Ranchi Loot : लूट, बरियातू में ज्वेलरी दुकान पर धावा, प्रीति ज्वेलर्स में हथियारों की गूंज

रांची के बरियातू में हथियारबंद अपराधियों ने प्रीति ज्वेलर्स में घुसकर मचाया तांडव। जेवर और नकदी लूटकर फरार हुए लुटेरे, सीसीटीवी में कैद हुई खौफनाक करतूत। राजधानी में बढ़ते अपराध की पूरी इनसाइड स्टोरी यहाँ देखें।

Apr 7, 2026 - 20:29
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Ranchi Loot : लूट, बरियातू में ज्वेलरी दुकान पर धावा, प्रीति ज्वेलर्स में हथियारों की गूंज
Ranchi Loot : लूट, बरियातू में ज्वेलरी दुकान पर धावा, प्रीति ज्वेलर्स में हथियारों की गूंज

रांची। झारखंड की राजधानी रांची एक बार फिर दहल उठी है। बरियातू जैसे वीआईपी और व्यस्त इलाके में अपराधियों ने जिस दुस्साहस के साथ लूट की वारदात को अंजाम दिया है, उसने पुलिसिया तंत्र की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। मंगलवार की शाम जब शहर अपनी रफ्तार में था, तभी हरिहर सिंह रोड स्थित 'प्रीति ज्वेलर्स' में हथियारों से लैस चार अपराधी दाखिल हुए और महज चंद मिनटों में लूटपाट कर रफूचक्कर हो गए।

शाम का सन्नाटा और हथियारों की चमक

घटना मंगलवार देर शाम की है जब प्रीति ज्वेलर्स के कर्मचारी अपने रूटीन काम में व्यस्त थे। अचानक चार युवक दुकान के अंदर दाखिल हुए। शुरुआत में लगा कि वे ग्राहक हैं, लेकिन इससे पहले कि कर्मचारी कुछ समझ पाते, चारों ने कमर से पिस्टल निकाल ली। हथियार देखते ही दुकान में सन्नाटा पसर गया। अपराधियों ने कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी दी और उन्हें एक कोने में बंधक बना लिया।

लुटेरों ने बड़ी फुर्ती से दुकान के काउंटर और लॉकर को खंगाला। मिली जानकारी के अनुसार, अपराधी लगभग एक किलो चांदी, 10 हजार रुपये नकद और एक मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए। जाते-जाते लुटेरे कर्मचारियों को शोर न मचाने की चेतावनी भी दे गए।

शांति से 'क्राइम हॉटस्पॉट' तक का सफर

रांची का बरियातू इलाका ऐतिहासिक रूप से अपनी शांति और प्रतिष्ठित संस्थानों के लिए जाना जाता है। 1960 के दशक में जब रिम्स (RIMS) की स्थापना हुई, तब से यह क्षेत्र डॉक्टर, इंजीनियर और मध्यमवर्गीय परिवारों का पसंदीदा रिहायशी इलाका बन गया। बरियातू रोड कभी राजधानी की सबसे शांत सड़कों में गिनी जाती थी।

लेकिन पिछले दो दशकों में रांची के बढ़ते शहरीकरण और आबादी के दबाव ने बरियातू की तस्वीर बदल दी है। हरिहर सिंह रोड जैसे इलाके, जो कभी घनी हरियाली और इक्का-दुक्का घरों के लिए जाने जाते थे, आज घनी आबादी वाले व्यापारिक केंद्र बन चुके हैं। व्यापार बढ़ा तो अपराधियों की नजर भी इस पर पड़ने लगी। बरियातू थाना क्षेत्र में ज्वेलरी दुकानों और चेन स्नेचिंग की बढ़ती घटनाएं इस ऐतिहासिक शांति पर एक काला धब्बा बनती जा रही हैं।

सीसीटीवी में कैद हुए चेहरे, पुलिस की घेराबंदी

घटना की सूचना मिलते ही बरियातू पुलिस आनन-फानन में मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुकान के अंदर और हरिहर सिंह रोड पर लगे विभिन्न सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले हैं। सूत्रों की मानें तो अपराधियों के भागने की दिशा का पता चल गया है। रांची पुलिस का दावा है कि हुलिए के आधार पर कुछ संदिग्धों की पहचान की जा रही है और जल्द ही पूरा गिरोह सलाखों के पीछे होगा।

शहर के ज्वेलर्स एसोसिएशन ने इस घटना पर कड़ा रोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि शाम के समय जब दुकानों पर भीड़ होती है, तब पुलिस गश्त बढ़ाने की सख्त जरूरत है। अगर राजधानी के मुख्य इलाकों में ही व्यापारी सुरक्षित नहीं हैं, तो निवेश और व्यापार कैसे फलेगा-फूलेगा।

सावधानी ही बचाव है: व्यापारियों के लिए चेतावनी

रांची में बढ़ती लूटपाट की घटनाओं को देखते हुए अब दुकानदारों को भी अपनी सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करनी होगी। अलार्म सिस्टम, मजबूत ग्रिल और हाई-डेफिनिशन नाइट विजन कैमरों का होना अब विलासिता नहीं, बल्कि जरूरत बन गया है। प्रीति ज्वेलर्स की यह घटना एक अलार्म बेल है कि अपराधी अब किसी भी समय और कहीं भी वार करने के लिए तैयार बैठे हैं।

पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस लूट के पीछे कोई पेशेवर 'अंतरराज्यीय गिरोह' का हाथ है, जो रेकी करने के बाद वारदातों को अंजाम देता है। फिलहाल, पूरे बरियातू इलाके में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।