Maiya Samman Yojana : छठ-दिवाली से पहले मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के 51 लाख से अधिक लाभुकों के खातों में पहुंचे 1,276 करोड़ रुपये
झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने दिवाली से पहले मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के 51 लाख से अधिक बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों के खातों में अक्टूबर महीने की पेंशन राशि भेजने का फैसला लिया है। इसके लिए कुल 1,276 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। गिरिडीह जिले में सबसे अधिक लाभुकों को फायदा मिलेगा।
झारखंड में त्योहारों का मौसम शुरू होते ही हेमंत सोरेन सरकार ने राज्य के लाखों गरीब और जरूरतमंद परिवारों पर आर्थिक मेहरबानी की बारिश कर दी है। दीपावली और छठ पूजा जैसे बड़े पर्वों से पहले सरकार ने न सिर्फ कर्मचारियों के महंगाई भत्ता **(DA) में बढ़ोतरी की घोषणा की है, बल्कि मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लाभुकों के खातों में अक्टूबर महीने की पेंशन राशि भी एडवांस में भेजने का ऐतिहासिक निर्णय ले लिया है। यह फैसला लाखों माताओं और बहनों को खुशी और उत्साह के साथ त्योहार मनाने की शक्ति प्रदान करेगा।
सामाजिक सुरक्षा निदेशालय के निदेशक विजय सिन्हा ने इस बड़ी सौगात की पुष्टि करते हुए बताया कि राज्य भर के कुल 51 लाख 04 हजार 168 लाभुकों के खातों में राशि भेजी जाएगी। इसके लिए सरकार ने कुल 1,276 करोड़ 4 लाख 20 हजार रुपये की भारी भरकम रकम जिलों को जारी कर दी है। शुक्रवार से ही यह रकम ट्रेजरी के माध्यम से सीधे लाभुकों के बैंक खातों में स्थानांतरित होना शुरू हो जाएगी।
लाखों परिवारों को आर्थिक राहत: हेमंत सोरेन की मंशा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की स्पष्ट मंशा है कि त्योहारों से पहले राज्य के बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांग महिलाओं को आर्थिक राहत मिलनी चाहिए। यह राशि न केवल लाभुकों को त्यौहार मनाने में मदद करेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा।
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नियमितता की मिसाल: खास बात यह है कि हेमंत सरकार ने इस योजना की किस्त को पूरी तरह से अपडेट कर दिया है। अब हर महीने समय पर राशि ट्रांसफर की जा रही है और त्योहारों के मौके पर विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।
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पुरानी परंपरा: सरकार ने इससे पहले भी रक्षा बंधन, करमा पूजा और दुर्गा पूजा जैसे प्रमुख त्योहारों से पहले किस्त जारी करके यह परंपरा स्थापित की थी, जो अब दीपावली और छठ पर भी जारी रखी गई है।
जिलावार लाभ: गिरिडीह में सबसे अधिक खुशहाली
राज्य के सभी 24 जिलों में इस योजना के लाभुकों को राशि भेजी जाएगी। आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक खुशहाली गिरिडीह जिले के लाभुकों में देखने को मिलेगी।
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शीर्ष पाँच जिले: गिरिडीह (4,52,354 लाभुकों) के बाद रांची (3,86,559 लाभुकों), धनबाद (3,57,577 लाभुकों), पलामू (3,50,993 लाभुकों) और बोकारो (3,34,253 लाभुकों) में बड़ी संख्या में लाभुक हैं।
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सबसे कम लाभुक: सिमडेगा जिले में सबसे कम 88,606 लाभुकों को यह राशि मिलेगी।
सरकार का यह फैसला न सिर्फ एक आर्थिक मदद है, बल्कि एक राजनीतिक संदेश भी है कि सरकार ग्रामीण और सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशील है। लाखों परिवारों में दीपावली और छठ के पर्व इस बार पहले से कहीं ज्यादा रोशन होने की संभावना है।
आपकी राय में, त्योहारों के मौके पर गरीब लाभुकों को पेंशन की राशि एडवांस में जारी करने के पीछे सरकार का मानवीय और राजनीतिक मकसद कितना बड़ा होता है?
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