Jharkhand Weather: शीतलहर की चेतावनी, 4 दिनों में 4°C गिरेगा तापमान, इन इलाकों में कड़ाके की ठंड
झारखंड में अब तक की सबसे कड़ाके की ठंड! मौसम विभाग ने जारी की बड़ी चेतावनी। 48 घंटों में 3 से 4 डिग्री तक गिरेगा न्यूनतम तापमान, गुमला और खूंटी जैसे जिलों में क्या होगी शीतलहर की स्थिति? जानें अपने शहर का हाल और बचाव के उपाय।
रांची, 3 दिसंबर 2025 – झारखंड में दिसंबर के पहले सप्ताह के साथ ही सर्दी ने अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, राज्य में आज से न्यूनतम तापमान में बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी, जिसके चलते कड़ाके की ठंड और शीतलहर जैसी स्थिति बन सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के समाप्त होने और पूर्वी हवाओं का असर कमजोर पड़ने के कारण ही तापमान में तेज गिरावट की संभावना जताई गई है। यह बदलाव आम जनजीवन को प्रभावित कर सकता है।
48 घंटे सबसे महत्वपूर्ण: 4 डिग्री तक गिरेगा पारा
मौसम विभाग का नवीनतम अनुमान है कि झारखंड के विभिन्न हिस्सों में अगले चार दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ सकता है।
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शीतलहर की आशंका: इस गिरावट का सबसे अधिक प्रभाव आज (3 दिसंबर) से ही देखने को मिलेगा, जब राज्य भर में शीतलहर जैसी स्थितियाँ बनने की आशंका है। खासकर गुमला, खूंटी, लोहरदगा और लातेहार जैसे जिले ठंड का असर अधिक तीव्र रहने की संभावना है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि आज से 6 दिसंबर का समय सर्दी के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण रहने वाला है।
राजधानी रांची का हाल: सुबह छाएगी घनी धुंध
मौसम विभाग के अनुसार, आसमान मुख्य रूप से साफ बना रहेगा, हालांकि 3 दिसंबर को कुछ क्षेत्रों में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं। साफ आसमान और हवाओं की कमजोर पड़ चुकी गति के कारण रात के तापमान में तेज गिरावट होगी, जिससे सुबह के समय घने कोहरे या धुंध की स्थिति बन सकती है।
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दृश्यता पर असर: राज्य के उत्तरी और मध्य हिस्सों में सुबह के समय दृश्यता प्रभावित होने के संकेत भी मिले हैं। राजधानी रांची में अधिकतम तापमान करीब 25 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 11 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। अगले दो दिनों में यह न्यूनतम तापमान और नीचे जा सकता है।
मौसम विशेषज्ञों ने यह भी स्पष्ट किया है कि राज्य के किसी भी हिस्से में बारिश की संभावना नहीं है और पूरा मौसम शुष्क बना रहेगा।
ग्रामीण इलाकों में बढ़ेगी मुश्किल, खेती-किसानी पर असर
साफ आसमान और उत्तरी हवाओं का रुख ठंड को और बढ़ाएगा। ग्रामीण और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे जा सकता है। इससे खेती-किसानी, सुबह की गतिविधियों और यातायात पर सीधा असर पड़ने की संभावना है। किसानों और आम लोगों को ठंड से बचने के लिए आवश्यक उपाय करने की सलाह दी गई है।
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