Jharkhand Weather : बर्फीली आफत, झारखंड के 13 जिलों में येलो अलर्ट जारी, 3 डिग्री तक गिरा पारा, जानें कब मिलेगी कनकनी से राहत
झारखंड में कड़ाके की ठंड और शीतलहर ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। रांची समेत 13 जिलों के लिए जारी येलो अलर्ट और अगले 48 घंटों में मौसम में होने वाले बड़े बदलाव की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी अचानक बदलते मौसम और गिरते पारे के इस खतरनाक अपडेट से बेखबर रह जाएंगे।
रांची, 16 जनवरी 2026 – झारखंड में कुदरत का मिजाज इन दिनों बेहद सख्त और जानलेवा बना हुआ है। राजधानी रांची समेत राज्य के बड़े हिस्से को 'कोल्ड वेव' (शीतलहर) ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है। बर्फीली हवाओं के थपेड़ों ने आम जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। हालात ऐसे हैं कि शाम ढलते ही राज्य के प्रमुख शहरों की सड़कों पर कर्फ्यू जैसा सन्नाटा पसर जाता है। 5 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चल रही सर्द हवाओं ने हड्डियों में कनकनी पैदा कर दी है, जिससे न्यूनतम तापमान लुढ़क कर 3 से 5 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुँच गया है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 13 जिलों में येलो अलर्ट जारी कर दिया है।
येलो अलर्ट की जद में आधे से ज्यादा झारखंड: पलामू में सबसे बुरा हाल
मौसम केंद्र रांची ने ठंड के खतरनाक स्तर को देखते हुए विशेष चेतावनी जारी की है।
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प्रभावित जिले: रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा, पलामू, गढ़वा, लातेहार, रामगढ़ और हजारीबाग सहित कुल 13 जिलों में शीतलहर का कहर जारी है।
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तापमान का ग्राफ: पलामू में पारा गिरकर 5 डिग्री तक पहुँच गया है, जबकि बोकारो में यह 7 डिग्री दर्ज किया गया है।
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स्वास्थ्य पर खतरा: मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि यह सूखी ठंड और बर्फीली हवाएं बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों के लिए बेहद जोखिम भरी हैं।
अलाव का सहारा: रांची की सड़कों पर संघर्ष का मंजर
राजधानी की फिजा में घुली ठंड का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सुबह 10 बजे तक लोग घरों में दुबके रहते हैं।
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लकड़ी की किल्लत: शहर के कई चौक-चौराहों पर लकड़ी की कमी के कारण लोग टायर और प्लास्टिक कचरा जलाकर ठंड से बचने की कोशिश कर रहे हैं।
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प्रशासनिक व्यवस्था: जगह-जगह अलाव जलाने की मांग जोर पकड़ रही है, क्योंकि रात के वक्त रैन-बसेरों के बाहर सो रहे मजदूरों के लिए यह ठंड जानलेवा साबित हो रही है।
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वायु गुणवत्ता की मार: ठंड के साथ-साथ गिरते 'AQI' ने सांस लेना दूभर कर दिया है। पलामू का AQI 189 तक पहुँच गया है, जो 'खराब' श्रेणी के करीब है।
झारखंड के प्रमुख शहरों का हाल (Weather & AQI Snapshot)
| शहर | अधिकतम तापमान | न्यूनतम तापमान | AQI (वायु गुणवत्ता) |
| पलामू | 24°C | 5°C | 189 |
| बोकारो | 23°C | 7°C | 185 |
| रांची | 22°C | 9°C | 180 |
| जमशेदपुर | 26°C | 9°C | 176 |
| धनबाद | 24°C | 9°C | 188 |
इतिहास का पन्ना: जब रांची बना था 'हिल स्टेशन' और पलामू का 'शून्य' रिकॉर्ड
झारखंड (तत्कालीन बिहार) के मौसम का इतिहास बेहद दिलचस्प रहा है। 19वीं शताब्दी के दौरान ब्रिटिश अधिकारी रांची को अपनी ग्रीष्मकालीन राजधानी इसलिए चुनते थे क्योंकि यहाँ की ठंड 'लंदन' जैसी सुखद हुआ करती थी। लेकिन पिछले कुछ दशकों में 'ग्लोबल वार्मिंग' ने इस स्वरूप को बदल दिया है। इतिहास गवाह है कि जनवरी 2011 में रांची का न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री तक पहुँच गया था, जिसने दशकों का रिकॉर्ड तोड़ दिया था। वहीं पलामू का इलाका, जो गर्मियों में 48 डिग्री तक तपता है, सर्दियों में 1.1 डिग्री (साल 1970 के दशक) तक गिरने का रिकॉर्ड भी रखता है। वर्तमान शीतलहर ने एक बार फिर उन पुराने सर्द दिनों की याद ताजा कर दी है, जब छोटानागपुर के पठारी इलाकों में सुबह घास पर ओस की बूंदें बर्फ की चादर बन जाती थीं।
राहत की खबर: जानें कब पिघलेगी 'बर्फ' जैसी ठंड?
मौसम विज्ञान केंद्र रांची के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने राहत के संकेत दिए हैं।
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17 जनवरी से बदलाव: कल से न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
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19 जनवरी के बाद राहत: शीतलहर का प्रभाव 19 जनवरी के बाद काफी कमजोर पड़ जाएगा। अनुमान है कि तब तक न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री तक का उछाल आएगा, जिससे रात की कनकनी से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
भले ही राहत की खबर आ रही हो, लेकिन अगले 48 घंटे झारखंड के लिए चुनौतीपूर्ण हैं। येलो अलर्ट वाले जिलों में रहने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे पर्याप्त गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करें और रात के समय अनावश्यक यात्रा से बचें।
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