Lalmatia Collision: कोयला लदी मालगाड़ियों की टक्कर से तबाही, दो पायलट जिंदा जले!
ललमटिया-फरक्का रेल लाइन पर भीषण हादसा! कोयला लदी मालगाड़ियों की टक्कर में दो लोको पायलट जिंदा जल गए, करोड़ों का नुकसान, जानिए पूरी खबर!

बरहेट: मंगलवार की अहले सुबह ललमटिया-फरक्का एमजीआर रेल लाइन पर ऐसा भयावह हादसा हुआ, जिसे देख लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। दो कोयला लदी मालगाड़ियों की आमने-सामने टक्कर में तीन रेल इंजन और सात बोगियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। हादसा इतना भीषण था कि दो लोको पायलट जिंदा जलकर राख हो गए, जबकि एक लोको पायलट और पांच मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए।
एनटीपीसी को इस दुर्घटना से करोड़ों का नुकसान हुआ और कोयला ढुलाई पूरी तरह ठप हो गई।
लेकिन कैसे हुई ये गलती? क्या यह सिर्फ एक हादसा था या लापरवाही का नतीजा?
आइए जानते हैं इस भयावह रेल दुर्घटना की पूरी कहानी...
कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार:
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बरहेट सोनाजोड़ी लूप लाइन पर एक मालगाड़ी पहले से खड़ी थी।
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ललमटिया से फरक्का की ओर जा रही दूसरी कोयला लदी मालगाड़ी गलती से लूप लाइन में प्रवेश कर गई।
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ट्रेन की गति काफी तेज थी, जिससे ड्राइवर को समझने का मौका ही नहीं मिला और उसने सामने खड़ी मालगाड़ी को सीधी टक्कर मार दी।
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टक्कर होते ही डीजल इंजन धू-धू कर जलने लगा और कुछ ही मिनटों में दो लोको पायलट आग की लपटों में समा गए।
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हादसे में एक अन्य लोको पायलट और एनटीपीसी के पांच मजदूर घायल हो गए।
बचाव कार्य और पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही
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बरहरवा एसडीपीओ नितिन खंडेलवाल, बरहेट थाना प्रभारी पवन कुमार, एनटीपीसी के अधिकारी और सीआईएसएफ जवान मौके पर पहुंचे।
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आग बुझाने के लिए साहिबगंज से अग्निशमन की गाड़ियां बुलानी पड़ीं।
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कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को बाहर निकाला गया और अस्पताल भेजा गया।
घायलों की हालत गंभीर
डॉक्टरों के अनुसार, गंभीर रूप से घायल लोको पायलट जेके नाथ को बेहतर इलाज के लिए कोलकाता रेफर किया गया।
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उनका दाहिना हाथ टूट चुका है और शरीर पर गहरी चोटें हैं।
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अन्य घायल मजदूरों का इलाज बरहेट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है।
रेलवे ट्रैक की लापरवाही से हुआ हादसा?
यह कोई पहला हादसा नहीं है!
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एनटीपीसी की मालगाड़ियां पहले भी दुर्घटनाग्रस्त हो चुकी हैं।
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बरमसिया और बोरियो में भी एमजीआर रेल लाइन पर पहले हादसे हुए थे।
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लेकिन इस बार लापरवाही की कीमत दो लोको पायलटों की जान से चुकानी पड़ी।
स्थानीय लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है!
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लोगों का आरोप है कि एनटीपीसी और रेलवे प्रशासन की लापरवाही से यह हादसा हुआ।
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रेलवे ट्रैक की नियमित मरम्मत और मॉनिटरिंग सही तरीके से नहीं होती।
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सूचना तंत्र की विफलता और लचर व्यवस्था के कारण इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
घायलों को ले जाने के लिए नहीं थी एंबुलेंस!
इस हादसे के बाद एनटीपीसी प्रशासन की लापरवाही और भी उजागर हो गई।
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घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए कोई एंबुलेंस उपलब्ध नहीं थी!
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स्थानीय लोगों और पुलिस को मोटरसाइकिल पर घायलों को अस्पताल पहुंचाना पड़ा।
इस लापरवाही से लोगों का गुस्सा और भड़क गया।
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एनटीपीसी प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया गया।
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लोगों ने रेलवे ट्रैक की सुरक्षा और मरम्मत के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की।
पुराने सूचना तंत्र की वजह से हुआ हादसा?
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, एनटीपीसी के मालगाड़ियों का संचालन पुराने सूचना तंत्र पर हो रहा है।
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बरहेट स्थित सब स्टेशन और बोरियो स्थित पथरा सब स्टेशन पर 60 वर्ष से अधिक उम्र के कर्मी तैनात हैं।
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इन कर्मियों से 8 घंटे के बजाय 20-22 घंटे तक काम लिया जाता है, जिससे वे थकावट और नींद की वजह से गलत सूचनाएं दे देते हैं।
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यही वजह है कि कई बार मालगाड़ियां गलत ट्रैक पर चली जाती हैं और दुर्घटनाएं होती हैं।
रेलवे और एनटीपीसी अधिकारियों की लापरवाही और अनदेखी के कारण ऐसे हादसे बार-बार हो रहे हैं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।
अधिकारियों का क्या कहना है?
एनटीपीसी फरक्का के पीआरओ अनम बुखारी ने कहा:
"हम मामले की पूरी जांच कर रहे हैं और पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रहे हैं। दुर्घटना के असली कारणों का पता लगाने के लिए रेलवे और झारखंड पुलिस के सहयोग से जांच जारी है।"
क्या इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है?
ट्रेन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम:
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रेलवे ट्रैक की नियमित मरम्मत और मॉनिटरिंग हो।
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ट्रेन कंट्रोल रूम में अनुभवी कर्मियों की तैनाती हो।
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सुरक्षा उपायों को कड़ा किया जाए और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।
अगर प्रशासन समय रहते नहीं जागा, तो आने वाले समय में और भी बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि एनटीपीसी और रेलवे प्रशासन की लापरवाही कितनी घातक हो सकती है।
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दो लोको पायलटों की दर्दनाक मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया।
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घायलों को समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिल पाई, क्योंकि एंबुलेंस तक मौजूद नहीं थी!
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लोगों का गुस्सा चरम पर है और वे न्याय की मांग कर रहे हैं।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस हादसे से सबक लेता है या नहीं...
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