Jamshedpur Scandal: स्कूल की आड़ में चल रहा था गुप्त धंधा, मकान से बरामद हुआ चौंकाने वाला सामान!
जमशेदपुर में स्कूल के नाम पर लिए गए मकान से पुलिस ने आपत्तिजनक सामान बरामद किया। क्या स्कूल की आड़ में कुछ और चल रहा था? पढ़ें पूरी खबर!

जमशेदपुर: झारखंड के जमशेदपुर के सुंदरनगर थाना क्षेत्र में एक रहस्यमय मकान को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस को एक शिकायत मिली थी कि इस मकान पर जबरन कब्जा किया गया है और इसे खाली करवाने को लेकर विवाद चल रहा है। लेकिन जब पुलिस ने मकान की जांच की, तो जो चीजें सामने आईं, उसने हर किसी को हैरान कर दिया।
मकान की तलाशी में चौंकाने वाले खुलासे!
जांच के दौरान पुलिस को मकान के कई कमरों से आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ, जिसमें कंडोम भी शामिल था। सवाल यह उठता है कि जिस मकान को एक स्कूल के नाम पर किराए पर लिया गया था, वहां आखिर क्या चल रहा था?
मामले की जांच में जुटी पुलिस, आधी रात तक चला छापा
जमशेदपुर एसएसपी किशोर कौशल के आदेश पर विधि-व्यवस्था डीएसपी खुद इस मामले की निगरानी कर रहे हैं।
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सोमवार की रात करीब साढ़े 9 बजे तक पुलिस अधिकारी सुंदरनगर थाने में मौजूद रहे।
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इस दौरान मकान के कब्जे और अंदर चल रही संदिग्ध गतिविधियों को लेकर जांच की गई।
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पुलिस ने आशंका होने पर मकान के दो कमरों के ताले तक तोड़ डाले।
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मकान के अंदर का वीडियो भी रिकॉर्ड किया गया।
स्कूल की आड़ में क्या हो रहा था?
इस मकान को "जेआरडी टाटा सेंटर फॉर एक्सीलेंस स्कूल" के नाम पर किराए पर लिया गया था। लेकिन जब पुलिस ने इसकी बारीकी से जांच की, तो वहां स्कूल जैसा कुछ भी नहीं मिला। इसके उलट, मकान के कई कमरों से आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद की गईं, जिससे यह शक गहराया कि यहां कुछ गड़बड़ चल रही थी।
मकान पर कब्जे को लेकर भी विवाद!
मकान के मालिक अशोक अग्रवाल का कहना है कि उन्होंने यह मकान किराए पर दिया था, लेकिन किराएदार ने बकाया 9 लाख रुपये नहीं चुकाए।
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2021 में एग्रीमेंट हुआ था कि अगर प्रभात महाराज (कथित किराएदार) बकाया नहीं चुकाते हैं, तो मकान मालिक को इसे जबरन खाली करवाने का अधिकार होगा।
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अब मामला यह भी सामने आ रहा है कि आरोपी पक्ष खुद इस जमीन को अपनी बता रहा था और जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहा था।
प्रभात महाराज को पुलिस ने दिया ऊपरी तल्ले पर रहने का आदेश!
जब विवाद बढ़ता गया, तो पुलिस ने फिलहाल अस्थायी समाधान निकालते हुए आरोपी प्रभात महाराज को ऊपरी मंजिल पर रहने दिया है, जबकि मकान मालिक अशोक अग्रवाल को निचले हिस्से में रखा गया है। अगर किसी तरह का विवाद होता है, तो दोनों पक्ष अपने स्तर पर पुलिस से शिकायत कर सकते हैं।
अब आगे क्या?
पुलिस का कहना है कि इस मामले में कई एंगल से जांच की जा रही है।
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क्या स्कूल की आड़ में कोई अवैध गतिविधि चलाई जा रही थी?
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क्या मकान पर जबरन कब्जा करने की कोई सोची-समझी साजिश थी?
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क्या मकान मालिक और किराएदार के बीच कोई पुराना विवाद था?
जांच के बाद ही इन सवालों के जवाब सामने आएंगे। लेकिन जो भी हो, यह मामला जमशेदपुर में काफी चर्चा का विषय बन गया है।
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