महेंद्र सिंह धोनी का जीवन परिचय | MS Dhoni Biography in hindi

महेंद्र सिंह धोनी का जीवन परिचय | MS Dhoni Biography in hindi
महेंद्र सिंह धोनी का जीवन परिचय | MS Dhoni Biography

 सन 2011 मैच का आखिरी गेंद बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी बॉल सीमा क्षेत्र से बाहर आर्य क्रिकेट मैच का सर्वाधिक रन लेते हुए  | इसी के साथ भारत अपना दूसरा वर्ल्ड कप जीत जाता है | इस लेख के माध्यम से हम बात करने वाले हैं भारत के सबसे होनहार ,वीरभान कप्तान श्री महेंद्र सिंह धोनी का जिन्होंने अपनी लगन मेहनत और जीत से भारतीय क्रिकेट टीम को 28 सालों के बाद फिर से गौरवान्वित होने का सुनहरा मौका दिया |बात हम उस टिकट कलेक्टर की करने वाले हैं जो अपने करियर को दिशाहीन मानते हुए फिर से क्रिकेट को अपना संपूर्ण जीवन देने आया था उसकी लगन और मेहनत से करोड़ों भारतीयों का दिल लबालब खुशियों से भर दिया |  

        भविष्य जिंदगी की एक ऐसी सच्चाई है जिसकी हम कल्पना करते हैं परंतु क्या हमारी कल्पनाएं सही होती है ऐसा नहीं है अक्सर हम जैसा सोचते हैं वैसा नहीं हो पाता परंतु हम अक्सर कोशिश करते हैं कि हमारी अपेक्षाएं हमारे जीवन के धरातल पर आए और हम अपनी सोच के अनुरूप जीवन जी पाए परंतु कुछ ऐसे लोग होते हैं जिन्हें जिंदगी सुनहरी करने में उनके मेहनत और उनका संघर्ष उनके लगन को और बढ़ाता है ता है जिससे उनकी क्षमताएं और उनकी जुड़ निश्चित था उनका सहयोग कर उनके रास्ते में आने वाले हर एक बाधा को एक एक कर हटाती है जिससे उनका मन बलवान होता है और उनके द्वारा किया गया कार्य हार की परिकल्पना ही नहीं करता बल्कि जीत को ही सब कुछ समझता है और जीत का मार्ग सर्वदा प्रशस्त करता है |

महेंद्र सिंह धोनी – संक्षिप्त परिचय

MSD  का पूरा नाम क्या है? महेंद्र सिंह धोनी
महेंद्र सिंह धोनी का निक नेम क्या है? एमएस, माही, कैप्टन कूल, एमएसडी
महेंद्र सिंह धोनी का जन्म कहां हुआ था? रांची ( बिहार ), भारत
जन्म तारिख क्या है? 7 जुलाई, 1981
जाति  हिंदू / राजपूत
क्या धोनी राजपूत है? हां
पिता का नाम क्या है? श्री. पान सिंह
माता का नाम क्या है? श्रीमति. देवकी देवी
कुल कितने भाई – बहन है? 3 ( दो भाई, एक बहन )
बड़े भाई का नाम क्या है? नरेन्द्र सिंह ( राजनीति में सक्रिय )
छोटी बहन का नाम क्या है? जयन्ती गुप्ता ( शिक्षिका )
शैक्षणिक योग्यता क्या है? 12वीं पास
पत्नी का नाम क्या है? साक्षी
कितनी संतान है? 1 बेटी
संतान का नाम क्या है? जीवा
कितने प्रेम संबंध रहे है? 2 ( प्रिंयका झा और साक्षी )
धोनी की सैलरी? प्रतिवर्ष 102 करोड़ रुपय
धोनी का नेट वर्थ क्या है? 700 करोड़
धोनी के क्या शौक है? नई  बाइकों का शौक 

धोनी का जन्म कब, कहां और किस परिवार में हुआ:

 7 जुलाई 1981 को रांची के धरती पर भारत के सबसे महान कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का राजपूत परिवार में जन्म हुआ आप के माता का नाम श्रीमती देवकी देवी तथा पिता श्री पान सिंह है आप के 1 बड़े भाई हैं जिनका नाम नरेंद्र सिंह है आपकी एक बहन भी है जिनका नाम जयंती गुप्ता है जिन्होंने आप के शुरुआती दौर में आपके लक्ष्य को प्राप्त करने में आप का संपूर्ण सहयोग किया आपकी बहन और आपके रिश्ते बहुत ही भाव है जो अक्सर हमें समाचार पत्रों के माध्यम से देखने को मिलता है |

