Azadnagar Accident : मानगो में बिल्डिंग का छज्जा गिरने से एक व्यक्ति की मौत, अशोका टावर के नीचे सामान लेने गया था शख्स
जमशेदपुर के आजादनगर ओल्ड पुरुलिया रोड स्थित अशोका टावर फेज 2 में बड़ा हादसा हुआ है। ऊपर से गिरे कंक्रीट के छज्जे की चपेट में आने से एक अज्ञात व्यक्ति की जान चली गई है। एमजीएम अस्पताल में रखे गए शव और बिल्डिंग की सुरक्षा पर उठते सवालों की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर/मानगो, 2 अप्रैल 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के आजादनगर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। ओल्ड पुरुलिया रोड स्थित अशोका टावर फेज 2 में गुरुवार सुबह एक भीषण हादसा हुआ, जहाँ मौत ऊपर से 'काल' बनकर गिरी। बिल्डिंग का एक भारी-भरकम छज्जा अचानक नीचे गिर गया, जिसकी चपेट में आने से एक अज्ञात व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। वह व्यक्ति उस समय बिल्डिंग के नीचे स्थित एक दुकान से कुछ सामान खरीदने जा रहा था। इस अचानक हुई घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है और बहुमंजिला इमारतों के रखरखाव (Maintenance) पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सामान लेने गया था और ऊपर से गिरा 'काल': कैसे हुआ हादसा?
गुरुवार की सुबह जब ओल्ड पुरुलिया रोड पर सामान्य चहल-पहल थी, तभी अशोका टावर के पास एक जोरदार धमाका हुआ।
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अचानक गिरा छज्जा: चश्मदीदों के अनुसार, एक अज्ञात व्यक्ति बिल्डिंग के नीचे बनी दुकान की ओर बढ़ रहा था। तभी बिना किसी चेतावनी के बिल्डिंग के ऊपरी हिस्से का एक छज्जा (कंक्रीट का स्लैब) टूटकर सीधे उसके ऊपर आ गिरा।
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मदद की कोशिश: स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े और मलबे में दबे व्यक्ति को बाहर निकाला। उसे आनन-फानन में एमजीएम (MGM) अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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पहचान का संकट: मृतक के पास से फिलहाल कोई ऐसा दस्तावेज नहीं मिला है जिससे उसकी पहचान हो सके। पुलिस उसकी शिनाख्त करने की कोशिश कर रही है।
अशोका टावर और ओल्ड पुरुलिया रोड: सुरक्षा के गिरते मानक
जमशेदपुर के मानगो और आजादनगर इलाके में पिछले एक दशक में अपार्टमेंट कल्चर तेजी से बढ़ा है, लेकिन सुरक्षा के प्रति लापरवाही भी उतनी ही बढ़ी है।
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रखरखाव में कमी: ओल्ड पुरुलिया रोड की कई पुरानी इमारतों के छज्जे और बाहरी दीवारें जर्जर हो चुकी हैं। मानसून आने से पहले ही कंक्रीट का इस तरह गिरना बिल्डिंग की निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर संदेह पैदा करता है।
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प्रशासनिक जांच: आजादनगर थाना पुलिस ने मामले की जानकारी मिलते ही घटनास्थल का मुआयना किया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या बिल्डिंग के निर्माण में किसी तरह की लापरवाही बरती गई थी।
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शव शीतगृह में: मृतक के शव को फिलहाल एमजीएम अस्पताल के शीतगृह (Cold Storage) में रखा गया है। पुलिस ने आसपास के मोहल्लों में उसकी फोटो भेजकर पहचान शुरू कर दी है।
मानगो में बिल्डिंग हादसों का इतिहास और वर्तमान
मानगो और आजादनगर क्षेत्र में अवैध निर्माण और पुरानी इमारतों की जर्जर स्थिति हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है।
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अंधाधुंध निर्माण: ओल्ड पुरुलिया रोड पर दर्जनों ऐसी व्यावसायिक और रिहायशी इमारतें हैं, जहाँ सुरक्षा ऑडिट (Safety Audit) कभी नहीं किया गया। इससे पहले भी शहर के विभिन्न हिस्सों में जर्जर दीवारों के गिरने से राहगीरों के घायल होने की खबरें आती रही हैं।
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टाटा स्टील और जुस्को (JUSCO) की सीमा: चूंकि यह इलाका गैर-टाटा लीज एरिया में आता है, यहाँ निर्माण कार्य और मेंटेनेंस की जिम्मेदारी निजी सोसायटियों और बिल्डरों की होती है, जो अक्सर मुनाफे के चक्कर में सुरक्षा की अनदेखी करते हैं।
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खतरनाक छज्जे: विशेषज्ञों का मानना है कि तटीय हवाओं और नमी के कारण कंक्रीट में जंग लग जाता है। अगर समय पर प्लास्टर और वाटरप्रूफिंग न हो, तो ऐसे छज्जे किसी भी समय गिर सकते हैं।
पुलिस की अगली कार्रवाई: क्या बिल्डर पर गिरेगी गाज?
आजादनगर पुलिस ने घटना को लेकर 'असामान्य मृत्यु' (UD Case) दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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लापरवाही की जांच: क्या बिल्डिंग मैनेजमेंट को पता था कि छज्जा कमजोर है? क्या उन्होंने वहां कोई चेतावनी बोर्ड लगाया था? इन सभी सवालों के जवाब पुलिस तलाश रही है।
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पहचान की अपील: पुलिस ने जनता से अपील की है कि अगर कोई व्यक्ति गुरुवार सुबह से घर नहीं लौटा है, तो वे आजादनगर थाने या एमजीएम अस्पताल से संपर्क करें।
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सुरक्षा ऑडिट की मांग: स्थानीय निवासियों ने जेएनएसी (JNAC) से मांग की है कि ओल्ड पुरुलिया रोड की सभी पुरानी बहुमंजिला इमारतों की फिटनेस जांच की जाए ताकि भविष्य में ऐसे 'बेगुनाह' राहगीर अपनी जान न गंवाएं।
आजादनगर में हुई यह घटना एक डरावना सबक है। एक साधारण सा काम, जैसे दुकान से सामान लेना, किसी के लिए आखिरी सफर बन जाएगा, यह कोई सोच भी नहीं सकता था। अशोका टावर के नीचे बिखरा कंक्रीट और खून के निशान उन बिल्डरों और सोसायटियों के लिए चेतावनी हैं जो मेंटेनेंस के नाम पर केवल खानापूर्ति करते हैं। एक अज्ञात व्यक्ति ने अपनी जान गंवा दी, लेकिन उसका कातिल कौन है—वह छज्जा या वह लापरवाही जिसने उसे गिरने दिया? फिलहाल पुलिस जांच जारी है और पूरे इलाके में शोक और डर का माहौल है।
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