Ranchi ED: छावनी बना दफ्तर, क्लर्क का सिर फोड़ने के आरोप से भड़का गुस्सा, रांची ED ऑफिस के बाहर CISF और भारी पुलिस तैनात
रांची में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अफसरों पर क्लर्क संतोष कुमार का सिर फोड़ने और मारपीट करने के संगीन आरोपों के बाद एयरपोर्ट रोड छावनी में तब्दील हो गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ED दफ्तर के बाहर झारखंड पुलिस और CISF की भारी तैनाती की गई है वरना आप भी राजधानी में पैदा हुए इस बड़े सुरक्षा संकट और जांच की पूरी सच्चाई से अनजान रह जाएंगे।
रांची, 15 जनवरी 2026 – झारखंड की राजधानी रांची में स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) का दफ्तर आज सुबह से ही किसी युद्ध क्षेत्र जैसा नजर आ रहा है। यह गहमागहमी किसी नए घोटाले की जांच के लिए नहीं, बल्कि खुद ED के अधिकारियों पर लगे गंभीर आरोपों के कारण है। पेयजल विभाग के क्लर्क संतोष कुमार ने ED के दो बड़े अधिकारियों पर पूछताछ के दौरान बेरहमी से मारपीट करने और सिर फोड़ने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। इस घटना के बाद रांची पुलिस हरकत में आई है और गुरुवार सुबह से ही एयरपोर्ट रोड स्थित ED दफ्तर के बाहर सुरक्षा की ऐसी अभेद्य दीवार खड़ी कर दी गई है, जिसे भेदना नामुमकिन है।
पूछताछ या प्रताड़ना? क्लर्क के आरोपों ने हिलाया विभाग
अपर चुटिया निवासी संतोष कुमार ने आरोप लगाया है कि उन्हें पूछताछ के नाम पर दफ्तर बुलाया गया था।
-
मारपीट का दावा: संतोष का कहना है कि ED के सहायक निदेशक (द्वितीय) प्रतीक और सहायक शुभम ने उनके साथ हिंसक व्यवहार किया।
-
सिर पर आई चोट: शिकायत के अनुसार, मारपीट इतनी भीषण थी कि उनका सिर फट गया। संतोष ने यह भी दावा किया है कि अधिकारियों ने बाद में साक्ष्य मिटाने की कोशिश भी की।
-
पुलिस की दस्तक: मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची पुलिस की एक विशेष टीम गुरुवार सुबह ही ED दफ्तर पहुँची और आरोपों की पड़ताल शुरू कर दी।
ED दफ्तर की घेराबंदी: CISF और झारखंड पुलिस का पहरा
जैसे ही पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच तेज की, राजधानी में तनाव बढ़ने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई।
-
दोहरा सुरक्षा घेरा: दफ्तर के बाहर एक तरफ झारखंड पुलिस के जवान मोर्चा संभाले हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ ED की मांग पर CISF के हथियारबंद जवानों को भी तैनात कर दिया गया है।
-
बैरिकेडिंग और निगरानी: एयरपोर्ट रोड पर कई लेयर की बैरिकेडिंग की गई है। आने-जाने वाले हर शख्स की कड़ी तलाशी ली जा रही है और ड्रोन कैमरों से भी नजर रखी जा रही है।
-
प्रशासन का तर्क: रांची प्रशासन का कहना है कि यह सुरक्षा एहतियातन बढ़ाई गई है ताकि जांच की प्रक्रिया में कोई बाधा न आए और कानून-व्यवस्था बनी रहे।
रांची ED सुरक्षा संकट: मुख्य विवरण (Security Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| शिकायतकर्ता | संतोष कुमार (क्लर्क, पेयजल विभाग) |
| आरोपी अधिकारी | सहायक निदेशक प्रतीक और सहायक शुभम |
| सुरक्षा बल | झारखंड पुलिस और CISF |
| लोकेशन | एयरपोर्ट रोड, हिनू (रांची) |
| मुख्य आरोप | मारपीट, सिर फोड़ना और साक्ष्य मिटाना |
जांच का रुख: क्या कहते हैं अधिकारी?
टाउन थाना और चुटिया पुलिस इस मामले में संतोष कुमार के मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
-
निष्पक्ष जांच की मांग: संतोष कुमार के परिजनों का कहना है कि वे न्याय के लिए हाईकोर्ट तक जाएंगे।
-
ED का पक्ष: अभी तक प्रवर्तन निदेशालय की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन दफ्तर के भीतर की गतिविधियों को पूरी तरह गोपनीय रखा गया है।
-
सीसीटीवी फुटेज: पुलिस की टीम दफ्तर के भीतर के सीसीटीवी फुटेज हासिल करने की कोशिश कर रही है ताकि मारपीट के दावों की सच्चाई सामने आ सके।
रांची में बढ़ा राजनीतिक और प्रशासनिक पारा
इस घटना ने न केवल प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है, बल्कि राजनीतिक माहौल को भी गरमा दिया है। ED दफ्तर के बाहर तैनात सुरक्षा बल यह बता रहे हैं कि आने वाले दिन झारखंड की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी के लिए बेहद उथल-पुथल भरे होने वाले हैं।
What's Your Reaction?


