Supreme Court: ममता को झटका, I-PAC छापेमारी मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, ED अफसरों पर FIR रुकी, 'अराजकता' पर बड़ी चेतावनी

I-PAC छापेमारी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को बड़ा झटका देते हुए ED अधिकारियों पर दर्ज FIR पर रोक लगा दी है। कोर्ट की 'अराजकता' वाली सख्त टिप्पणी और ममता बनर्जी को जारी नोटिस की पूरी इनसाइड स्टोरी यहाँ दी गई है वरना आप भी देश की सबसे बड़ी कानूनी जंग के इस मोड़ से अनजान रह जाएंगे।

Jan 15, 2026 - 15:43
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Supreme Court: ममता को झटका, I-PAC छापेमारी मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, ED अफसरों पर FIR रुकी, 'अराजकता' पर बड़ी चेतावनी
Supreme Court: ममता को झटका, I-PAC छापेमारी मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, ED अफसरों पर FIR रुकी, 'अराजकता' पर बड़ी चेतावनी

नई दिल्ली, 15 जनवरी 2026 – पश्चिम बंगाल की राजनीति और कानूनी गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया जब सुप्रीम कोर्ट ने I-PAC छापेमारी मामले में ममता सरकार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। शीर्ष अदालत ने न केवल प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों पर दर्ज FIR को स्थगित कर दिया, बल्कि बंगाल सरकार और पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब मांगा है। जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि केंद्रीय एजेंसियों के काम में राज्य का हस्तक्षेप इसी तरह जारी रहा, तो देश में 'अराजकता' फैल जाएगी। यह मामला अब केवल एक छापेमारी का नहीं, बल्कि 'कानून के शासन' बनाम 'राज्य की शक्ति' की बड़ी लड़ाई बन चुका है।

सुप्रीम कोर्ट की तीखी टिप्पणी: "संगठनों का शासन नहीं चलेगा"

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में केंद्रीय एजेंसियों के साथ हो रहे बर्ताव पर गंभीर चिंता जताई।

  • अराजकता का डर: कोर्ट ने कहा कि यदि राज्य एजेंसियां इसी तरह जांच में दखल देंगी, तो अपराधियों को संरक्षण मिलने लगेगा। इससे अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग संगठनों का शासन स्थापित हो जाएगा, जो लोकतंत्र के लिए घातक है।

  • FIR पर रोक: अगली सुनवाई तक ED अधिकारियों के खिलाफ किसी भी दंडात्मक कार्रवाई या FIR पर रोक लगा दी गई है।

  • सबूतों की सुरक्षा: कोर्ट ने 8 जनवरी को I-PAC परिसर में हुई तलाशी की सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने का आदेश दिया है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

I-PAC दफ्तर में क्या हुआ? 'भीड़तंत्र' और 'चोरी' के आरोप

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने ED का पक्ष रखते हुए कोर्ट में जो दलीलें दीं, वे चौंकाने वाली थीं।

  1. सबूत छीनने का दावा: ED ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने छापेमारी के दौरान दखल दिया और I-PAC परिसर से जरूरी सबूत और उपकरण 'जब्त' कर लिए।

  2. हाईकोर्ट बना जंतर-मंतर: मेहता ने बताया कि जब 9 जनवरी को कलकत्ता हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई होनी थी, तो वकीलों की भारी भीड़ ने कोर्ट रूम में घुसकर हंगामा किया, जिससे न्यायाधीश को सुनवाई स्थगित करनी पड़ी।

  3. व्हाट्सएप मैसेज का खेल: कोर्ट को बताया गया कि एक सोची-समझी साजिश के तहत वकीलों को इकट्ठा किया गया ताकि न्याय प्रक्रिया को बाधित किया जा सके।

I-PAC केस: सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई का स्नैपशॉट (Legal Snapshot)

मुख्य बिंदु विवरण (Details)
सुप्रीम कोर्ट का आदेश ED अफसरों पर FIR स्थगित, ममता बनर्जी को नोटिस
कोर्ट की टिप्पणी "राज्य का हस्तक्षेप अराजकता पैदा करेगा"
जवाब की समयसीमा 02 सप्ताह (ममता बनर्जी और DGP के लिए)
मुख्य विवाद I-PAC छापेमारी में राज्य सरकार का कथित दखल
CBI जांच की मांग ED ने पूरे मामले की जांच CBI से कराने की मांग की है

कपिल सिब्बल की दलील और कोर्ट का कड़ा रुख

ममता बनर्जी की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने आरोपों को सिरे से खारिज किया।

  • "सबूत चोरी का आरोप झूठ": सिब्बल ने तर्क दिया कि पंचनामा से साबित होता है कि मुख्यमंत्री ने कोई उपकरण नहीं लिए। उन्होंने कहा कि ये आरोप केवल पूर्वाग्रह पैदा करने के लिए लगाए गए हैं।

  • कोर्ट का जवाब: जस्टिस मिश्रा ने सिब्बल की दलीलों को विरोधाभासी बताते हुए कहा कि मामले की गहराई से जांच आवश्यक है और राज्य सरकार नोटिस जारी करने से नहीं रोक सकती।

दो हफ्ते बाद होगा बड़ा फैसला

सुप्रीम कोर्ट के इस सख्त रुख ने ममता सरकार को बैकफुट पर धकेल दिया है। अब सबकी नजरें दो सप्ताह बाद होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जहाँ यह तय होगा कि क्या इस मामले की कमान अब CBI के हाथों में जाएगी।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।