New Labour Code : लेबर कोड लागू होने से कर्मचारियों को 5 बड़ी सुविधाएं, 1 साल में ग्रेच्युटी और 7 तारीख को मिलेगी सैलरी
मोदी सरकार ने 4 नए लेबर कोड लागू कर दिए हैं, जो 29 पुराने कानूनों की जगह लेंगे। अब प्राइवेट कर्मचारियों को 7 तारीख तक सैलरी, 1 साल में ग्रेच्युटी, महिलाओं को रात की शिफ्ट और गिग वर्कर्स को भी PF मिलेगा। कंपनियों को भी मिली बड़ी राहत।
नई दिल्ली, 22 नवंबर 2025 – निजी क्षेत्र (Private Sector) में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों (Employees) के लिए यह एक ऐतिहासिक (Historic) पल है। केंद्र सरकार (Central Government) ने लंबी प्रतीक्षा के बाद शुक्रवार (21 नवंबर) को अंतत: चार नए श्रम सुधार कोड (New Labour Codes) लागू करने की अधिसूचना (Notification) जारी कर दी। पिछले 5 से 6 सालों से फंसे इन कानूनों के लागू होने से कार्यक्षेत्र (Workplace) में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव आने वाला है। यह सुधार न सिर्फ स्थायी (Permanent) कर्मचारियों, बल्कि कॉन्ट्रेक्ट, फिक्स्ड-टर्म और सबसे खास बात यह कि गिग वर्कर्स (Gig Workers) तक को सामाजिक सुरक्षा (Social Security) के दायरे में लाएगा।
पुराने 29 कानूनों की जगह लेंगे ये चार कोड
केंद्र सरकार ने 'आत्मनिर्भर भारत' (Aatmanirbhar Bharat) के लिए श्रम सुधारों को आगे बढ़ाते हुए इन चार नए कोड को लागू किया है। ये चारों कोड देश में पहले से मौजूद 29 जटिल श्रम कानूनों की जगह लेंगे, जिससे कानूनों का सरलीकरण (Simplification) होगा।
लागू हुए चार प्रमुख लेबर कोड:
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वेतन संहिता, 2019 (Code on Wages)
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सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 (Social Security Code)
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औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 (Industrial Relations Code)
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ओएसएच और कार्य शर्तें संहिता, 2020 (OSH Code)
झारखंड हाईकोर्ट के प्रसिद्ध अधिवक्ता निपुण बक्शी (Nipun Bakshi) ने बताया कि यह सरलीकरण कर्मचारियों और कंपनियों दोनों के लिए फायदेमंद है। कंपनियों को अब कंप्लायंस (Compliance) और रिटर्न फाइल करने में आसानी होगी।
कर्मचारियों के लिए 5 सबसे बड़े बदलाव
नए लेबर कोड के लागू होने से निजी क्षेत्र में काम करने वाले हर कर्मचारी को न्यूनतम वेतन (Minimum Wages), सुरक्षित कार्यक्षेत्र और सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा। प्रमुख बदलाव ये हैं:
| बदलाव | पुरानी व्यवस्था | नई व्यवस्था |
| मासिक वेतन | तारीख अनिश्चित | महीने की 7 तारीख तक खाते में क्रेडिट अनिवार्य |
| ग्रेच्युटी लाभ | 5 साल लगातार काम करने पर | अब सिर्फ 1 साल की नौकरी पर मिलेगा |
| गिग वर्कर्स को लाभ | कोई PF/ESIC नहीं | PF, ESIC और सोशल सिक्योरिटी की सुविधा |
| महिला कर्मचारी | रात की शिफ्ट प्रतिबंधित | सहमति के साथ रात की शिफ्ट की आजादी और समान वेतन |
| स्वास्थ्य सुविधा | कंपनी पर निर्भर | 40 साल से अधिक उम्र के लिए सालाना मुफ्त हेल्थ चेक-अप |
इसके अलावा, कर्मचारियों को साप्ताहिक वेतन सप्ताह के आखिरी कार्यदिवस पर देना अनिवार्य होगा और ओवर टाइम (Overtime) का डबल पेमेंट (Double Payment) किया जाएगा (सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम करने पर)।
कंपनियों को भी मिली बड़ी राहत
नए लेबर कोड से सिर्फ कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि कंपनियों को भी नियमों के पालन में बड़ी सहूलियत मिली है।
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सरल कंप्लायंस: 29 कानूनों को चार कोड में लाने से रिटर्न फाइल करना और कानूनी पहलुओं का पालन (Legal Compliance) करना आसान होगा।
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बंदी और छंटनी में छूट: सरकार ने छोटी कंपनियों को बड़ी राहत दी है। अब 300 कर्मचारी तक की कंपनियों को बंदी (Closure) और छंटनी (Retrenchment) की स्थिति में सरकार से अनुमति नहीं लेनी होगी। पहले यह सीमा सिर्फ 100 कर्मचारियों तक थी।
यह कानून 21वीं सदी के भारत के कार्यक्षेत्र को एक नई दिशा देगा, जहां श्रमिकों का शोषण कम होगा और उनका जीवन स्तर बेहतर बनेगा।
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