Jamshedpur Mahotsav: दिव्य विवाह, श्रीमद्भागवत कथा में राधा-कृष्ण विवाह की धूम, अघासुर का वध देख झूमे भक्त

जमशेदपुर में आयोजित भागवत कथा के छठे दिन राधा-कृष्ण विवाह के प्रसंग ने भक्तों को भाव-विभोर कर दिया है। अघासुर वध की अलौकिक कथा और वृंदावन के आध्यात्मिक महत्व से जुड़ी इस दिव्य रिपोर्ट को यहाँ विस्तार से पढ़ें वरना आप भी इस धार्मिक महाकुंभ के सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव और विधायक पूर्णिमा साहू की विशेष उपस्थिति की जानकारी से वंचित रह जाएंगे।

Dec 27, 2025 - 19:28
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Jamshedpur Mahotsav: दिव्य विवाह, श्रीमद्भागवत कथा में राधा-कृष्ण विवाह की धूम, अघासुर का वध देख झूमे भक्त
Jamshedpur Mahotsav: दिव्य विवाह, श्रीमद्भागवत कथा में राधा-कृष्ण विवाह की धूम, अघासुर का वध देख झूमे भक्त

जमशेदपुर, 27 दिसंबर 2025 – लौहनगरी जमशेदपुर में इन दिनों भक्ति की गंगा बह रही है। श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन आज माहौल पूरी तरह वृंदावनमय हो गया। कथा के इस विशेष पड़ाव पर राधा-कृष्ण विवाह का प्रसंग सुनाया गया, जिसे सुनकर पांडाल में मौजूद हजारों भक्त झूम उठे। इस धार्मिक अनुष्ठान में राजनीति और समाजसेवा से जुड़े दिग्गजों ने भी हाजिरी लगाई। जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू और कांग्रेस नेता आनंद बिहारी दुबे सहित कई गणमान्य लोगों ने कथा का श्रवण किया और व्यास पीठ से आशीर्वाद लिया। आज की कथा केवल एक प्रसंग नहीं, बल्कि जीवन में इंद्रियों पर नियंत्रण और अटूट विश्वास का सबसे बड़ा दर्शन बनकर उभरी।

वृंदावन प्रस्थान: प्रेम, भक्ति और विश्वास का संगम

कथा वाचक ने आज गोकुल से वृंदावन प्रस्थान की कथा का बड़ा ही मार्मिक वर्णन किया।

  • वृंदा का अर्थ: कथा में बताया गया कि 'वृंदा' केवल एक स्थान नहीं बल्कि तुलसी, प्रेम, भक्ति और विश्वास का प्रतीक है। जिसके मन में ये गुण रहेंगे, वह जीवन के हर मोर्चे पर सफल होगा।

  • इंद्रियों का प्रतीक: कथा में बछड़ों की चंचलता को मानवीय इंद्रियों का प्रतीक बताया गया। यह समझाया गया कि यदि जीवन में श्रीकृष्ण (ज्ञान) का आगमन हो जाए, तो हम अपनी चंचल इंद्रियों को संयम में रख सकते हैं।

अघासुर वध: जब कृष्ण ने फाड़ा अजगर का पेट

आज की कथा का सबसे रोमांचक हिस्सा वह था जब भगवान कृष्ण ने अपने बाल सखाओं (ग्वाल-बालों) की रक्षा के लिए असुरों का अंत किया।

  1. बकासुर और बक्सासुर का अंत: बगुला रूप में आए बकासुर के वध की कथा ने भक्तों को बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया।

  2. भयानक अघासुर: जब अघासुर ने एक विशाल अजगर का रूप धारण कर अपना मुँह गुफा की तरह खोल दिया, तो सभी ग्वाल-बाल अनजाने में उसके पेट में समा गए।

  3. विशाल रूप: अपने सखाओं को बचाने के लिए कान्हा ने अपना शरीर इतना विशाल कर लिया कि उस अजगर का पेट फट गया। इस अलौकिक दृश्य के वर्णन पर पूरा पांडाल 'नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की' के जयकारों से गूँज उठा।

भागवत कथा: षष्ठम दिवस मुख्य अंश (Event Highlights)

प्रसंग / विवरण मुख्य आध्यात्मिक संदेश
राधा-कृष्ण विवाह आत्मा और परमात्मा के मिलन का प्रतीक
अघासुर वध अहंकार और कपट का विनाश
वृंदावन महिमा भक्ति और विश्वास ही सफलता की कुंजी है
मुख्य अतिथि विधायक पूर्णिमा साहू, आनंद बिहारी दुबे
प्रसाद भोग उपरांत महाप्रसाद वितरण

ऐतिहासिक संदर्भ: जमशेदपुर और भागवत परंपरा

जमशेदपुर में भागवत कथा का आयोजन दशकों पुराना है। यहाँ की मिट्टी में श्रम के साथ-साथ धर्म का भी गहरा समावेश रहा है। कथा में नंद बाबा के छोटे भाई घनानंद और गोकुल वासियों के आपसी प्रेम का जो वर्णन किया गया, वह आज के आधुनिक समाज के लिए एक बड़ा सबक है कि कैसे एकता और संवाद से बड़े से बड़े संकट को टाला जा सकता है।

प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति: आस्था का महाकुंभ

आज की कथा में राजनैतिक सरगर्मी भी देखने को मिली। जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने विधिवत पूजन किया। उनके साथ मंडल अध्यक्ष कुमार अभिषेक, संतोष ठाकुर, निर्मल सिंह और सन्नी भी उपस्थित रहे। कथा के अंत में भगवान को छप्पन भोग लगाया गया और उपस्थित जनसमूह के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया।

आयोजन समिति की मेहनत रंग लाई

इस भव्य कार्यक्रम को सफल बनाने में शत्रुघ्न प्रसाद, संजय गुप्ता, रूपा गुप्ता, स्वाति गुप्ता, अमर भूषण और देवाशीष झा जैसे समर्पित सेवादारों की मुख्य भूमिका रही। इन लोगों ने न केवल व्यवस्था संभाली बल्कि भक्तों के लिए सुगम दर्शन सुनिश्चित किए।

सतर्क रहने की जरूरत

कथा के अंत में यह मार्मिक संदेश दिया गया कि दुनिया में आज भी कई 'खल' (दुष्ट) भेष बदलकर घूम रहे हैं, जिनसे समाज को सतर्क रहने की जरूरत है। भगवान कृष्ण की शरण में रहकर ही हम इन मायावी संकटों से बच सकते हैं। आज का दिन राधा-कृष्ण के दिव्य विवाह के नाम रहा, जिसने जमशेदपुर की शाम को अलौकिक बना दिया।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।