Kishtwar Cloudburst : जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने से 33 की मौत, 220 लापता; मचैल माता यात्रा स्थगित
किश्तवाड़ जिले के चशोती गांव में मचैल माता मंदिर मार्ग पर बादल फटने से भारी तबाही। 33 लोगों की मौत, 120 घायल और 220 लापता। पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने जताया दुख, राहत-बचाव अभियान जारी।
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में मचैल माता मंदिर के मार्ग पर स्थित चशोती गांव में गुरुवार दोपहर बादल फटने से भीषण तबाही हुई। इस हादसे में 33 लोगों की मौत, 120 लोग घायल और 220 लोग लापता होने की खबर है। बादल फटने के बाद आई अचानक बाढ़ ने गांव और मंदिर मार्ग को तहस-नहस कर दिया।
घटना कैसे हुई
स्थानीय समयानुसार दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच यह हादसा हुआ। उस समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु मचैल माता मंदिर की यात्रा के लिए चशोती में एकत्रित थे। यहां से मंदिर तक 8.5 किलोमीटर की पैदल यात्रा शुरू होती है। बादल फटने से आए मलबे और तेज पानी की धार ने श्रद्धालुओं, दुकानों, लंगरों और घरों को अपनी चपेट में ले लिया।
चशोती 9,500 फीट की ऊंचाई पर और किश्तवाड़ जिला मुख्यालय से करीब 90 किलोमीटर दूर है।
प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा—
"मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने और बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं। स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है और जरूरतमंदों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।"
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर कहा—
"जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री से बात की है। एनडीआरएफ की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गई हैं। हम हर परिस्थिति में जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ मजबूती से खड़े हैं।"
प्रशासनिक और राहत कार्रवाई
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मचैल माता मंदिर की वार्षिक यात्रा को तुरंत प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है।
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एनडीआरएफ के दो दल उधमपुर से किश्तवाड़ रवाना किए गए हैं।
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सेना, एसडीआरएफ और पुलिस भी बचाव कार्य में जुटी है।
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घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा से बात की और कहा कि भारी जनहानि की आशंका है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आवश्यक चिकित्सा प्रबंधन और राहत कार्य तेज़ी से किए जा रहे हैं।
उपराज्यपाल का बयान
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा—
"किश्तवाड़ के चशोती में बादल फटने की घटना से व्यथित हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। बचाव एवं राहत कार्य को और तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।"
स्थानीय स्थिति
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भारी बारिश और मलबे के कारण रास्ते बंद हैं।
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बिजली और संचार व्यवस्था बाधित हो गई है।
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मंदिर मार्ग पर स्थित कई लंगर और श्रद्धालुओं के ठहरने की जगहें पूरी तरह नष्ट हो गईं।
अधिकारियों ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है, क्योंकि कई लापता लोग मलबे में दबे हो सकते हैं।
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