 धोनी की लंबाई 5 फुट 9 इंच तथा वजन 70 किलो है उनकी आंखों का रंग गहरा भूरा और उनके बालों का रंग काला है धोनी हमेशा अपने बालों का परिवेश बदलते रहते हैं जो कि उनके स्टाइल में चार चांद लगाता है धोनी द्वारा किए गए हर एक फैशन को भारत की जनता सम्मान की नजरों से देखती है तथा उनको फॉलो करती है जब उन्होंने लंबे बालों के साथ भारतीय खेमे में अपना शुरुआत किया तब पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने उनके बालों की तारीफ की थी तथा उसके बाद भारत और पाकिस्तान दोनों मुल्कों में धोनी के बाल का क्रेज बहुत ज्यादा बढ़ गया|

धोनी की क्रिकेट जीवनी:

व्यवसाय क्रिकेटर
भारती क्रिकेट टीम में धोनी की भूमिका क्या है? दाये हाथ के बल्लेबाज व विकेट कीपर
बैटिंग स्टाइल दाये हाथ के आक्रामक बल्लेबाज
बॉलिंग स्टाइल दाये हाथ के मध्यम गेंदबाज
पहला टेस्ट मैच कब खेला? 2 दिसम्बर, 2005 श्रीलंका के खिलाफ
पहला ओ.डी.आई मैच कब खेला? 23 दिसम्बर, 2004 बांग्लादेश के खिलाफ
पहला टी-20 मैच कब खेला? 1 दिसम्बर, 2006 साउथ अफ्रीका के खिलाफ
IPL मे किस टीम की तरफ से खेलते है? चैन्नई सुपर किंग्स

शिक्षा:

 समाज की परिवेश को समझने के लिए किसी भी मनुष्य के लिए शिक्षा एक चमत्कारी आधार है इसके माध्यम से हम अपनी सूझबूझ को बढ़ाते हैं सामाजिक सोच को अपने जीवन में उतारते हैं | तो आइए जानते हैं हम महेंद्र सिंह धोनी की शुरुआती शिक्षा कहां से हुई और वह कहां तक पढ़े | महेंद्र सिंह धोनी शुरुआती शिक्षा जवाहर विद्या मंदिर श्यामली जिसे वर्तमान में अब जेवीएम श्यामली राशि के नाम से जानते हैं महेंद्र सिंह धोनी कक्षा बारहवीं तक शिक्षा प्राप्त किए उनका विषय वाणिज्य था उसके बाद महेंद्र सिंह धोनी ने सेंट जेवियर कॉलेज में दाखिला लिया परंतु क्रिकेट की चुनौती के कारण वह अपना ग्रेजुएशन कंप्लीट नहीं कर पाए तथा उन्होंने अपनी कुछ शिक्षा को बीच में ही छोड़ दिया परंतु क्या आप जानते हैं महेंद्र सिंह धोनी ने शिक्षा छोड़ने के बाद क्रिकेट की कुछ ज्यादा ही शिक्षा ग्रहण कर ली और भारत जैसे देश में कप्तानी का पर्चा बुलंद किया|

प्रेम संबंध :

 धोनी आज का जाना पहचाना नाम परंतु इस नाम को बनाने में एक व्यक्ति ही नहीं एक परिवार एक समाज और ना जाने कितने लोगों का योगदान होता है अच्छा जब हम लोग योगदान की बात करते हैं तो बहुत सारे ऐसे लोग जो हमारी जिंदगी में जोड़ते हैं कुछ मंजिलों तक साथ नहीं चल पाते उनका सफर छोटा होता है परंतु मजेदार होता है धोनी के इस जीवन में भी एक महिला मित्र जिनका नाम प्रियंका झा था उनके साथ प्रेम संबंध स्थापित हुए थे परंतु दुर्भाग्य से , मार्च 2002 में उनकी मृत्यु हो गई इसके पश्चात धोनी को गहरा आघात लगा परंतु जैसा कि हम जानते हैं जिंदगी का काम चलते जाना है तत्पश्चात धोनी का प्रेम संबंध साक्षी के साथ स्थापित हुआ और सिर्फ साक्षी , साक्षी धोनी बने धोनी का विवाह साक्षी के साथ 4 जुलाई 2010 को देहरादून में हुआ इनकी मिलने की कहानी भी बहुत दिलचस्प है चलिए कुछ अलग, मैं आपको उनके प्रेम कहानी के बारे में बताता हूं साल 2007 साक्षी कोलकाता के एक होटल में बतौर इंटर्न काम कर रही थी वही धोनी भारतीय टीम के साथ एक क्रिकेटर की हैसियत से अपने कैरियर को उड़ान दे रहे थे इन्हीं कर्मों में धोनी की मुलाकात साक्षी से हुए दोनों की पहली मुलाकात उनके जिंदगी का अद्भुत मुलाकातों में से एक है जिससे एक मुलाकात उनके जीवन में अर्धांगिनी को साथ लाया और उन दोनों का विवाह संपन्न हुआ अंतता 3 साल बाद धोनी और जीवा को पुत्री रत्न की प्राप्ति हुई जिसका नाम उन्होंने जीवा रखा |

