जमशेदपुर स्कूल फीस विवाद: अभिभावकों ने जिला शिक्षा अधीक्षक से की मुलाकात

जमशेदपुर के डीएसएम स्कूल फॉर एक्सीलेंस में फीस विवाद के चलते छात्रों को फस्ट टर्म परीक्षा से वंचित किया गया। अभिभावकों ने जिला शिक्षा अधीक्षक से मुलाकात की और 15 जुलाई तक फीस जमा करने की मांग की।

Jul 10, 2024 - 15:43
Jul 10, 2024 - 16:02
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जमशेदपुर स्कूल फीस विवाद: अभिभावकों ने जिला शिक्षा अधीक्षक से की मुलाकात
जमशेदपुर स्कूल फीस विवाद: अभिभावकों ने जिला शिक्षा अधीक्षक से की मुलाकात

बुधवार को जमशेदपुर अभिभावक संघ के अध्यक्ष उमेश कुमार की अगुवाई में, राजगुप्ता और याना गुप्ता के परिजनों ने जिला शिक्षा अधीक्षक से मुलाकात की। उन्होंने शिकायत की कि डीएसएम स्कूल फॉर एक्सीलेंस, काशीडीह ने बकाया फीस के कारण बच्चों को उनकी फस्ट टर्म परीक्षा में शामिल होने से रोक दिया है।

मुद्दे की शुरुआत

राजगुप्ता और याना गुप्ता, जो डीएसएम स्कूल फॉर एक्सीलेंस, काशीडीह में 12वीं कक्षा के छात्र हैं, उनके पिता को 29 मई को हार्ट अटैक आया। इस वजह से परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हो गई और वे गर्मी छुट्टियों के बाद बकाया फीस जमा नहीं कर सके। हालांकि, अप्रैल में अभिभावकों ने 20,800 रुपये की फीस जमा कर दी थी और शेष राशि के लिए 15 जुलाई तक का समय मांगा था।

स्कूल का रुख

स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को 9 जुलाई से शुरू होने वाली फस्ट टर्म परीक्षा में शामिल नहीं होने दिया। परीक्षा के दौरान बच्चों को क्लास रूम से बाहर निकाल दिया गया और अटेंडेंस कम होने का बहाना बनाया। परिजनों के विरोध के बावजूद, स्कूल प्रबंधन ने उनकी बात नहीं सुनी।

जिला शिक्षा विभाग की प्रतिक्रिया

इस मुद्दे को लेकर अभिभावकों ने जिला शिक्षा अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने 15 जुलाई तक बकाया फीस जमा करने की समयसीमा मांगी। उन्होंने यह भी मांग की कि बच्चों को परीक्षा में शामिल होने दिया जाए और जिन विषयों में उन्हें वंचित रखा गया, उन विषयों में ग्रेस मार्क्स दिया जाए।

यह मामला न केवल स्कूल प्रबंधन की कठोरता को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि कठिन समय में अभिभावकों को किस प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उम्मीद है कि जिला शिक्षा विभाग इस मामले में उचित कार्रवाई करेगा और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करेगा।