Bengaluru IPL: बेंगलुरु IPL मैच में मोबाइल उड़ाने वाला साहिबगंज का 'मुखिया' गैंग धराया, फ्लाइट से लाए गए थे नाबालिग चोर, 14 आईफोन बरामद
बेंगलुरु पुलिस ने आईपीएल 2026 के दौरान मोबाइल चोरी करने वाले साहिबगंज के संगठित गिरोह का खुलासा किया है। नाबालिगों को फ्लाइट से भेजने, 29 मोबाइल की बरामदगी और 'मुखिया' के इस खौफनाक नेटवर्क की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।
बेंगलुरु/साहिबगंज, 2 अप्रैल 2026 – क्रिकेट के दीवानों के लिए आईपीएल (IPL) का उत्साह चरम पर है, लेकिन इसी भीड़ का फायदा उठाकर आपकी जेब साफ करने वाला एक बेहद शातिर और संगठित गिरोह दक्षिण भारत में सक्रिय हो चुका है। बेंगलुरु पुलिस ने आईपीएल 2026 के उद्घाटन मैच के दौरान एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में मोबाइल चोरी करने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने 7 नाबालिगों और उनके एक वयस्क हैंडलर को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के 'चोर गिरोह' के तार झारखंड के साहिबगंज जिले के तीनपहाड़ इलाके से जुड़े हैं।
फ्लाइट से सफर और 5 हजार का लालच: बच्चों को दी जाती थी 'स्पेशल ट्रेनिंग'
पुलिस की जांच में इस गैंग के काम करने के तरीके (Modus Operandi) को लेकर जो खुलासे हुए हैं, वे किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं हैं।
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टारगेट बेस्ड चोरी: साहिबगंज से लाए गए इन नाबालिगों को खास तौर पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर हाथ साफ करने के लिए तैयार किया जाता था। प्रत्येक बच्चे को कम से कम 5 मोबाइल चोरी करने का टारगेट दिया जाता था।
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लक्जरी और लालच: इस काम के बदले बच्चों को 5 हजार रुपये दिए जाते थे, जबकि उनके आने-जाने, रहने और खाने का पूरा खर्च गिरोह उठाता था।
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एयर ट्रेवल: गिरोह की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ नाबालिगों को पटना से बेंगलुरु फ्लाइट के जरिए भेजा गया था, ताकि वे समय पर उद्घाटन मैच की भीड़ का हिस्सा बन सकें।
IPL 2026: एक ही मैच में 29 मोबाइल पार, 14 निकले आईफोन
28 मार्च को बेंगलुरु में हुए मैच के दौरान इस गिरोह ने जमकर उत्पात मचाया। पुलिस ने इनके पास से चोरी के 29 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
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प्रीमियम टारगेट: बरामद फोन में से 14 आईफोन (iPhone) हैं, जिन्हें रीसेल मार्केट में ऊंचे दामों पर बेचने की योजना थी।
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सक्रियता के केंद्र: यह गैंग सिर्फ स्टेडियम के स्टैंड्स में ही नहीं, बल्कि मेट्रो स्टेशन, गेट नंबर 1 और चिन्नास्वामी के आसपास की सड़कों पर भी एक्टिव था।
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मुखिया का जाल: इस पूरे ऑपरेशन का मास्टरमाइंड 26 वर्षीय शुभम कुमार उर्फ ‘मुखिया’ है। वह साहिबगंज से ही पूरे नेटवर्क को कंट्रोल कर रहा था और नाबालिगों की हर हरकत पर नजर रख रहा था।
साहिबगंज गैंग का इतिहास: 2012 से देश भर में दहशत
झारखंड का साहिबगंज जिला पिछले कई वर्षों से मोबाइल चोरी और साइबर अपराध के लिए देश भर की पुलिस की रडार पर रहा है।
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दशकों पुराना नेटवर्क: पुलिस के अनुसार, यह गिरोह 2012 से सक्रिय है। साहिबगंज के तीनपहाड़ और राजमहल जैसे इलाकों से छोटे बच्चों को 'पिकपॉकेटिंग' की ट्रेनिंग देकर दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे महानगरों में भेजा जाता है।
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पिछला रिकॉर्ड: आईपीएल 2025 में भी बेंगलुरु और चेन्नई में कुल 74 मोबाइल चोरी हुए थे, जिनमें इसी नेटवर्क का हाथ होने की प्रबल संभावना है। चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में हुई वारदातों के तार भी साहिबगंज से ही जुड़े मिले थे।
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साइबर क्राइम का लिंक: चोरी किए गए इन महंगे स्मार्टफोन्स का इस्तेमाल अक्सर बैंक ओटीपी हैक करने या फर्जी सिम कार्ड के जरिए साइबर ठगी (Cyber Fraud) में किया जाता है, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बना हुआ है।
बेंगलुरु पुलिस की अगली स्ट्राइक: चेन्नई और अन्य राज्यों में दबिश
गिरोह के 'मुखिया' की गिरफ्तारी के बाद अब बेंगलुरु पुलिस इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचने की कोशिश कर रही है।
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इंटर-स्टेट कोऑर्डिनेशन: बेंगलुरु पुलिस की एक विशेष टीम चेन्नई भेजी गई है ताकि वहां हुई पुरानी चोरी की घटनाओं और वर्तमान गैंग के बीच कड़ी जोड़ी जा सके।
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नाबालिगों का भविष्य: पकड़े गए नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेजा गया है, जबकि शुभम कुमार उर्फ मुखिया से पुलिस रिमांड में पूछताछ की जा रही है।
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IPL अलर्ट: पुलिस ने आगामी मैचों के लिए दर्शकों को अलर्ट रहने की सलाह दी है। अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति बिना वजह भीड़ में सटकर चलने की कोशिश करे, तो तुरंत सुरक्षाकर्मियों को सूचित करें।
बेंगलुरु पुलिस की यह कार्रवाई साहिबगंज के उस संगठित अपराध पर एक करारा प्रहार है जो नाबालिगों के भविष्य को बर्बाद कर उन्हें अपराध की दुनिया में धकेल रहा है। आईपीएल का उत्साह बना रहे, इसके लिए जरूरी है कि प्रशंसक खुद भी अपनी कीमती चीजों के प्रति सतर्क रहें। 'मुखिया' जैसे अपराधियों का जेल जाना जरूरी है, लेकिन साहिबगंज के इस पुराने 'चोर सिंडिकेट' को खत्म करने के लिए झारखंड और कर्नाटक पुलिस को मिलकर एक बड़ा ऑपरेशन चलाना होगा। फिलहाल, चोरी के 29 मोबाइल फोन मालिकों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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