Palamu Trap: 7 हजार की घूस लेते रंगेहाथ धराया सरकारी अमीन, लातेहार अंचल कार्यालय में एसीबी का बड़ा धमाका, ऑनलाइन रसीद के नाम पर मांग रहा था रिश्वत

पलामू एसीबी ने लातेहार के गारू अंचल कार्यालय के अमीन मुनिदेव सिंह को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया है। जमीन की रसीद ऑनलाइन कराने के नाम पर मांगे गए पैसों और एसीबी के इस गुप्त बिछाए जाल की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप सरकारी दफ्तरों में चल रहे इस 'कमीशन खेल' के सच से अनजान रह जाएंगे।

Feb 13, 2026 - 14:34
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Palamu Trap: 7 हजार की घूस लेते रंगेहाथ धराया सरकारी अमीन, लातेहार अंचल कार्यालय में एसीबी का बड़ा धमाका, ऑनलाइन रसीद के नाम पर मांग रहा था रिश्वत
Palamu Trap: 7 हजार की घूस लेते रंगेहाथ धराया सरकारी अमीन, लातेहार अंचल कार्यालय में एसीबी का बड़ा धमाका, ऑनलाइन रसीद के नाम पर मांग रहा था रिश्वत

पलामू/लातेहार, 13 फरवरी 2026 – भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए पलामू एसीबी (Anti-Corruption Bureau) की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। लातेहार जिले के गारू प्रखंड अंचल कार्यालय में तैनात सरकारी अमीन मुनिदेव सिंह को 7000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है। अमीन ने एक गरीब किसान के परिवार से जमीन की रसीद ऑनलाइन करने के एवज में इस रकम की मांग की थी। एसीबी की इस छापेमारी से अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया है।

7000 के लिए अड़ गया था अमीन: रसीद के नाम पर 'वसूली'

इस पूरे मामले की शुरुआत गारू थाना क्षेत्र के रहने वाले 27 वर्षीय विशाल कुमार की शिकायत से हुई।

  • विवाद की जड़: विशाल की मां, चम्पा देवी के नाम से जमीन की रसीद अब तक ऑफलाइन कट रही थी। इसे डिजिटल रिकॉर्ड में चढ़ाने (ऑनलाइन कराने) के लिए अमीन मुनिदेव सिंह के पास आवेदन लंबित था।

  • बेबसी की गुहार: विशाल ने अमीन से कई बार मिन्नतें कीं कि वह गरीब है और पैसे देने में असमर्थ है, लेकिन मुनिदेव सिंह टस से मस नहीं हुआ। उसने साफ कह दिया कि बिना 'सुविधा शुल्क' (7000 रुपये) के फाइल आगे नहीं बढ़ेगी।

  • एसीबी की एंट्री: मजबूर होकर विशाल ने पलामू एसीबी से संपर्क किया। एसीबी ने गुप्त जांच की और मामला सही पाए जाने पर जाल बिछा दिया।

रंगेहाथ गिरफ्तारी: नोट पकड़ते ही टीम ने दबोचा

शुक्रवार को जैसे ही विशाल कुमार तय योजना के अनुसार रिश्वत के पैसे लेकर अमीन मुनिदेव सिंह के पास पहुँचा, सादे लिबास में तैनात एसीबी के अधिकारियों ने मोर्चा संभाल लिया। जैसे ही अमीन ने रिश्वत की रकम अपने हाथ में ली, टीम ने उसे रंगेहाथ दबोच लिया। अमीन के पास से केमिकल लगे हुए नोट बरामद किए गए हैं, जो कोर्ट में ठोस सबूत के तौर पर पेश किए जाएंगे।

एसीबी ट्रैप ऑपरेशन: मुख्य विवरण (Trap Snapshot)

विवरण प्रमुख जानकारी (Key Facts)
गिरफ्तार आरोपी मुनिदेव सिंह (सरकारी अमीन)
कार्यस्थल अंचल कार्यालय, गारू (लातेहार)
शिकायतकर्ता विशाल कुमार (27 वर्ष)
रिश्वत की राशि 7,000 रुपये नगद
वजह ऑफलाइन रसीद को ऑनलाइन करना

प्रशासनिक कार्रवाई और संदेश

गिरफ्तारी के बाद अमीन मुनिदेव सिंह को पलामू स्थित एसीबी मुख्यालय लाया गया है, जहाँ कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे जेल भेजा जाएगा। एसीबी के अधिकारियों ने अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी काम के बदले पैसे मांगता है, तो डरे नहीं बल्कि विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।

सुलगते सवाल और इंसाफ

विशाल कुमार की हिम्मत ने न केवल उसके परिवार का काम कराया, बल्कि एक भ्रष्ट कर्मचारी को उसके अंजाम तक पहुँचाया। लातेहार अंचल कार्यालय के अन्य कर्मचारियों के लिए यह एक कड़ा सबक है। फिलहाल पुलिस अमीन के पिछले रिकॉर्ड्स भी खंगाल रही है कि उसने अब तक और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।