Ranchi Crackdown : रांची में पेट्रोल पंपों पर लूट मचाने वाले गैंग का खात्मा, मास्टरमाइंड तल्हा समेत 11 दबोचे गए, बिना नंबर की स्कूटी और नकदी बरामद
रांची के डोरंडा, पुंदाग और ओरमांझी समेत कई इलाकों के पेट्रोल पंपों को निशाना बनाने वाले शातिर गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मास्टरमाइंड मोहम्मद तल्हा की गिरफ्तारी और बिना नंबर की स्कूटी से जुड़ी इस सनसनीखेज लूटकांड की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
रांची, 2 अप्रैल 2026 – राजधानी रांची और इसके आसपास के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल पंपों और दुकानों को अपना निशाना बनाकर आतंक फैलाने वाले अंतरराज्यीय लुटेरा गिरोह का पुलिस ने पूरी तरह सफाया कर दिया है। डोरंडा, पुंदाग, ओरमांझी, बीआईटी मेसरा और टाटीसिलवे जैसे क्षेत्रों में लगातार हो रही वारदातों को चुनौती के रूप में लेते हुए एसआईटी (SIT) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। इस पूरे गिरोह के अब तक 11 अपराधियों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। 1 अप्रैल को गिरोह के मुख्य सरगना मोहम्मद तल्हा की गिरफ्तारी के साथ ही शहर में बढ़ते अपराध के एक काले अध्याय का अंत हो गया है।
नेवरी गोलचक्कर पर 'ऑपरेशन तल्हा': भागने की फिराक में धरा गया मास्टरमाइंड
पुलिस ने 29 मार्च को ही इस गिरोह के 10 सदस्यों को धर दबोचा था, लेकिन गिरोह का मुख्य सूत्रधार तल्हा पुलिस की आँखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था।
-
घेराबंदी और छापेमारी: वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित SIT को सूचना मिली कि मुख्य आरोपी मोहम्मद तल्हा शहर छोड़कर भागने की जुगत में है।
-
नेवरी गोलचक्कर की घेराबंदी: पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नेवरी गोलचक्कर के पास जाल बिछाया। जैसे ही तल्हा अपनी काले रंग की बिना नंबर प्लेट वाली होंडा एक्टिवा स्कूटी से वहाँ पहुँचा, पुलिस ने उसे चारों तरफ से घेर लिया।
-
बरामदगी: गिरफ्तारी के वक्त तल्हा के पास से लूट के 4500 रुपये नकद, एक मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी बरामद की गई है।
स्वीकारोक्ति: पेट्रोल पंपों से लेकर दुकानों तक लूट की लंबी फेहरिस्त
पूछताछ के दौरान तल्हा ने पुलिस के सामने जो राज उगले, वे चौंकाने वाले थे। उसने शहर के कई बड़े लूटकांडों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है:
-
पेट्रोल पंप लूट: पुंदाग के साहू चौक स्थित पेट्रोल पंप, बीआईटी मेसरा इलाके के दो पेट्रोल पंप और टाटीसिलवे का एक पेट्रोल पंप इसके गिरोह के निशाने पर थे।
-
चाकूबाजी और हमले: तल्हा ने न केवल डोरंडा और ओरमांझी के लाइन होटलों में लूटपाट की, बल्कि एक दुकानदार को जानलेवा तरीके से चाकू मारने की घटना भी कबूल की है।
-
अपराध का तरीका: यह गिरोह रात के सन्नाटे में बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों का उपयोग करता था ताकि सीसीटीवी कैमरों की मदद से पुलिस इन्हें पहचान न सके।
रांची में संगठित अपराध का इतिहास: 'लोकल गैंग' से 'सिंडिकेट' तक
रांची के बाहरी इलाकों जैसे बीआईटी मेसरा और ओरमांझी में पेट्रोल पंपों पर लूट का एक पुराना और डरावना इतिहास रहा है।
-
पैटर्न और सुरक्षा: अक्सर ये अपराधी उन पेट्रोल पंपों को चुनते हैं जो हाईवे के करीब होते हैं, ताकि लूट के बाद वे शहर की गलियों या दूसरे जिलों की सीमा में आसानी से भाग सकें।
-
तल्हा का क्रिमिनल बैकग्राउंड: मोहम्मद तल्हा कोई नौसिखिया अपराधी नहीं है। उसके खिलाफ लोअर बाजार थाने में पहले से ही मारपीट, धमकी और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। वह एक आदतन अपराधी है जो जेल से बाहर आने के बाद फिर से संगठित गिरोह तैयार कर लेता था।
-
SIT की मुस्तैदी: 2024-25 के दौरान रांची पुलिस ने 'एंटी-क्राइम चेकिंग' और 'इंटेलिजेंस विंग' को जो मजबूती दी है, उसका परिणाम तल्हा जैसे अपराधियों की त्वरित गिरफ्तारी के रूप में दिख रहा है।
अब क्या होगा अगला कदम? गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश
भले ही 11 मुख्य आरोपी पकड़ लिए गए हों, लेकिन पुलिस का काम अभी खत्म नहीं हुआ है।
-
लगातार छापेमारी: पुलिस का मानना है कि इस गिरोह को हथियार सप्लाई करने वाले और लूटे गए पैसे को ठिकाने लगाने वाले कुछ और सफेदपोश मददगार शहर में छिपे हो सकते हैं।
-
हथियारों की बरामदगी: पुलिस अब उन ठिकानों पर छापेमारी कर रही है जहाँ इस गिरोह ने अपने अवैध हथियार छिपाकर रखे थे।
-
सुरक्षा ऑडिट: रांची पुलिस ने पेट्रोल पंप मालिकों को रात के समय 'नाइट गार्ड' रखने और सीसीटीवी कैमरों की गुणवत्ता सुधारने की सख्त हिदायत दी है।
What's Your Reaction?


