Jamshedpur Arrest: भिखारी बनकर घर में घुसीं महिलाएं, बच्चों की आड़ में कर रही थीं हाथ साफ, भालूबासा में रंगे हाथों पकड़ी गई चोरनियां
जमशेदपुर के भालूबासा में भिखारी बनकर आई महिलाओं ने बच्चों की आड़ में चोरी का खौफनाक जाल बुना है। घर में घुसकर अलमारी साफ करने की इस लाइव वारदात और पकड़े जाने पर मचे हंगामे की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप शहर में सक्रिय इस नए 'बेबी गैंग' की साजिश से चूक जाएंगे।
जमशेदपुर, 6 फरवरी 2026 – लौहनगरी के सीतारामडेरा थाना अंतर्गत भालूबासा काली मंदिर रोड नंबर-9 में शुक्रवार की सुबह एक ऐसी घटना घटी, जिसने सुरक्षा के दावों की पोल खोलकर रख दी है। भिखारी का भेष धारण कर आई दो शातिर महिलाओं ने सहानुभूति बटोरने के लिए अपनी गोद में दूधमुंहे बच्चों को ले रखा था। इसी मासूमियत की आड़ में उन्होंने एक घर में घुसकर अलमारी साफ करने की कोशिश की। लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया और घर के सदस्यों की सतर्कता से दोनों महिलाएं अपने नन्हे 'सहयोगियों' के साथ रंगे हाथों पकड़ ली गईं।
खुला गेट और 'सफेदपोश' चोरी: अलमारी तक पहुँची उंगलियां
शुक्रवार सुबह जब मोहल्ले में चहल-पहल शुरू ही हुई थी, तभी इन महिलाओं ने एक घर का मुख्य गेट खुला देखा।
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चुपके से प्रवेश: बिना किसी आहट के दोनों महिलाएं बच्चों समेत घर के भीतर दाखिल हो गईं।
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टारगेट अलमारी: घर के सदस्य दूसरे कमरों में व्यस्त थे, जिसका फायदा उठाकर उन्होंने सीधे अलमारी खोल ली और मोबाइल फोन व कीमती सामान पर हाथ साफ करने लगीं।
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आवाज ने बिगाड़ा खेल: सामान समेटने के दौरान हुई हल्की खटपट ने घरवालों को चौकन्ना कर दिया। जैसे ही घर के सदस्य कमरे में पहुँचे, वहां का नजारा देखकर दंग रह गए।
पकड़े जाने पर 'मजबूरी' का ड्रामा: पुलिस की गिरफ्त में चोरनियां
जैसे ही घरवालों ने उन्हें पकड़ा, महिलाओं ने तुरंत अपना पैंतरा बदल लिया। खुद को घिरा देख वे रोने-बिलखने लगीं और खुद को बेहद गरीब व मजबूर बताने का नाटक करने लगीं। शोर सुनकर जुटे स्थानीय लोगों ने तुरंत सीतारामडेरा पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुँची पुलिस दोनों महिलाओं और बच्चों को हिरासत में लेकर थाने ले गई है।
भालूबासा चोरी कांड: मुख्य विवरण (Crime Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| स्थान | रोड नंबर-9, काली मंदिर के पास, भालूबासा |
| आरोपी | दो महिलाएं (भिखारी के भेष में) |
| हथियार/तरीका | छोटे बच्चों का इस्तेमाल कर सहानुभूति पाना |
| बरामदगी का प्रयास | मोबाइल फोन, कीमती घरेलू सामान |
| वर्तमान स्थिति | पुलिस हिरासत में पूछताछ जारी |
बच्चों का रहस्य: संगठित गिरोह की आशंका
पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। सबसे बड़ा सवाल उन बच्चों को लेकर है जो महिलाओं के साथ थे। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या वे बच्चे उन्हीं महिलाओं के हैं या उन्हें किराए पर लाया गया है? क्या यह कोई अंतरराज्यीय गिरोह है जो शहर के अलग-अलग मोहल्लों में बच्चों का इस्तेमाल कर चोरी करवा रहा है? महिलाओं के चोरी करने के प्रोफेशनल अंदाज के पीछे किसी बड़े गिरोह का हाथ होने की पूरी संभावना है।
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
भालूबासा की इस घटना ने मोहल्ले वासियों को डरा दिया है। स्थानीय लोगों ने अब अपील की है कि चाहे दिन हो या रात, घर के मुख्य गेट बंद रखें और किसी भी अजनबी, चाहे वह कितना भी मजबूर क्यों न दिखे, उसे सीधे घर के अंदर प्रवेश न दें।
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