Ranchi Raid : रांची में थार से सप्लाई हो रही थी ब्राउन शुगर, पिस्टल और 4.5 लाख कैश के साथ दो तस्कर धरे गए

राजधानी रांची के धुर्वा में पुलिस ने आधी रात को छापेमारी कर 397 ग्राम ब्राउन शुगर, देसी पिस्टल और 4.51 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। महिंद्रा थार से चल रहे इस हाई-प्रोफाइल नशा सिंडिकेट और अरविंद-हरीश की गिरफ्तारी की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।

Apr 2, 2026 - 19:36
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Ranchi Raid :  रांची में थार से सप्लाई हो रही थी ब्राउन शुगर, पिस्टल और 4.5 लाख कैश के साथ दो तस्कर धरे गए
Ranchi Raid : रांची में थार से सप्लाई हो रही थी ब्राउन शुगर, पिस्टल और 4.5 लाख कैश के साथ दो तस्कर धरे गए

रांची, 2 अप्रैल 2026 – राजधानी रांची में नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और प्रभावी 'सर्जिकल स्ट्राइक' को अंजाम दिया है। धुर्वा थाना क्षेत्र के डहुटोली इलाके में आधी रात को हुई इस छापेमारी ने शहर के हाई-प्रोफाइल ड्रग सिंडिकेट की कमर तोड़ दी है। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) राकेश रंजन को मिली एक सटीक गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने न केवल भारी मात्रा में ब्राउन शुगर बरामद की, बल्कि अवैध हथियार और लाखों की नकदी के साथ दो शातिर तस्करों को भी दबोच लिया है। इस पूरे ऑपरेशन का सबसे चौंकाने वाला पहलू तस्करी में इस्तेमाल हो रही एक काले रंग की महिंद्रा थार (Mahindra Thar) है, जो इस काले कारोबार के रसूख की ओर इशारा करती है।

आधी रात को 'ऑपरेशन डहुटोली': रात 2:20 बजे की खौफनाक रेड

जब पूरी राजधानी सो रही थी, तब सिटी एसपी पारस राणा और हटिया डीएसपी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने धुर्वा के डहुटोली में घेराबंदी कर दी।

  • किराये का ठिकाना: पुलिस ने श्वेता कुजूर के नाम पर लिए गए एक किराये के मकान पर धावा बोला। वहां मौजूद दो युवकों, अरविंद कुमार और हरीश उरांव, को भागने का मौका तक नहीं मिला।

  • कमरे से मिला जखीरा: मकान की तलाशी के दौरान पुलिस की आंखें फटी रह गई। कमरे के भीतर से 2300 पुड़िया ब्राउन शुगर (217 ग्राम), 110 ग्राम ब्राउन शुगर स्टोन और 20 ग्राम अतिरिक्त ड्रग्स बरामद की गई।

  • थार में छिपा था 'खजाना': घर के बाहर खड़ी महिंद्रा थार की जब तलाशी ली गई, तो उसके भीतर से भी 500 पुड़िया (50 ग्राम) ब्राउन शुगर मिली। कुल मिलाकर 397 ग्राम ब्राउन शुगर जब्त की गई है, जिसकी बाजार में कीमत लाखों में आंकी जा रही है।

हथियार, कैश और तराजू: पूरी 'ड्रग फैक्ट्री' का पर्दाफाश

यह महज नशा बेचने वाला गिरोह नहीं था, बल्कि एक सुव्यवस्थित आपराधिक नेटवर्क था। पुलिस ने मौके से निम्नलिखित सामान बरामद किए हैं:

  1. अवैध हथियार: एक लोडेड देसी पिस्टल और चार जिंदा कारतूस, जो तस्करों के खतरनाक इरादों को जाहिर करते हैं।

  2. भारी नकदी: नशा बेचकर जुटाए गए 4.51 लाख रुपये नकद, एटीएम कार्ड और कई मोबाइल फोन।

  3. डिजिटल तराजू: नशीले पदार्थों को सटीक वजन देकर पुड़िया बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले 3 डिजिटल तराजू

रांची और नशे का बदलता ट्रेंड: पुरानी गलियों से आलीशान गाड़ियों तक

रांची में ब्राउन शुगर की तस्करी का इतिहास अब बदल रहा है। पहले जहाँ यह गलियों तक सीमित था, अब इसमें 'लक्जरी' और 'हथियार' शामिल हो गए हैं।

  • धुर्वा का 'हॉटस्पॉट': धुर्वा और हटिया इलाके पिछले कुछ समय से नशे के ट्रांजिट पॉइंट बन रहे हैं। बाहरी इलाकों से आने वाली ड्रग्स को यहाँ सुरक्षित ठिकानों पर स्टोर किया जाता है और फिर शहर के युवाओं तक पहुँचाया जाता है।

  • सफेदपोशों का कनेक्शन: तस्करी में महिंद्रा थार जैसी महंगी गाड़ी का इस्तेमाल होना यह दर्शाता है कि इस धंधे में बड़े सफेदपोश अपराधी और रसूखदार लोग भी शामिल हो सकते हैं।

  • पुलिस की रणनीति: 2024-25 के दौरान रांची पुलिस ने 'ड्रग-फ्री रांची' अभियान के तहत कई छोटी गिरफ्तारियां की थीं, लेकिन 2 अप्रैल की यह कार्रवाई सीधे सप्लायर्स के मुख्य नेटवर्क पर चोट है।

अगली कार्रवाई: एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट के तहत शिकंजा

सिटी एसपी पारस राणा ने स्पष्ट किया है कि अरविंद और हरीश के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) और आर्म्स एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

  • बैकवर्ड लिंकिंग: पुलिस अब पकड़े गए आरोपियों के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और एटीएम ट्रांजैक्शन खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ब्राउन शुगर की यह इतनी बड़ी खेप रांची कहाँ से पहुँची थी।

  • फरार साथियों की तलाश: छापेमारी के दौरान कुछ सुराग ऐसे भी मिले हैं जो गिरोह के अन्य सदस्यों की ओर इशारा करते हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे गिरोह के मास्टरमाइंड को बेनकाब कर दिया जाएगा।

  • प्रशासनिक अलर्ट: शहर के सभी किराये के मकानों के वेरिफिकेशन (Verification) को लेकर भी पुलिस अब और सख्त हो गई है, ताकि अपराधी ऐसे रिहायशी इलाकों को अपना अड्डा न बना सकें।

राजधानी की सड़कों पर 'काली थार' में घूमता मौत का यह सौदा अब पुलिस की गिरफ्त में है। अरविंद और हरीश की गिरफ्तारी रांची के उन हजारों परिवारों के लिए एक राहत की खबर है जिनके बच्चे नशे की लत का शिकार हो रहे हैं। पुलिस कप्तान राकेश रंजन के नेतृत्व में धुर्वा में हुई यह कार्रवाई यह साबित करती है कि अपराधियों के लिए अब कोई भी ठिकाना सुरक्षित नहीं है। बरामद पिस्टल और 397 ग्राम ड्रग्स यह चेतावनी है कि अगर वक्त रहते इन तस्करों को नहीं रोका गया, तो शहर की शांति खतरे में पड़ सकती है। फिलहाल, दोनों आरोपी जेल की ओर हैं और रांची पुलिस अपनी अगली बड़ी स्ट्राइक की तैयारी में है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।