Hatia Raid: नार्कोस का कहर, ओडिशा से बिहार जा रहा 8 लाख का गांजा हटिया स्टेशन पर पकड़ाया, दो तस्कर गिरफ्तार
रांची के हटिया स्टेशन पर आरपीएफ ने 'ऑपरेशन नार्कोस' के तहत 16 किलो गांजे की खेप के साथ ओडिशा के दो शातिर तस्करों को दबोच लिया है। संबलपुर से बिहार तक फैले इस नशे के काले कारोबार और एक साल में जब्त हुए 530 किलो गांजे की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी ट्रेनों में सफर कर रहे इन 'साइलेंट किलर' तस्करों के नए रूट्स से अनजान रह जाएंगे।
रांची, 16 जनवरी 2026 – झारखंड की राजधानी रांची के हटिया रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ (RPF) ने नशे के सौदागरों के खिलाफ एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। 'ऑपरेशन नार्कोस' के तहत की गई इस कार्रवाई में आरपीएफ पोस्ट हटिया और फ्लाइंग टीम ने 16 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाला गांजा बरामद किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपये बताई जा रही है। 15 जनवरी की शाम हुई इस कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि रांची रेल मंडल अब नशे के तस्करों के लिए 'नो-गो ज़ोन' बनता जा रहा है। गिरफ्तार किए गए दोनों तस्कर ओडिशा से गांजे की खेप लेकर बिहार में खपाने की फिराक में थे।
प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर बिछा जाल: पिट्ठू बैग में छिपा था 'काला सोना'
कमांडेंट आरपीएफ रांची मंडल पवन कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान यह सफलता हाथ लगी।
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संदिग्धों की पहचान: ट्रेन संख्या 18452 (पुरी-हटिया एक्सप्रेस) के प्लेटफॉर्म पर लगने के बाद, पार्सल कार्यालय के पास दो युवक संदिग्ध स्थिति में बैठे थे। उनके भारी पिट्ठू बैग पुलिस की नजरों से बच नहीं सके।
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ओडिशा कनेक्शन: पकड़े गए आरोपियों की पहचान मंटू मलिक उर्फ मनोरंजन मलिक (संबलपुर) और आलोक डिगल (कंधमाल) के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने कबूला कि वे ओडिशा के जंगलों से यह माल लेकर आए थे।
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मौके पर जांच: सहायक सुरक्षा आयुक्त अशोक कुमार सिंह की मौजूदगी में 'ड्रग डिटेक्शन किट' से जांच की गई, जिसमें बरामद पदार्थ शुद्ध गांजा पाया गया। दोनों के बैग से 8-8 किलो गांजा निकला।
बिहार था अगला टारगेट: मोबाइल और ई-टिकट से खुले राज
आरपीएफ ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन और एक ई-टिकट भी जब्त किया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि:
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डिलीवरी नेटवर्क: गांजे की यह खेप हटिया से सड़क मार्ग या अन्य पैसेंजर ट्रेन के जरिए बिहार ले जाई जानी थी।
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मोबाइल डेटा: जब्त मोबाइल फोन से पुलिस को उन 'हैंडलर्स' के नंबर मिले हैं जो ओडिशा और बिहार के बीच इस सिंडिकेट को ऑपरेट कर रहे हैं।
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एनडीपीएस एक्ट: आरोपियों को जीआरपीएस हटिया को सौंप दिया गया है, जहाँ उनके खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम की कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
हटिया गांजा बरामदगी: मुख्य विवरण (Crime Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| कुल बरामदगी | 16 किलोग्राम गांजा |
| अनुमानित कीमत | लगभग 08 लाख रुपये |
| पकड़े गए आरोपी | मंटू मलिक (संबलपुर) और आलोक डिगल (कंधमाल) |
| ट्रेन का नाम | 18452 पुरी-हटिया एक्सप्रेस |
| एक साल का रिकॉर्ड | 530 किलो गांजा जब्त, 39 गिरफ्तार |
530 किलो गांजा: आरपीएफ रांची की 365 दिनों की मेहनत
आरपीएफ की वार्षिक रिपोर्ट 2025 के आंकड़े चौंकाने वाले हैं:
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गिरफ्तारियां: पूरे साल में आरपीएफ ने 39 तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा है।
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बिहार कनेक्शन: पकड़े गए 90% मामलों में गांजे की मंजिल बिहार के विभिन्न जिले थे।
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सख्ती का असर: हटिया, रांची और मुरी स्टेशनों पर आरपीएफ की फ्लाइंग टीम अब 'डॉग स्क्वायड' और गुप्तचरों की मदद से हर संदिग्ध सामान की स्कैनिंग कर रही है।
नशे के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस
आरपीएफ कमांडेंट पवन कुमार की इस कार्रवाई ने नशे के सौदागरों को कड़ा संदेश दिया है। हटिया स्टेशन पर हुई यह गिरफ्तारी केवल एक शुरुआत है; पुलिस अब उन बड़े चेहरों तक पहुँचने की कोशिश कर रही है जो ओडिशा के खेतों से लेकर बिहार के बाजारों तक इस जहर को पहुँचा रहे हैं।
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