 क्रिकेट के अलावा बैडमिंटन व फुटबॉल के दीवाने:

 धोनी का डगर बहुत सारे खेलों से होकर गुजरता है अगर आपको कार चलाना है तो आपके पास अच्छा दिशा निर्देश होना चाहिए किस रास्ते से जाना है किस रास्ते पर रुकना है हैंडलिंग कैसे करनी है सब की जानकारी होनी चाहिए और धोनी हर एक खेल के खिलाड़ी थे उनमें जितनी क्रिकेट के प्रति भावना थी उससे कहीं ज्यादा भावना फुटबॉल की थी और बैडमिंटन उनका पसंदीदा खेल में से एक है धोनी अपने विद्यालय जाने के क्रम में खेलों से खासा लगाव रखते हैं वह अपने सर्वोच्च प्रदर्शन से जिला लेवल पर फुटबॉल का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और मैं बचपन से ही प्रतिनिधित्व करने की ललक थी जो कि उन्हें भारतीय टीम को एकत्र करने तथा बड़े-बड़े चैंपियनशिप्स को जीतने में काम आया|

 धोनी की खेल शैली का विकास:

 धोनी अपने बहुत सारे इंटरव्यू में बता चुके हैं की रिजल्ट सेकेंडरी चीज है प्राइमरी चीज उसके प्रति किया गया अभ्यास होता है धोनी कभी भी रिजल्ट को लेकर चिंतित नहीं होते थे उनका मानना था कि हमने उस रिजल्ट को प्राप्त करने के लिए कितनी मेहनत किया है अगर मेहनत हमारी सही गाइडेंस पर हुई तो रिजल्ट भी हमारे अनुकूल ही होगा धोनी की खेल शैली आक्रामक तीव्र और सटीक बल्लेबाजी व विकेटकीपिंग थी आमतौर पर बैकफुट प्लेयर है स्ट्रांग बॉटम हैंड ग्रिप के कारण बेहद तेज गति से गेंद पर प्रहार करते हैं और उनसे उनके बल्ले से लगी केंद्र सीमा रेखा के पार ही गिरती थी धोनी को देखना भारत के उन तमाम सचिन प्रेमियों के हक में आता है साल 1997 -99 तक बिहार क्रिकेट एसोसिएशन में अपना योगदान दिया तथा दूसरी तरफ रितेश जी श्रृंखला में पाकिस्तान के खिलाफ धोनी ने गौतम गंभीर के साथ मिलकर कई शतक लगाए तथा उनके सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए उन्हें भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम में शामिल किया गया और यह वही जोड़ी है जिस ने मिलकर 2011 में भारत को 28 सालों के बाद वर्ल्ड कप दिलाया था|

 धोनी का क्रिकेट करियर :

 महेंद्र सिंह धोनी ने अपने क्रिकेट कैरियर की शुरुआत साल 1999 में बिहार राज्य द्वारा असम राज्य के खिलाफ आयोजित रणजी ट्रॉफी में किया था जिसमें धोनी ने कुल 2 आठ 3 रन बनाकर क्रिकेट प्रेमियों को प्रभावित किया था इस क्रिकेट मैच के बाद धोनी का सिलेक्शन ईस्ट जोन सिलेक्टर के लिए नहीं किया जिसके कारण धोनी को एक गहरा आघात लगा और वह क्रिकेट से दूरियां बनाने लगे और एक मिडल क्लास फैमिली को सपोर्ट की जरूरत होती है जिसके लिए महेंद्र सिंह धोनी ने टिकट कलेक्टर का नौकरी में जाना स्वीकार किया तथा भारतीय रेलवे को ज्वाइन किया परंतु धोनी का मन वहां नहीं लगा और वह क्रिकेट की दीवानगी बढ़ती गई तथा उन्होंने 3 साल बाद दोबारा क्रिकेट में वापसी करने की ठानी साल 2001 में धोनी का चयन दिलीप ट्रॉफी के लिए हुआ लेकिन चयन सूचना उन्हें समय पर नहीं मिली इस कारण वह दिलीप ट्रॉफी नहीं खेल पाए परंतु अब धोनी जाग चुके थे और वह क्रिकेट के लिए बने उन्हें महसूस हो चुका था |

