Ranchi Bulldozer: बड़ा एक्शन, रांची रिम्स की जमीन पर चला बुलडोजर, जमींदोज हुई अवैध 'कैलाश कोठी', हाईकोर्ट के आदेश पर हड़कंप

रांची के रिम्स परिसर में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अवैध 'कैलाश कोठी' पर बुलडोजर चलाकर प्रशासन ने 38 डिसमिल सरकारी जमीन मुक्त करा ली है। हाईकोर्ट के सख्त आदेश और विरोध कर रहे लोगों की मीडिया पर पाबंदी लगाने की जिद के बीच हुई इस बड़ी कार्रवाई की पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी राजधानी में चल रहे इस सबसे बड़े ध्वस्तीकरण अभियान की इनसाइड स्टोरी नहीं जान पाएंगे।

Jan 5, 2026 - 20:53
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Ranchi Bulldozer: बड़ा एक्शन, रांची रिम्स की जमीन पर चला बुलडोजर, जमींदोज हुई अवैध 'कैलाश कोठी', हाईकोर्ट के आदेश पर हड़कंप
Ranchi Bulldozer: बड़ा एक्शन, रांची रिम्स की जमीन पर चला बुलडोजर, जमींदोज हुई अवैध 'कैलाश कोठी', हाईकोर्ट के आदेश पर हड़कंप

रांची, 5 जनवरी 2026 – झारखंड की राजधानी रांची में सोमवार को कानून का डंडा एक बार फिर पूरी ताकत से चला। राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) की बेशकीमती जमीन पर सालों से काबिज अतिक्रमणकारियों के खिलाफ प्रशासन ने निर्णायक युद्ध छेड़ दिया है। झारखंड हाई कोर्ट के कड़े रुख के बाद डीआईजी ग्राउंड इलाके में स्थित अवैध निर्माण 'कैलाश कोठी' को मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया गया। भारी विरोध और तनातनी के बीच बुलडोजर की गरज ने यह साफ कर दिया कि सरकारी जमीन पर रसूख और कब्जे के दिन अब खत्म हो चुके हैं। यह कार्रवाई केवल एक बिल्डिंग गिराना नहीं, बल्कि रिम्स के विस्तार की राह में खड़ी सबसे बड़ी बाधा को हटाना है।

कैलाश कोठी का अंत: 38 डिसमिल जमीन पर था कब्जा

बड़गाईं अंचल के अधिकारियों और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में सोमवार सुबह इस ध्वस्तीकरण अभियान को अंजाम दिया गया।

  • अवैध साम्राज्य: बड़गाईं सीओ (CO) के अनुसार, कैलाश कोठी लगभग 38 डिसमिल जमीन पर अवैध रूप से खड़ी की गई थी। यह पूरी जमीन रिम्स के मास्टर प्लान का हिस्सा है।

  • मीडिया पर पाबंदी की मांग: कार्रवाई के दौरान वहां मौजूद लोगों ने जबरदस्त विरोध किया। दिलचस्प बात यह रही कि अतिक्रमणकारी कैमरे के सामने आने से बचते रहे और उन्होंने मीडिया कर्मियों को खबर न दिखाने की धमकी तक दे डाली, लेकिन प्रशासन के कड़े रुख के आगे उनकी एक न चली।

  • हाईकोर्ट का कड़ा फैसला: कैलाश कोठी के मालिकों ने हाई कोर्ट में स्टे (रोक) लगाने के लिए अंतिम समय तक कानूनी लड़ाई लड़ी, लेकिन अदालत ने उनकी याचिका को खारिज करते हुए जमीन खाली कराने का आदेश दिया था।

युद्धक्षेत्र बना डीआईजी ग्राउंड: चप्पे-चप्पे पर पुलिस

सोमवार की सुबह से ही रिम्स के डीआईजी ग्राउंड इलाके का मंजर किसी युद्धक्षेत्र जैसा नजर आ रहा था।

