Giridih Accident: गिरिडीह के नेताजी चौक पर दर्दनाक हादसा, कोडरमा सांसद प्रतिनिधि को छोड़कर लौट रहे युवक की मौत
गिरिडीह के नेताजी चौक पर देर रात भीषण सड़क हादसा हुआ है। कोडरमा सांसद प्रतिनिधि को देवघर एयरपोर्ट छोड़कर लौट रहे 28 वर्षीय रोहित सिंह राठौर की मौत हो गई। सीसीटीवी फुटेज में ट्रेलर और लोडेड ट्रक से टक्कर के बाद हादसा दिखा। हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगाया। शहर में नो-एंट्री हटने के बाद बढ़ती दुर्घटनाओं के लिए प्रशासन की लापरवाही जिम्मेदार है।
गिरिडीह, 18 नवंबर 2025 – झारखंड के गिरिडीह जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नगर थाना क्षेत्र स्थित नेताजी चौक के पास बीती देर रात हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में अलकापुरी निवासी 28 वर्षीय युवक रोहित सिंह राठौर की मौके पर ही मौत हो गई। रोहित न सिर्फ झंडा मैदान में क्रिकेट मैच देखकर लौट रहे थे, बल्कि हादसे से कुछ समय पहले ही उन्होंने कोडरमा सांसद प्रतिनिधि दिनेश प्रसाद यादव को देवघर एयरपोर्ट छोड़ा था। रोहित की मौत से गुस्साए स्थानीय लोगों ने प्रशासन की लापरवाही पर आक्रोश जताते हुए सड़क जाम कर दी। सवाल यह है कि क्या शहर में नो-एंट्री हटने के बाद बढ़ते भारी वाहनों का असुरक्षित आवागमन ही इस तरह के हादसों का मुख्य कारण है, और प्रशासन इस पर कब्जा लगाएगा?
मौत की 40 सेकेंड की घटना: सीसीटीवी फुटेज में दिखा हादसा
पुलिस और स्थानीय लोगों के अनुसार, रोहित सिंह राठौर बाइक से घर लौट रहे थे। नेताजी चौक पर सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर ने उन्हें टक्कर मार दी।
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भीषण टक्कर: टक्कर इतनी तेज थी कि रोहित बाइक समेत सड़क पर गिर गए। इसी दौरान पीछे से आ रहे एक लोडेड ट्रक की चपेट में आने से वह ट्रक के पहियों के नीचे आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
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ट्रेलर चालक फरार: हादसे के बाद ट्रेलर चालक तुरंत अपना वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने बाद में चालक की तलाश शुरू कर दी है।
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फुटेज का खुलासा: सीसीटीवी फुटेज में यह साफ देखा गया है कि बाइक पहले तेज रफ्तार ट्रेलर से टकराती है, और फिर रोहित पीछे से आ रहे ट्रक की चपेट में आ जाते हैं।
गुस्साए लोगों ने सड़क पर लगाया जाम
हादसे की खबर फैलते ही नेताजी चौक और उसके आसपास के स्थानीय लोग मौके पर जुट गए।
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विरोध: लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क पर रोहित का शव रखकर जाम लगा दिया। उन्होंने हादसे के लिए सीधे तौर पर प्रशासन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया।
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मांगें: प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देना और फरार ट्रेलर चालक की जल्द गिरफ्तारी शामिल थी। भीड़ ने हादसे के शिकार दूसरे ट्रक को भी पकड़ लिया।
नो-एंट्री पर सवाल: प्रशासन की सख्ती पर उठती उंगली
स्थानीय लोगों का आरोप है कि गिरिडीह शहर में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।
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लापरवाही: लोगों का कहना है कि शहर से नो-एंट्री के नियम हटने के बाद से भारी वाहनों का आवागमन बढ़ गया है। ट्रक और ट्रेलर जैसे भारी वाहन तेज रफ्तार में गुजरते हैं, जिससे आम लोगों की जान को हमेशा खतरा बना रहता है।
पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर लोगों को शांत कराने और जाम हटवाने की कोशिश की। इस घटना ने एक बार फिर शहरी इलाकों में भारी वाहनों के प्रवेश और स्पीड लिमिट के नियमों को सख्ती से लागू करने की जरूरत को रेखांकित किया है।
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