Chandil Fire: कपाली के स्क्रैप टाल में भीषण आग से लाखों का नुकसान, प्लास्टिक की बोतलों ने पकड़ी रफ्तार
चांडिल के कपाली में डोबो-कान्दरबेड़ा मार्ग पर स्थित स्क्रैप टाल में लगी भीषण आग और लाखों की क्षति की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप इस जलते हुए टाल और शॉर्ट सर्किट से मची तबाही के बड़े अपडेट से अनजान रह जाएंगे।
चांडिल/कपाली, 13 फरवरी 2026 – सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल अनुमंडल अंतर्गत कपाली ओपी क्षेत्र में गुरुवार की देर रात आग का तांडव देखने को मिला। डोबो-कान्दरबेड़ा मुख्य मार्ग पर कमाड़गोड़ा के पास स्थित एक स्क्रैप टाल (कबाड़खाना) में रात करीब 11:30 बजे अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें इतनी ऊंची उठने लगीं कि दूर-दूर से आसमान लाल दिखाई देने लगा। इस घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।
प्लास्टिक की बोतलों ने घी का काम किया: 11:30 बजे मची तबाही
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला।
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ज्वलनशील सामग्री: स्क्रैप टाल में भारी मात्रा में प्लास्टिक की खाली बोतलें और प्लास्टिक के बोरे रखे हुए थे। प्लास्टिक ने आग को और अधिक तीव्रता प्रदान की।
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बचाव की कोशिश: स्थानीय लोगों ने पास के संसाधनों से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग की भीषण लपटों के सामने सब बेबस नजर आए।
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लाखों की क्षति: इस अग्निकांड में टाल में रखा लाखों रुपये का कबाड़ और प्लास्टिक का सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया है।
कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू
सूचना मिलते ही कपाली ओपी प्रभारी धीरंजन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और तत्काल दमकल विभाग को सूचित किया। फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद लपटों पर काबू पाया, जिससे पास की बस्तियों तक आग पहुँचने से बच गई।
चांडिल स्क्रैप टाल अग्निकांड: मुख्य विवरण (Fire Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| स्थान | कमाड़गोड़ा, डोबो-कान्दरबेड़ा मार्ग, कपाली |
| समय | गुरुवार देर रात 11:30 बजे |
| कारण (संभावित) | बिजली का शॉर्ट सर्किट |
| क्षति | लाखों रुपये का स्क्रैप जलकर राख |
| राहत | किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं |
शॉर्ट सर्किट या मानवीय भूल? पुलिस कर रही जांच
कपाली ओपी प्रभारी धीरंजन कुमार के अनुसार, शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हालांकि, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या टाल में अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं। गनीमत रही कि जिस वक्त आग लगी, वहां कोई मजदूर मौजूद नहीं था, वरना बड़ा जानमाल का नुकसान हो सकता था।
सुलगते सवाल और सुरक्षा की चुनौती
चांडिल के इस अग्निकांड ने एक बार फिर रिहायशी इलाकों के पास स्थित इन असुरक्षित स्क्रैप टालों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल आग बुझा दी गई है, लेकिन राख के ढेर के बीच मालिक की जमा-पूंजी जलकर खाक हो चुकी है।
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