  1. सुरक्षा का घेरा: सुरक्षा के मद्देनजर कई थानों की पुलिस और महिला बल को तैनात किया गया था ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

  2. घंटों चली कार्रवाई: बुलडोजर और हाइड्रोलिक मशीनों ने जैसे ही कोठी की दीवारों पर प्रहार किया, वर्षों पुराना अवैध निर्माण ताश के पत्तों की तरह ढह गया।

  3. अगला टारगेट: प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह तो बस शुरुआत है। मंगलवार को भी अभियान जारी रहेगा और डीआईजी ग्राउंड के आसपास के अन्य अवैध कब्जों को भी ढहाया जाएगा।

रिम्स अतिक्रमण हटाओ अभियान: मुख्य विवरण (Action Snapshot)

विवरण जानकारी (Updates)
निशाने पर निर्माण कैलाश कोठी (अवैध)
जमीन का क्षेत्रफल 38 डिसमिल (लगभग)
क्षेत्र डीआईजी ग्राउंड, रिम्स परिसर
प्रशासनिक टीम बड़गाईं सीओ और रांची पुलिस
कानूनी आधार झारखंड हाई कोर्ट का अंतिम आदेश

इतिहास और रसूख: रिम्स की जमीन और अवैध कब्जों का पुराना खेल

रिम्स (पुराना नाम आरएमसीएच) की जमीन का विवाद दशकों पुराना है। ऐतिहासिक रूप से, रिम्स को झारखंड और बिहार के मरीजों के लिए 'लाइफलाइन' माना जाता है, लेकिन इसकी विकास योजनाओं में सबसे बड़ी रुकावट इसके चारों ओर फैला अतिक्रमण रहा है। 1990 के दशक से ही रिम्स के आसपास के रसूखदार लोगों ने अस्पताल की जमीन पर बाउंड्री वॉल खड़ी कर ली थी। कैलाश कोठी का मामला पिछले कई सालों से कानूनी दांव-पेच में फंसा हुआ था। कई बार नोटिस जारी होने के बावजूद राजनीति और स्थानीय प्रभाव के कारण इसे छुआ नहीं जा सका था। 2026 की यह कार्रवाई रिम्स के इतिहास में मील का पत्थर मानी जा रही है, क्योंकि अब यहाँ मरीजों के लिए नई सुविधाएं और हॉस्टल बनाने का रास्ता साफ हो गया है।

हाईकोर्ट की फटकार और प्रशासन की सक्रियता

झारखंड हाई कोर्ट ने हाल की सुनवाइयों में रिम्स प्रबंधन और जिला प्रशासन को जमकर फटकार लगाई थी।

  • अदालती रुख: कोर्ट ने कहा था कि अगर सरकारी संस्थान की जमीन ही सुरक्षित नहीं रहेगी, तो आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं कैसे मिलेंगी?

  • जमींदोज हुई याचिका: कैलाश कोठी की ओर से दाखिल याचिकाओं को कोर्ट ने यह कहते हुए खारिज किया कि अवैध निर्माण को संरक्षण देना जनहित के खिलाफ है।

  • निरंतरता: बड़गाईं सीओ ने साफ लहजे में कहा कि जब तक रिम्स की एक-एक इंच जमीन मुक्त नहीं हो जाती, बुलडोजर थमेगा नहीं। मंगलवार की कार्रवाई के लिए चिन्हित मकानों की लिस्ट भी तैयार कर ली गई है।

सरकारी जमीन पर अब कानून का राज

रिम्स में 'कैलाश कोठी' का गिरना उन सभी लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो सरकारी संपत्तियों को अपनी जागीर समझते हैं। यह कार्रवाई न केवल रिम्स के भविष्य के लिए सुखद है, बल्कि रांची में भू-माफियाओं के खिलाफ प्रशासन की बढ़ती ताकत का भी प्रमाण है। कल फिर बुलडोजर गरजेगा, और अवैध कब्जों का अंत होगा।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।