Jharkhand Freeze: खतरनाक पारा, झारखंड में कुल्फी जमाने वाली ठंड, गुमला में पारा 2.2 डिग्री, अगले 3 दिनों तक बचाएं जान

झारखंड में कड़ाके की ठंड ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और गुमला में पारा गिरकर 2.2 डिग्री पर पहुँच गया है। मौसम विभाग ने अगले 3 दिनों के लिए हाड़ कंपाने वाली शीतलहर और घने कोहरे की चेतावनी जारी की है वरना आप भी इस बर्फीली ठंड की मार से खुद को सुरक्षित रखने की तैयारी नहीं कर पाएंगे।

Jan 6, 2026 - 13:43
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Jharkhand Freeze: खतरनाक पारा, झारखंड में कुल्फी जमाने वाली ठंड, गुमला में पारा 2.2 डिग्री, अगले 3 दिनों तक बचाएं जान
Jharkhand Freeze: खतरनाक पारा, झारखंड में कुल्फी जमाने वाली ठंड, गुमला में पारा 2.2 डिग्री, अगले 3 दिनों तक बचाएं जान

रांची/जमशेदपुर, 6 जनवरी 2026 – झारखंड में कुदरत का कहर कड़ाके की ठंड के रूप में बरस रहा है। मंगलवार को पूरे राज्य में हाड़ कंपाने वाली शीतलहर चली, जिससे तापमान में एकाएक 4.1 डिग्री की भारी गिरावट दर्ज की गई। राजधानी रांची से लेकर औद्योगिक नगरी जमशेदपुर तक, लोग सूरज की एक किरण के लिए तरस गए। सबसे चौंकाने वाले आंकड़े गुमला से आए हैं, जहां न्यूनतम तापमान गिरकर 2.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुँच गया है, जिसने जनजीवन को पूरी तरह थाम दिया है। मौसम विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगले तीन दिनों तक इस 'कोल्ड टॉर्चर' से कोई बड़ी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।

गुमला बना झारखंड का 'सियाचिन': विजिबिलिटी हुई 300 मीटर

मंगलवार की सुबह जब राज्य की आँख खुली, तो नजारा किसी बर्फीले रेगिस्तान जैसा था।

  • विजिबिलिटी का संकट: डाल्टेनगंज में कोहरे का असर इतना गहरा था कि विजिबिलिटी मात्र 300 मीटर रह गई। रांची में 600 मीटर और देवघर में 700 मीटर के धुंध ने सड़कों पर वाहनों की रफ्तार रोक दी।

  • तापमान का तांडव: गुमला के बाद कोडरमा और लोहरदगा में पारा 3.9 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। वहीं डाल्टेनगंज में 4.6 डिग्री और सिमडेगा में 6.0 डिग्री के साथ बर्फीली हवाओं ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया।

इन 11 जिलों में 'शीतलहर' का प्रहार: बुधवार को भी खतरा बरकरार

मौसम विभाग के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार, मंगलवार को राज्य के आधे से अधिक जिले शीतलहर (Cold Wave) की चपेट में रहे।

  1. प्रमुख प्रभावित जिले: गढ़वा, पलामू, चतरा, कोडरमा, हजारीबाग, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, खूंटी और पश्चिम सिंहभूम।

  2. बुधवार का येलो अलर्ट: कल यानी बुधवार को लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा और खूंटी जिलों में शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

  3. जमशेदपुर और रांची का हाल: जमशेदपुर में पारा 9.3 डिग्री और रांची में 7.2 डिग्री दर्ज किया गया, जिससे शहरी क्षेत्रों में भी कनकनी चरम पर है।

झारखंड वेदर रिपोर्ट: आज के तापमान की स्थिति (Temperature Snapshot)

जिला न्यूनतम तापमान (°C) स्थिति
गुमला 2.2° भीषण शीतलहर
कोडरमा / लोहरदगा 3.9° कड़ाके की ठंड
डाल्टेनगंज 4.6° घना कोहरा
बोकारो 6.7° ठिठुरन
रांची 7.2° कनकनी जारी
जमशेदपुर 9.3° शीतलहर का असर

इतिहास का पन्ना: जब जम गया था झारखंड का पानी

झारखंड की ठंड का इतिहास हमेशा से रोमांचक रहा है। पुराने बुजुर्ग याद करते हैं कि 1970 और 80 के दशक में छोटानागपुर के पठारी इलाकों में सुबह के समय बाल्टियों में रखे पानी के ऊपर बर्फ की पतली परत जम जाती थी। रांची का मैक्लुस्कीगंज और नेतरहाट अक्सर शून्य डिग्री के करीब पहुँच जाते थे। हालांकि पिछले दो दशकों में ग्लोबल वार्मिंग के कारण ऐसी ठंड कम हुई थी, लेकिन 2026 का यह मौजूदा स्पेल (दौर) एक बार फिर उस पुराने दौर की याद दिला रहा है। उत्तर भारत से आ रही सूखी बर्फीली हवाओं ने झारखंड के मैदानी इलाकों को भी 'कोल्ड पॉकेट' में बदल दिया है।

आगे कैसा रहेगा मिजाज: क्या मिलेगी राहत?

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले 72 घंटों में तापमान में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है।

  • दो दिन बाद राहत: राहत की खबर यह है कि अगले दो दिनों के बाद तापमान में धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री की वृद्धि होने की संभावना है।

  • साफ आसमान: बुधवार को सुबह के समय घना कोहरा छाया रहेगा, लेकिन दिन चढ़ने के साथ आसमान साफ होने की उम्मीद है, जिससे धूप की तपिश ठंड से थोड़ी निजात दिला सकती है।

सतर्क रहें, सुरक्षित रहें

झारखंड में पारा जिस तेजी से गिर रहा है, वह स्वास्थ्य के लिहाज से चिंताजनक है। खासकर गुमला और लोहरदगा जैसे इलाकों में रहने वाले लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा जरूर लें। यह ठंड केवल मौसम का बदलाव नहीं, बल्कि सेहत के लिए एक बड़ी चुनौती है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।