 साल 2003 में धोनी प्रतिभा संसाधन विकास बैंक क्रिकेट मैच खेलने के लिए झारखंड आए इस दौरान बंगाल के पूर्व कप्तान प्रकाश पोद्दार की नजर इस जगमगाते सितारे महेंद्र सिंह धोनी पर पड़ी जिसके कारण महेंद्र सिंह धोनी का चयन बिहार अंडर-19 टीम के लिए हुआ|.  

 सन 2004 में धोनी को इंडिया एम क्रिकेट टीम में शामिल होने का न्योता दिया गया जिसे उन्होंने स्वीकार किया पहला मैच धोनी ने जिंबाब्वे के खिलाफ खेला जहां उनका प्रभाव सबके दिलों दिमाग पर पड़ा और यह धोनी की शुरुआत है

 और कैलेंडर बदली भी नहीं , धोनी ने एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में जोरदार आगाज किया पहला मैच बांग्लादेश के साथ था जहां उन्होंने शून्य पर आउट होकर लौटे परंतु इसके बावजूद उनका चयन पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले एकदिवसीय मैच के लिए किया गया जहां धोनी ने सबको उम्मीद से ज्यादा खुश किया और उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 148 रन जड़ दिए जो कि किसी भी विकेटकीपर बैट्समैन का सर्वाधिक स्कोर था धोनी इस मैच के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखें और सूरज की रोशनी की तरह आज भी चमक रहे हैं उन्होंने आज तक ना जाने कितने पुरस्कारों को ग्रहण किया और ना जाने कितने रिकॉर्ड को ध्वस्त किया और आज अगर वह एक भी मैच खेलते हैं एक भी रन बनाते हैं तो वह रिकॉर्ड बुक में ही लिखा जाता है|

ODI Match :

कुल खेले गए वनडे मैच 318

खेली गई कुल पारी 272

कुल रन 9967

कुल चौके 770

कुल छक्के 217

कुल शतक 6

कुल अर्धशतक 67

टोटल डबल सेंचुरी 0

Test Match :
सन 2005 में धोनी ने अपने करियर का पहला टेस्ट मैच श्रीलंका के खिलाफ खेला जिसमें धोनी ने पुल 30 रनों की पारी खेली और अगले साल 2006 में पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच में धोनी ने शतक लगाकर सबको चकित कर दिया

कुल खेले गए टेस्ट मैच 90

कुल खेली गई पारी 144

कुल रन 4876

कुल चौके 544

कुल छक्के 78

कुल शतक 6

कुल अर्धशतक 33

टोटल डबल सेंचुरी 1

धोनी ने अपने करियर का आखिरी टेस्ट मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सन 2014 में खेला इस दौरान धोनी ने केवल 35 रनों की पारी खेली तथा मैच समाप्ति के बाद टेस्ट मैच से धोनी ने अपने संन्यास की आधिकारिक घोषणा की

T20 Match :

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ धोनी ने अपने T20 का पहला मुकाबला खेला जो कि धोनी के हिसाब से बेहद निराशाजनक प्रदर्शन रहे क्योंकि मैच में धोनी ने सिर्फ 2 गेंदों का सामना किया जिसमें उनके खाते में सिर्फ 0 रन ही आए |

कुल खेले गए टी-20 मैच 84

कुल रन 1444

कुल चौके 101

कुल छक्के 46

कुल शतक 0

टोटल हाफ सेंचुरी 2

सफलता के यूथ आइकन:

