Jamtara Raid: मिहिजाम में अवैध लॉटरी के अड्डे पर पुलिस का छापा, दो युवक गिरफ्तार, कानगोई में मची खलबली
जामताड़ा के मिहिजाम में अवैध लॉटरी और जुए के सिंडिकेट के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कानगोई में छापेमारी, पकड़े गए दो युवक और जब्त किए गए लॉटरी बोर्ड की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।
जामताड़ा/मिहिजाम, 13 अप्रैल 2026 – साइबर अपराध के लिए दुनिया भर में चर्चित जामताड़ा जिले में अब पुलिस ने अवैध लॉटरी और जुए के सिंडिकेट की कमर तोड़ना शुरू कर दिया है। जिले के मिहिजाम थाना क्षेत्र के कानगोई इलाके में पुलिस ने सोमवार को एक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर अवैध लॉटरी के बड़े खेल का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से दो युवकों को हिरासत में लिया है और लॉटरी संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं। थाना प्रभारी प्रदीप राणा के इस कड़े एक्शन से इलाके के सट्टेबाजों और अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
कानगोई में एक्शन: पुलिस की दबिश और लॉटरी बोर्ड जब्त
मिहिजाम पुलिस को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि कानगोई के कुछ सुनसान ठिकानों पर अवैध लॉटरी और जुए का अड्डा चलाया जा रहा है।
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सटीक सूचना: सोमवार को थाना प्रभारी को पक्की खबर मिली कि कानगोई के एक विशेष अड्डे पर लॉटरी की बड़ी खेप का हिसाब-किताब चल रहा है।
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छापेमारी की रणनीति: पुलिस की टीम ने बिना देरी किए इलाके की घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही वहां मौजूद लोग भागने लगे, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दो युवकों को दबोच लिया।
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बरामदगी: मौके से अवैध लॉटरी के नंबरों वाला एक बोर्ड और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं, जो इस काले कारोबार के सबूत के तौर पर इस्तेमाल किए जाएंगे।
थाना प्रभारी की चेतावनी: "नहीं चलेगा अवैध धंधा"
हिरासत में लिए गए दोनों युवकों को मिहिजाम थाना लाया गया है, जहाँ उनसे गहन पूछताछ की जा रही है।
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नेटवर्क की तलाश: पुलिस यह पता लगा रही है कि इस अवैध लॉटरी का 'किंगपिन' कौन है और जामताड़ा के बाहर इसके तार कहाँ-कहाँ जुड़े हैं।
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सख्त हिदायत: थाना प्रभारी प्रदीप राणा ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि मिहिजाम क्षेत्र में किसी भी तरह के अवैध जुए, सट्टे या लॉटरी के संचालन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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अगली कड़ी: पुलिस उन मोबाइल नंबरों और संपर्कों की जांच कर रही है जो इन लॉटरी एजेंटों के संपर्क में थे।
कोयला और कृषि से लेकर 'सट्टा और साइबर' तक का बदलाव
जामताड़ा जिला ऐतिहासिक रूप से अपनी शांत आबोहवा और संथाल परगना की संस्कृति के लिए जाना जाता था, लेकिन पिछले दो दशकों में यहाँ के अपराध के स्वरूप में बड़ा बदलाव आया है।
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मिहिजाम का औद्योगिक महत्व: मिहिजाम कभी अपनी फाउंड्री और रेलवे से जुड़ी गतिविधियों के लिए प्रसिद्ध था। बंगाल की सीमा से सटा होने के कारण यहाँ का व्यापार हमेशा फला-फूला है।
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अवैध लॉटरी का साया: बंगाल की सीमा के करीब होने के कारण जामताड़ा के मिहिजाम और चित्तरंजन जैसे इलाकों में अवैध लॉटरी का प्रभाव बढ़ा है। पश्चिम बंगाल में लॉटरी वैध होने का फायदा उठाकर कुछ असामाजिक तत्व झारखंड की सीमा के भीतर भी अवैध तरीके से इसका जाल फैलाते रहे हैं।
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पुलिस बनाम सिंडिकेट: जामताड़ा पुलिस का इतिहास हमेशा से इन सिंडिकेट्स के साथ चूहे-बिल्ली की दौड़ जैसा रहा है। जहाँ पुलिस तकनीक का सहारा लेकर इन्हें पकड़ती है, वहीं ये गिरोह 'कानगोई' जैसे ग्रामीण इलाकों में अपना ठिकाना बदल लेते हैं।
अगली कार्रवाई: पूछताछ में खुलेंगे कई बड़े राज
पकड़े गए दोनों युवकों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस अब इस पूरे रैकेट की कड़ियां जोड़ रही है।
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बैकवर्ड लिंकेज: पुलिस यह देख रही है कि ये लॉटरी टिकट कहाँ छापे जाते हैं और ग्राहकों को किस तरह लुभाया जाता है।
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लगातार छापेमारी: थाना प्रभारी ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में क्षेत्र के अन्य संभावित ठिकानों पर भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
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जनता से अपील: पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी अवैध काम की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि युवाओं को इस लत और अपराध से बचाया जा सके।
जामताड़ा के मिहिजाम में हुई यह कार्रवाई दर्शाती है कि पुलिस अब केवल साइबर अपराध ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर चल रहे छोटे-छोटे अपराधों पर भी पैनी नजर रख रही है। कानगोई में लॉटरी के अड्डे पर छापा मारकर पुलिस ने यह साफ कर दिया है कि कानून की पहुंच हर उस कोने तक है जहाँ गलत काम हो रहा है। दो युवकों की गिरफ्तारी केवल एक शुरुआत है; असली चुनौती इस नेटवर्क के उस आका को पकड़ने की है जो पर्दे के पीछे से लाखों का दांव लगा रहा है। फिलहाल, मिहिजाम पुलिस की इस मुस्तैदी की पूरे जिले में सराहना हो रही है।
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