Palamu Tragedy : पलामू में रामनवमी उत्सव देखने जा रहे कपड़ा कारोबारी की मौत, बंगाल से आए थे पलामू, हादसे ने पसरा मातम
पलामू के पाटन में रामनवमी उत्सव देखने जा रहे बंगाल के कपड़ा कारोबारी की आटो पलटने से दर्दनाक मौत हो गई है। हादसे में घायल चालक और अन्य यात्री की स्थिति और मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज में हुई इस दुखद घटना की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
मेदिनीनगर/पलामू, 27 मार्च 2026 – झारखंड के पलामू जिले में गुरुवार की रात खुशियों का माहौल मातम में बदल गया। पाटन थाना क्षेत्र में एक अनियंत्रित आटो के पलट जाने से पश्चिम बंगाल के रहने वाले एक कपड़ा कारोबारी की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब बंगाल से आकर पलामू में रोजी-रोटी कमा रहे कुछ लोग पास के गांव में रामनवमी का उत्सव देखने जा रहे थे। इस दुखद घटना में एक व्यक्ति ने दम तोड़ दिया है, जबकि चालक समेत दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं। मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज-अस्पताल (MMCH) में डॉक्टरों ने व्यवसायी को मृत घोषित कर दिया, जिसके बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में शोक की लहर दौड़ गई है।
उत्सव की राह में बिछ गई मौत: रात 8:30 बजे का वह मंजर
पलामू के पाटन में किराए के मकान में रहकर गांव-गांव घूमकर कपड़ा बेचने वाले व्यापारियों के लिए गुरुवार की रात काली साबित हुई।
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मृतक की पहचान: हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पहचान पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना निवासी अभिजीत जाना (40) के रूप में हुई है।
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हादसे की वजह: रात करीब 8:30 बजे अभिजीत अपने साथी सिबना मंडल और चालक सोनू कुमार के साथ आटो में सवार होकर पड़वा मोड़ की ओर जा रहे थे। रास्ते में आटो की रफ्तार तेज होने के कारण वह अनियंत्रित होकर सड़क पर ही पलट गया।
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घायलों की स्थिति: चालक सोनू कुमार (32) और बंगाल निवासी सिबना मंडल (35) को गंभीर चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए सभी को पाटन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुँचाया।
अस्पताल में कोहराम: बंगाल से पलामू तक मातम
पाटन CHC में प्राथमिक उपचार के बाद अभिजीत और सिबना की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
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डॉक्टरों का जवाब: जैसे ही एम्बुलेंस MMCH पहुँची, चिकित्सकों ने अभिजीत जाना की नब्ज जांची और उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल: बंगाल से हजारों किलोमीटर दूर पलामू में मेहनत कर रहे अभिजीत के साथियों के लिए यह किसी बड़े सदमे से कम नहीं है।
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पुलिसिया कार्रवाई: अस्पताल की पुलिस चौकी के अधिकारियों ने शव को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। बंगाल स्थित उनके पैतृक गांव में परिजनों को सूचित कर दिया गया है।
पलामू और 'फेरी' वालों का रिश्ता: एक कठिन जीवन
पलामू और पलामू प्रमंडल के जिलों में पश्चिम बंगाल के व्यापारियों का दशकों पुराना नाता रहा है।
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फेरी का व्यापार: बंगाल के 24 परगना और मुर्शिदाबाद जैसे जिलों से सैकड़ों लोग पलामू आकर किराए पर रहते हैं। ये लोग साइकिल या आटो के जरिए सुदूर गांवों में जाकर साड़ियां और रेडीमेड कपड़े बेचते हैं।
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रामनवमी और त्योहारों का महत्व: झारखंड में रामनवमी का उत्सव बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। व्यापारी अक्सर इन त्योहारों के दौरान मेलों और उत्सवों में अपनी थकान मिटाने जाते हैं, लेकिन सड़क सुरक्षा की अनदेखी कई बार भारी पड़ जाती है।
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सड़कों का जाल: पाटन और पड़वा के बीच की सड़कों पर रात के समय तेज रफ्तार वाहन और खराब रोशनी अक्सर हादसों का कारण बनती है।
अगला कदम: सुरक्षा ऑडिट और मुआवजे की प्रक्रिया
हादसे के बाद प्रशासन अब ग्रामीण सड़कों पर ओवरस्पीडिंग और आटो संचालकों की फिटनेस पर सवाल उठा रहा है।
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पोस्टमार्टम की तैयारी: शुक्रवार सुबह अभिजीत के शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा, जिसके बाद उनके पार्थिव शरीर को बंगाल भेजने की व्यवस्था की जाएगी।
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घायलों का इलाज: सिबना मंडल की स्थिति अभी भी स्थिर बनी हुई है। उनके इलाज की देखरेख पलामू के स्थानीय व्यापारी संघ द्वारा की जा रही है।
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ट्रैफिक अलर्ट: पाटन पुलिस ने अपील की है कि त्योहारों के सीजन में भीड़भाड़ को देखते हुए छोटे वाहन चालक अपनी गति पर नियंत्रण रखें और नियमों का पालन करें।
पलामू में हुआ यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि सड़कों पर बरती गई एक छोटी सी लापरवाही किसी का सुहाग और किसी का सहारा छीन सकती है। बंगाल से पलामू आकर मेहनत करने वाले अभिजीत जाना का रामनवमी देखने का सपना अधूरा रह गया। पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हादसे के स्पष्ट तकनीकी कारणों का पता चल पाएगा। फिलहाल, पलामू के कपड़ा कारोबारी समुदाय में शोक है और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की जा रही है। क्या प्रशासन इन घुमंतू व्यापारियों की सुरक्षा और बीमा के लिए कोई ठोस नीति बनाएगा?
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