 आज तक के इतिहास में भारतीय क्रिकेट में महेंद्र सिंह धोनी का अमूल्य योगदान रहा भारतीय टीम को जब-जब एक मजबूत फिनिशर की जरूरत पड़ी तब तक महेंद्र सिंह धोनी ने अपना योगदान भारतीय टीम में दिया और अपने ही योगदान हो के कारण ही महेंद्र सिंह धोनी एक ऐसा नाम बन चुका है जो भारतीय क्रिकेट को सूचित करता है आज के युवा खिलाड़ी ध्वनि को ही अपना आइकन मानते हैं जब राहुल द्रविड़ ने भारतीय टीम की कप्तानी छोड़ी तो सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ के सिफारिश पर बीसीसीआई ने धोनी को अगला कप्तान बनाया उसके फल स्वरुप 2007 में होने वाले T20 वर्ल्ड कप में धोनी ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम को जीत दिलाई इस बीच में बहुत सारे खिलाड़ियों का अच्छा योगदान रहा है उनमें से एक है युवराज सिंह जो भारतीय टीम के रीढ़ की हड्डी के रूप में काम किया और जब जब टीम को उनकी जरूरत पड़ी तो उन्होंने विरोधियों का डटकर मुकाबला किया और भारतीय टीम को जीत की ओर अग्रसर किया साल 2007 में आयोजित आईसीसी वर्ल्ड कप में भारतीय क्रिकेट टीम का मार्गदर्शन किया और टूर्नामेंट को भारत के नाम किया इस जीत के साथ बीसीसीआई ने उन्हें ओडीआई और टेस्ट मैच का कप्तान भी बना दिया जिस जिम्मेदारी को महेंद्र सिंह धोनी ने सफलतापूर्वक निभाया और आईसीसी टेस्ट मैच में भी इंडिया को पहले पायदान तक पहुंचाया तथा साल 2011 में धोनी की अगुवाई में भारतीय टीम ने विश्व कप 2011 को जीता और साल 2015 में आयोजित विश्व कप में महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में भारतीय टीम सेमीफाइनल तक जा सके |

पुरस्कारों की सूची :

किस साल अवार्ड मिला? कौन से अवार्ड से सम्मानित किया गया?
साल 2007 राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड
साल 2009 पद्म श्री से सम्मानित किया गया 
साल 2011 ’’De Montfort University ’’ द्धारा Ph.d 
साल 2018 पद्म भूषण से सम्मानित किया गया 



महेंद्र सिंह धोनी के विवादों का विवरण:

  • झारखंड उच्च न्यायालय तक पहुंचने वाला मामला जिसमें धोनी के परिवार के खिलाफ दैनिक तौर पर 15000 लीटर पानी बर्बाद करने का आरोप लगा
    2013 ईस्वी में मैच फिक्सिंग का आरोप धोनी के टीम चेन्नई सुपर किंग पर लगा |
  • साल 2016 में आम्रपाली हाउसिंग प्रोजेक्ट के निवासियों द्वारा आम्रपाली कंपनी और इसके प्रमोटर एम एस धोनी को काफी ट्रोल किया गया और उनके खिलाफ याचिका दायर की गई|
  • कुछ मामलों में विद्युत धारा से तथा साक्षी धोनी के निकटता के कारण आईपीएल मैच में सट्टेबाजी का भी आरोप लगा|

 जैसा कि हम जानते हैं प्रकृति का नियम है जो आया है वह जाएगा जो आज है वह कल नहीं हो 2020 15 अगस्त भारतीय के लिए आजादी का दिन परंतु उसी दिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से महेंद्र सिंह धोनी ने संन्यास ले लिया धोनी क्रिकेट मैदान में हमेशा साथ नंबर की जर्सी पहना करते थे परंतु अब दर्शक सात नंबर की जर्सी नहीं देख पाते हैं जोकि दर्द भरा लम्हा था भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए |

 निष्कर्ष :

जिस तरह हम भारतीय सचिन को क्रिकेट का भगवान का दर्जा दिए उसी तरह महेंद्र सिंह धोनी को भी क्रिकेट प्रेमी कैप्टन कूल की तरह जानती है धोनी आज किसी परिचय के मोहताज नहीं है आज की युवा पीढ़ी ध्वनि के हर एक पहलू को मीडिया के माध्यम से फिल्म के माध्यम से डिजिटल माध्यम से जानती है धोनी का पसंदीदा हेलीकॉप्टर शॉट आज भी लोगों के आंखों और जुबान पर एक चमक छोड़ जाता है आज भी बहुत सारे धोनी प्रेमी है जो 2011 का आखरी छक्का देखकर आंखों में आंसू भर लेते हैं धोनी एक ऊर्जा बन चुके भारत में मोटिवेशन का मतलब धोनी भी है आता हमें पूरी आशा है की एम एस धोनी बायोग्राफी इन हिंदी का लेख आपको जरूर पसंद आया होगा आपसे नम्र निवेदन है कि आप इस आर्टिकल को अपने परिवार और अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें और नियमित रूप से हमारे वेबसाइट का आर्टिकल पढ़ने जा आपको बहुत सारे ज्ञानवर्धक चीजें जानने को मिलेंगे धन्यवाद