग करने लगे। उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया कि यदि हम अपने कौशल का विकास करें और स्वावलंबी बनें तो हम न केवल भारत को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना सकते हैं, बल्कि लाखों लोगों को रोजगार भी प्रदान कर सकते हैं।
प्रशिक्षण से जुड़ी खास बातें
श्री बी बी सिंह, निदेशक जे एन टाटा वोकेशनल कॉलेज ने इस अवसर पर कहा कि उनका संस्थान श्री जे एन टाटा की प्रेरणा से जरूरतमंद बच्चों को प्रशिक्षित कर रोजगार दिलाने का काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि उनके संस्थान में नॉन मैट्रिक से लेकर पोस्ट ग्रेजुएट बच्चों के लिए कोर्स हैं और अब तक लगभग 23000 बच्चे नौकरी कर रहे हैं। यह आंकड़ा इस संस्थान के सफल कार्यों को दर्शाता है।
कुमुद लता जी ने खादी ग्रामोद्योग आयोग के काम की सराहना की और विद्यार्थियों को विश्वास दिलाया कि प्रशिक्षण के दौरान टाटा स्टील उनके साथ रहेगा, साथ ही उन्हें रोजगार मिलने तक मार्गदर्शन भी प्रदान करेगा।
आगे का मार्ग
इस 15 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में 20 बच्चों को विद्युतीय क्षेत्र में कार्य करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। बच्चों को हर पहलु पर प्रशिक्षण मिलेगा, ताकि वे अपने कौशल को उन्नत कर सकें और स्वावलंबी बन सकें। इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन रोजगार की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित लोग
कार्यक्रम में अमित मिश्रा, अनिल राय, मधुलिका मेहता, राज कुमार साह, राजपति देवी, जयप्रकाश सिंह, दुर्गा सैनी, अशोक कुमार के साथ 80 बच्चे भी उपस्थित थे। सभी ने इस पहल का स्वागत किया और इसे स्वावलंबन के एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा।
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