Barajamda Theft: बड़ाजामदा मोबाइल दुकान कांड का अंत, बोकना जंगल से दबोचे गए आरोपी, 6 स्मार्टफोन बरामद
बड़ाजामदा बाजार की दो मोबाइल दुकानों में हुई चोरी की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। बोकना गांव के पास से हुई गिरफ्तारी और बरामद मोबाइल फोन की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।
चाईबासा/बड़ाजामदा, 13 अप्रैल 2026 – पश्चिम सिंहभूम जिले के बड़ाजामदा बाजार में पिछले दिनों दो मोबाइल दुकानों में हुई चोरी की घटना ने व्यापारियों की नींद उड़ा दी थी। लेकिन बड़ाजामदा थाना पुलिस ने इस मामले में बिजली जैसी तेजी दिखाते हुए कांड का पटाक्षेप कर दिया है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर चोरी के 6 मोबाइल फोन बरामद किए हैं और इस वारदात में शामिल तीन आरोपियों को दबोच लिया है। पकड़े गए तीनों आरोपी नाबालिग हैं और बड़ाजामदा थाना क्षेत्र के ही रहने वाले हैं। इस त्वरित कार्रवाई के बाद स्थानीय बाजार में सुरक्षा को लेकर फैला डर अब राहत में बदल गया है।
जंगल में ठिकाना: पुलिस ने ऐसे बिछाया जाल
बड़ाजामदा थाना प्रभारी बालेश्वर उरांव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इस चोरी को चुनौती के रूप में लिया था।
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11 अप्रैल की वारदात: दुकानों के ताले टूटने की खबर मिलने के बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ कांड संख्या 15/26 दर्ज कर तफ्तीश शुरू की।
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बोकना जंगल में घेराबंदी: पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि चोरी किए गए मोबाइल फोन के साथ कुछ संदिग्ध बोकना गांव के पास जंगल की झाड़ियों में छिपे हुए हैं। पुलिस टीम ने बिना देरी किए इलाके की घेराबंदी की और तीनों को धर दबोचा।
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कबूलनामा: पूछताछ के दौरान तीनों नाबालिगों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और बताया कि कैसे उन्होंने सुनसान रात का फायदा उठाकर बड़ाजामदा बाजार की दुकानों को निशाना बनाया था।
बरामदगी: गायब हुए मोबाइल फिर आए वापस
पुलिस की इस रेड में दुकानदारों का चोरी हुआ कीमती सामान सुरक्षित मिल गया है।
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6 स्मार्टफोन बरामद: आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने जंगल के छिपे हुए स्थान से छह मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
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कानूनी प्रक्रिया: चूंकि आरोपी नाबालिग हैं, इसलिए पुलिस ने जेजे एक्ट (Juvenile Justice Act) का पालन करते हुए उन्हें हिरासत में लिया और चाईबासा स्थित बाल सुधार गृह भेज दिया है।
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सक्रीय पुलिस: थाना प्रभारी बालेश्वर उरांव ने प्रेस वार्ता में बताया कि बाजार क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके।
खनिजों की नगरी और बढ़ती शहरी चुनौतियां
बड़ाजामदा का क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि देश के लौह अयस्क (Iron Ore) भंडार के प्रमुख केंद्र के रूप में जाना जाता है।
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व्यापारिक महत्व: चाईबासा जिले का यह हिस्सा दशकों से खनन गतिविधियों का केंद्र रहा है। यहाँ के बाजारों में करोड़ों का टर्नओवर होता है, जिसने धीरे-धीरे यहाँ की आबादी और दुकानों की संख्या में इजाफा किया है।
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बदलता अपराध: पहले यहाँ का अपराध केवल 'माइनिंग सिंडिकेट' तक सीमित था, लेकिन शहरीकरण के साथ-साथ अब मोबाइल चोरी और सट्टेबाजी जैसी घटनाएं बढ़ने लगी हैं। बोकना गांव जैसे शांत इलाके के नाबालिगों का इस तरह के संगठित अपराध में शामिल होना समाज के लिए एक नया और चिंताजनक बदलाव है।
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पुलिस की विरासत: चाईबासा पुलिस का इतिहास हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है। घने जंगलों और दुर्गम रास्तों के बावजूद बड़ाजामदा पुलिस ने जिस तरह से 'ह्यूमन इंटेलिजेंस' का उपयोग कर इस केस को 48 घंटों के भीतर सुलझाया, उसने जिला पुलिस की सक्रियता को फिर से साबित किया है।
अगली कार्रवाई: सुरक्षा और जागरूकता पर जोर
इस घटना के बाद बड़ाजामदा बाजार समिति ने पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया है।
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दुकानदारों को सलाह: थाना प्रभारी ने दुकानदारों से अपनी दुकानों में सीसीटीवी कैमरे और बेहतर इंटरलॉक सिस्टम लगाने की अपील की है।
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गश्ती दल का विस्तार: बड़ाजामदा बाजार में रात के समय पुलिस की गश्त के साथ-साथ 'नाईट गार्ड्स' की तैनाती पर भी चर्चा की जा रही है।
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नाबालिगों की काउंसलिंग: पुलिस प्रशासन का मानना है कि इन किशोरों को अपराध की दुनिया से बाहर निकालने के लिए बाल सुधार गृह में उचित काउंसलिंग दी जाएगी ताकि वे मुख्यधारा में वापस आ सकें।
बड़ाजामदा में मोबाइल दुकानों की चोरी का खुलासा केवल एक कानूनी जीत नहीं है, बल्कि यह अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश है कि पुलिस की नजर हर जंगल और हर छिपे हुए ठिकाने पर है। बालेश्वर उरांव की टीम ने जिस मुस्तैदी से 6 मोबाइल फोन बरामद किए, उसने आम नागरिकों का भरोसा कानून पर और मजबूत किया है। हालांकि, नाबालिगों का इस अपराध में पकड़ा जाना एक सामाजिक प्रश्न भी खड़ा करता है, जिसका हल पुलिस और समाज दोनों को मिलकर ढूंढना होगा। फिलहाल, चाईबासा पुलिस की इस कामयाबी ने बड़ाजामदा की गलियों में फिर से रौनक लौटा दी है।
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