West Singhbhum Crime : टोंटो में मामूली विवाद ने ली जान, भतीजे ने साथियों के साथ मिलकर चाचा को उतारा मौत के घाट, लाठी-डंडों से पीटकर की हत्या
पश्चिमी सिंहभूम के टोंटो थाना क्षेत्र में एक मुर्गे को लेकर हुए विवाद में भतीजे ने अपने ही चाचा दामू सिंकू की पीट-पीटकर हत्या कर दी है। अस्पताल में दम तोड़ने और फरार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस की पूरी सनसनीखेज रिपोर्ट यहाँ देखें।
चाईबासा/पश्चिमी सिंहभूम, 2 अप्रैल 2026 : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोंटो थाना क्षेत्र में एक ऐसी घटना घटी है जिसने इंसानियत और खून के रिश्तों को शर्मसार कर दिया है। महज एक मुर्गे को लेकर शुरू हुए मामूली विवाद ने इतना खौफनाक मोड़ ले लिया कि एक भतीजे ने अपने ही सगे चाचा, 53 वर्षीय दामू सिंकू, की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। पदमपुर गांव में हुई इस वारदात ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में जंगलों और संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है, लेकिन इस हत्या ने ग्रामीण समाज में बढ़ते हिंसक व्यवहार पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुर्गे की 'जंग' और लाठियों का प्रहार: कैसे हुआ खूनी संघर्ष?
पदमपुर गांव में गुरुवार को सब कुछ सामान्य था, जब अचानक चाचा और भतीजे के बीच एक मुर्गे के स्वामित्व या उसे लेकर किसी बात पर कहासुनी शुरू हुई।
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विवाद की शुरुआत: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, छोटी सी बात से शुरू हुआ झगड़ा गाली-गलौज तक पहुँच गया। आवेश में आकर भतीजे ने आपा खो दिया।
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दोस्तों के साथ हमला: भतीजा अकेला नहीं था; उसने अपने 3-4 साथियों को भी बुला लिया। सभी ने मिलकर दामू सिंकू को घेर लिया और लाठी-डंडों से उन पर ताबड़तोड़ प्रहार शुरू कर दिए।
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अस्पताल में दम तोड़ा: अधमरी हालत में दामू सिंकू को स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन चोटें इतनी गहरी थीं कि इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
फरार आरोपी और पुलिस की दबिश: कब होगी गिरफ्तारी?
जैसे ही दामू सिंकू की मौत की खबर गांव पहुँची, आरोपी भतीजा और उसके सभी साथी मौके से फरार हो गए।
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पुलिस की कार्रवाई: टोंटो थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।
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छापेमारी जारी: थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पदमपुर और आसपास के क्षेत्रों में दबिश दे रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों के मोबाइल लोकेशन और गुप्त सूचनाओं के आधार पर उन्हें जल्द ही दबोच लिया जाएगा।
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मुख्य कारण की तलाश: पुलिस का कहना है कि असली वजह का खुलासा आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही होगा कि क्या यह विवाद केवल एक मुर्गे के लिए था या इसके पीछे कोई पुरानी रंजिश भी छिपी थी।
मामूली बातों पर बड़े अपराध
पश्चिमी सिंहभूम का यह आदिवासी बहुल क्षेत्र अपनी सादगी के लिए जाना जाता है, लेकिन यहाँ छोटी-छोटी बातों पर होने वाले हिंसक टकरावों का एक लंबा इतिहास रहा है।
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हड़िया और विवाद: अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में शाम के समय हड़िया (स्थानीय शराब) के सेवन के बाद छोटी बातें बड़े झगड़ों का रूप ले लेती हैं। मुर्गा, जमीन का छोटा टुकड़ा या पारिवारिक कहासुनी यहाँ कई बार जानलेवा साबित हुई है।
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कानून और जागरूकता: टोंटो और चाईबासा के सुदूर इलाकों में पुलिस ने 'जनसंपर्क अभियान' के जरिए लोगों को जागरूक करने की कोशिश की है, ताकि वे आपसी विवादों को खुद सुलझाने के बजाय कानून की मदद लें।
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रिश्तों में दरार: 2025 में भी इस क्षेत्र में ऐसे कई मामले सामने आए थे जहाँ सगे संबंधियों ने ही संपत्ति या छोटे विवादों में एक-दूसरे की जान ले ली। दामू सिंकू की हत्या इसी दुखद सिलसिले की एक और कड़ी है।
पदमपुर गांव में पसरा मातम: परिजनों का बुरा हाल
दामू सिंकू की मौत के बाद उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिस भतीजे को उन्होंने अपनी आँखों के सामने बढ़ते देखा, वही उनकी मौत का कारण बनेगा, ऐसा किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था।
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ग्रामीणों में आक्रोश: गांव के लोगों ने आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी और उन्हें सख्त सजा देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर ऐसे छोटे विवादों पर हत्याएं होने लगीं, तो गांव की शांति पूरी तरह भंग हो जाएगी।
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पुलिस की अपील: टोंटो पुलिस ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है। पुलिस ने साफ किया है कि कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
टोंटो के पदमपुर गांव में हुई यह हत्या समाज की सहनशीलता खत्म होने का प्रमाण है। एक 'मुर्गा' जो महज कुछ रुपयों की कीमत रखता है, उसके लिए 53 साल के एक व्यक्ति की जान ले लेना मानसिक विकृति को दर्शाता है। दामू सिंकू अब हमारे बीच नहीं हैं, और उनका भतीजा अब उम्रकैद की सलाखों के पीछे जाने की कगार पर है। पुलिस की मुस्तैदी और जल्द गिरफ्तारी ही पीड़ित परिवार को न्याय दिला पाएगी। फिलहाल, पूरे टोंटो क्षेत्र में इस 'खूनी मुर्गे' के विवाद की चर्चा है और पुलिस की छापेमारी लगातार जारी है।
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