Sonari Raid: सोनारी में पुलिस की बड़ी स्ट्राइक, महिला समेत चार तस्कर गिरफ्तार, दोमुहानी पुल के पास चल रहा था ब्राउन शुगर का खेल
जमशेदपुर के सोनारी दोमुहानी पुल के पास पुलिस ने छापेमारी कर ब्राउन शुगर के साथ एक महिला और तीन युवकों को दबोचा है। वायरल वीडियो वाले इन तस्करों की गिरफ्तारी और बरामद 43 पुड़िया ड्रग्स से जुड़ी इस बड़ी कार्रवाई की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर/सोनारी, 2 अप्रैल 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर में युवाओं की रगों में जहर घोलने वाले नशा माफियाओं के खिलाफ सोनारी पुलिस ने एक निर्णायक प्रहार किया है। बुधवार, 1 अप्रैल की देर रात पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर दोमुहानी पुल के पास घेराबंदी कर एक महिला समेत चार शातिर तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। सीसीआर डीएसपी मनोज कुमार ठाकुर के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई ने सोनारी इलाके में चल रहे ब्राउन शुगर के अवैध कारोबार की कमर तोड़ दी है। पकड़े गए आरोपी न केवल नशा बेच रहे थे, बल्कि हाल ही में इनका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसने पुलिस की सक्रियता को और बढ़ा दिया था।
दोमुहानी पुल पर आधी रात का एक्शन: कैसे टूटी नशा तस्करों की कमर?
सोनारी का दोमुहानी पुल इलाका पिछले कुछ समय से संदिग्ध गतिविधियों का केंद्र बना हुआ था।
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सटीक सूचना: पुलिस को पक्की खबर मिली थी कि दोमुहानी पुल के पास नशा खरीदारों और विक्रेताओं का बड़ा जमावड़ा होने वाला है।
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SIT की घेराबंदी: सीसीआर डीएसपी के निर्देश पर एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। पुलिस ने सादे लिबास में इलाके की रेकी की और जैसे ही लेन-देन शुरू हुआ, तस्करों को चारों तरफ से घेर लिया।
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बरामदगी: तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 43 पुड़िया ब्राउन शुगर और नशा बेचकर कमाए गए 6000 रुपये नकद बरामद किए गए।
वायरल वीडियो वाले तस्करों का अंत: ये हैं गिरफ्तार आरोपी
पुलिस की इस कार्रवाई में जिन लोगों को सलाखों के पीछे भेजा गया है, वे लंबे समय से इस अवैध धंधे में पैर जमाए हुए थे।
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भारती केवट (40 वर्ष): इस सिंडिकेट की मुख्य कड़ी मानी जा रही महिला, जो स्थानीय स्तर पर नेटवर्क संभालती थी।
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विशाल केवट (20 वर्ष), रिशु साहू (29 वर्ष) और कुमार बहादुर (32 वर्ष): ये तीनों युवक नशा सप्लाई करने और ग्राहकों तक पहुँचाने का काम करते थे।
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वायरल सबूत: कुछ दिन पहले एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें ये लोग सरेआम नशा बेचते नजर आ रहे थे। पुलिस तभी से इनकी तलाश में जुटी थी और 1 अप्रैल की रात इनका खेल खत्म हो गया।
सोनारी और ब्राउन शुगर का काला इतिहास: एक नजर
सोनारी और दोमुहानी का संगम क्षेत्र प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, लेकिन अपराधियों ने इसे नशे का अड्डा बना दिया है।
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नशे का 'हॉटस्पॉट': सोनारी के झापड़पट्टी और दोमुहानी इलाके में ब्राउन शुगर की तस्करी का इतिहास पुराना रहा है। नदियों के किनारे और झाड़ियों का फायदा उठाकर तस्कर यहाँ सुरक्षित ठिकाना बना लेते हैं।
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पुलिस की लगातार कार्रवाई: 2025 में भी सोनारी पुलिस ने यहाँ से करीब 100 से अधिक पुड़िया बरामद की थीं। बार-बार होने वाली गिरफ्तारियों के बावजूद नए चेहरे इस धंधे में शामिल हो जाते हैं।
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सोशल मीडिया और सतर्कता: आधुनिक दौर में वायरल वीडियो पुलिस के लिए 'डिजिटल एविडेंस' का काम कर रहे हैं। जमशेदपुर पुलिस अब सोशल मीडिया पर सक्रिय नशा गिरोहों पर पैनी नजर रख रही है।
CCR DSP की चेतावनी: "नशा मुक्त जमशेदपुर" का संकल्प
गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीसीआर डीएसपी मनोज कुमार ठाकुर ने साफ कर दिया कि शहर में नशे के सौदागरों के लिए कोई जगह नहीं है।
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निरंतर अभियान: पुलिस अब इन तस्करों के 'बैकवर्ड और फॉरवर्ड' लिंक की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि शहर में ब्राउन शुगर की यह खेप ओडिशा या बंगाल के किस रूट से आ रही है।
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न्यायिक हिरासत: गिरफ्तार चारों आरोपियों को कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
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जनता से अपील: पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि अगर वे अपने मोहल्ले में नशा बिकते देखें, तो तुरंत गुप्त सूचना दें। पुलिस सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गुप्त रखेगी।
सोनारी में हुई यह कार्रवाई जमशेदपुर पुलिस की मुस्तैदी का प्रमाण है। ब्राउन शुगर जैसी घातक ड्रग्स न केवल युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रही है, बल्कि शहर में अपराध की दर को भी बढ़ा रही है। भारती केवट और उसके साथियों की गिरफ्तारी से सोनारी के स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, दोमुहानी जैसे 'सेंसिटिव जोन' में पुलिस को स्थायी गश्ती और लाइटिंग की व्यवस्था करनी होगी ताकि अंधेरे का फायदा उठाकर ये नशा माफिया फिर से सिर न उठा सकें। फिलहाल, शहर के अन्य इलाकों में भी इसी तरह की छापेमारी जारी रहने की उम्मीद है।
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