Potka Fire: मजगांव में रंजिश की आग, पोलटू मंडल का सपनों वाला बगीचा खाक, तीन नामजद आरोपियों पर FIR, पुलिस की बड़ी दबिश
पोटका के मजगांव में पुरानी दुश्मनी के चलते एक लहलहाते आम के बगीचे को आग के हवाले कर दिया गया है। मालिक पोलटू मंडल की सालों की मेहनत जलकर राख होने और पुलिस अधिकारी मोबीन अंसारी की जांच के बीच फरार आरोपियों की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी ग्रामीणों के बीच भड़की इस नई रंजिश के सच को जानने से चूक जाएंगे।
जमशेदपुर/पोटका, 16 जनवरी 2026 – पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड अंतर्गत कोवाली थाना क्षेत्र के मजगांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ अराजक तत्वों ने आपसी रंजिश की आग में एक किसान के सपनों को जिंदा जला दिया। मजगांव निवासी पोलटू मंडल के आम के बगीचे में जानबूझकर आग लगा दी गई, जिससे सालों की मेहनत से तैयार किए गए कीमती पेड़-पौधे जलकर राख हो गए। इस घटना के बाद इलाके में तनाव है और पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। शुक्रवार को जांच अधिकारी ने घटनास्थल का दौरा कर साक्ष्य जुटाए हैं।
सालों की मेहनत राख: रंजिश में जला डाला 'हरा सोना'
आम के बाग के मालिक पोलटू मंडल के लिए यह बगीचा केवल पेड़ों का समूह नहीं, बल्कि उनकी आजीविका और भविष्य की उम्मीद था।
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वारदात का समय: घटना 10 जनवरी की बताई जा रही है, जब देर रात अराजक तत्वों ने सूनेपन का फायदा उठाकर बगीचे में आग लगा दी।
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भारी नुकसान: आग इतनी भीषण थी कि देखते ही देखते आम के सैकड़ों छोटे-बड़े पौधे झुलस गए। पोलटू मंडल का आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते उनके विरोधियों ने इस कायराना हरकत को अंजाम दिया है।
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पुलिस की दस्तक: कोवाली थाना में मामला दर्ज होने के बाद जांच का जिम्मा मोबीन अंसारी को सौंपा गया है। शुक्रवार को उन्होंने मजगांव पहुँचकर राख हो चुके बगीचे का मुआयना किया।
नामजद FIR: आरोपियों की तलाश में पुलिस की छापेमारी
पोलटू मंडल के आवेदन पर पुलिस ने गांव के ही तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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मुख्य आरोपी: अनूप कुमार मंडल, महितोस मंडल और जयंत मंडल को इस आगजनी का मुख्य सूत्रधार बनाया गया है।
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पुलिस की जांच: जांच अधिकारी मोबीन अंसारी ने शुक्रवार को मजगांव के ग्रामीणों से भी पूछताछ की। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के वक्त इन आरोपियों की लोकेशन क्या थी।
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फरार आरोपी: एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही तीनों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
मजगांव आगजनी कांड: मुख्य विवरण (Event Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| पीड़ित किसान | पोलटू मंडल |
| घटनास्थल | मजगांव, पोटका (कोवाली थाना) |
| आरोपी | अनूप मंडल, महितोस मंडल और जयंत मंडल |
| जांच अधिकारी | मोबीन अंसारी (कोवाली थाना) |
| वजह | पुरानी रंजिश / आपसी विवाद |
इतिहास का पन्ना: पोटका का कृषि गौरव और आपसी विवादों का काला साया
पोटका प्रखंड और कोवाली का इलाका अपनी उपजाऊ भूमि और उन्नत बागवानी के लिए ऐतिहासिक रूप से प्रसिद्ध रहा है। 19वीं शताब्दी के अंत में जमशेदपुर के बसने से पहले, यहाँ के किसान हपुस (Hapus) और लंगड़ा आम की उन्नत किस्मों के लिए जाने जाते थे। इतिहास गवाह है कि ग्रामीण इलाकों में 'जमीन और फसल' को लेकर विवाद सदियों पुराने हैं। साल 2012 और 2018 में भी कोवाली क्षेत्र में फसल जलाने और खलिहानों में आग लगाने की घटनाएं दर्ज हुई थीं, जो अक्सर ग्रामीण राजनीति और पुरानी रंजिशों का परिणाम होती हैं। एक किसान के लिए उसका बगीचा उसकी 'संतान' के समान होता है, और उसे जलाना सामाजिक अपराध की श्रेणी में आता है। मजगांव की यह घटना उसी सामंती सोच की याद दिलाती है जहाँ लोग नुकसान पहुँचाने के लिए प्रकृति को भी नहीं बख्शते।
ग्रामीणों में आक्रोश: न्याय की गुहार
शुक्रवार को जब पुलिस टीम मजगांव पहुँची, तो ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
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साक्ष्यों का संकलन: मोबीन अंसारी ने जले हुए पेड़ों के नमूने और घटनास्थल के आसपास मिले संदिग्ध निशानों को जांच के लिए शामिल किया है।
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मुआवजे की मांग: ग्रामीणों का कहना है कि पोलटू मंडल एक साधारण किसान हैं और इस नुकसान ने उन्हें आर्थिक रूप से तोड़ दिया है। प्रशासन को उन्हें उचित मुआवजा दिलाना चाहिए।
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पुलिस का बयान: कोवाली पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से जारी है और बहुत जल्द आरोपियों को जेल भेजा जाएगा।
सपनों की राख और कानून की आस
पोलटू मंडल का बगीचा भले ही जल गया हो, लेकिन कानून की आंच अब आरोपियों तक पहुँचने लगी है। मजगांव की यह घटना एक सबक है कि रंजिश में बेजुबान पेड़ों को निशाना बनाना कितना महंगा पड़ सकता है।
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