Chaibasa Raid: मझगांव और बंदगांव में उत्पाद विभाग का महाधमाका, 3000 किलो जावा महुआ बरामद, जमीन खोदकर छिपाई शराब निकाली बाहर
पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा में उत्पाद विभाग ने अवैध शराब के ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की है। मझगांव और बंदगांव में 3000 किलो जावा महुआ और भारी मात्रा में देसी शराब नष्ट करने की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप जिले में चल रहे माफियाओं के इस खौफनाक नेटवर्क के सच से चूक जाएंगे।
चाईबासा, 6 फरवरी 2026 – पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) के सुदूरवर्ती इलाकों में चल रहे अवैध शराब के काले साम्राज्य पर उत्पाद विभाग ने काल बनकर हमला किया है। शुक्रवार को मझगांव और बंदगांव के जंगलों और गांवों में चली इस विशेष छापेमारी ने शराब माफियाओं की कमर तोड़ दी है। उत्पाद अधीक्षक रंजन तिवारी को मिली सटीक गुप्त सूचना के आधार पर हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने 3000 किलो से ज्यादा जावा महुआ और 120 लीटर तैयार शराब बरामद की है। इस दौरान एक माफिया रमेश गोप को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दूसरा आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल में गायब हो गया।
दोतरफा हमला: बंदगांव और मझगांव में पुलिस की दबिश
उत्पाद निरीक्षक निर्भय सिन्हा के नेतृत्व में बनी विशेष टीम ने दो अलग-अलग प्रखंडों में एक साथ छापेमारी शुरू की ताकि तस्करों को संभलने का मौका न मिले।
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बंदगांव का कराईकेला: यहाँ से टीम ने 80 लीटर तैयार अवैध देसी शराब और करीब 2000 किलो जावा महुआ बरामद किया, जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
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मझगांव के खड़पोष और ब्रह्मापानी: खड़पोष गांव में पुलिस ने घेराबंदी कर रमेश गोप को रंगे हाथों दबोच लिया। वहीं ब्रह्मापानी गांव में पुलिस के पहुँचते ही आरोपी असरल तिरिया फरार होने में सफल रहा। यहाँ से 1000 किलो महुआ और 40 लीटर शराब बरामद हुई।
भठ्ठियों को किया जमींदोज, नष्ट किए उपकरण
पुलिस ने केवल शराब ही नहीं पकड़ी, बल्कि शराब बनाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे बर्तनों, ड्रमों और भठ्ठियों को भी मौके पर ही तोड़ दिया। अवर निरीक्षक निर्भय कुमार सिन्हा ने चेतावनी दी है कि यह अभियान केवल शुरुआत है और आने वाले दिनों में जेल की सलाखें शराब माफियाओं का इंतजार कर रही हैं।
चाईबासा उत्पाद छापेमारी: मुख्य विवरण (Action Highlights)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| कुल महुआ बरामद | 3000 किलो (जावा महुआ) |
| तैयार शराब | 120 लीटर (देसी शराब) |
| गिरफ्तार आरोपी | रमेश गोप (खड़पोष गांव) |
| फरार आरोपी | असरल तिरिया (ब्रह्मापानी गांव) |
| नेतृत्व | उत्पाद अधीक्षक रंजन तिवारी |
जहरीली शराब का खतरा टला
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अवैध निर्माण में यूरिया और अन्य रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है, जो 'जहर' समान होता है। चाईबासा पुलिस ने इतनी बड़ी मात्रा में जावा महुआ नष्ट कर संभावित स्वास्थ्य त्रासदी को टाल दिया है। अब पुलिस फरार असरल तिरिया के खिलाफ केस दर्ज कर कुर्की-जब्ती की तैयारी कर रही है।
माफियाओं के लिए अंतिम चेतावनी
चाईबासा उत्पाद विभाग ने साफ कर दिया है कि जिले के किसी भी कोने में अगर धुआं उठता दिखा, तो पुलिस वहां पहुँच जाएगी। ग्रामीणों से भी अपील की गई है कि वे अपने क्षेत्र में हो रहे ऐसे अवैध निर्माण की जानकारी सीधे विभाग को दें।
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