Bhilai Katha: 5 दिनों की हनुमंत कथा के लिए भिलाई तैयार, प्रशासन मुस्तैद, दिव्य दरबार की खास तैयारी
सनातन धर्म के ध्वजवाहक पंडित धीरेंद्र शास्त्री की भिलाई में 25 से 29 दिसंबर तक दिव्य हनुमंत कथा होगी। प्रशासन और शासन स्तर पर बड़ी तैयारी। 27 दिसंबर को विशेष दिव्य दरबार में पर्ची निकलेगी।
दुर्ग, 15 दिसंबर 2025 – इस्पात नगरी भिलाई इस दिसंबर में पहली बार एक अत्यंत विशाल धार्मिक आयोजन की साक्षी बनने जा रही है। सनातन धर्म के प्रमुख ध्वजवाहक, प्रसिद्ध कथावाचक पंडित श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी के दिव्य श्री हनुमंत कथा का भव्य आयोजन 25 से 29 दिसंबर 2025 तक भिलाई स्थित जयंती स्टेडियम के निकट मैदान में किया जाएगा। कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक होगी, जिसमें देश और प्रदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
27 दिसंबर को विशेष दिव्य दरबार
इस भव्य आयोजन की तैयारियों को लेकर दुर्ग सर्किट हाउस में एक विस्तृत पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। इस वार्ता को संयुक्त रूप से संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव एवं कार्यक्रम के आयोजक खादी ग्रामोद्योग अध्यक्ष राकेश पाण्डेय ने तैयारियों की जानकारी दी।
कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि इस आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण 27 दिसंबर को होगा, जब विशेष दिव्य दरबार का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री श्रद्धालुओं की पर्ची निकालकर उनकी समस्याओं के समाधान हेतु मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
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तैयारियों का हाल: सेवा समर्पण समिति, दुर्ग के तत्वावधान में होने वाले इस आयोजन के लिए तैयारियाँ जोरों पर हैं। राकेश पाण्डेय के नेतृत्व में समिति अध्यक्ष पंडित वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला सहित जनप्रतिनिधि एवं समाजसेवी सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को सुचारु रूप से संपन्न कराने में जुटे हुए हैं।
प्रशासन की **प्राथमिकता: सुरक्षा और व्यवस्था
श्री यादव ने इस बात पर जोर दिया कि यह आयोजन न केवल दुर्ग-भिलाई बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देशभर के श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, यह जिला प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी। उन्होंने पुष्टि की कि प्रशासन हर स्तर पर मुस्तैद रहेगा।
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सुविधाएं: यातायात प्रबंधन, साफ-सफाई, चिकित्सा सुविधा, पेयजल, सुरक्षा सहित सभी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता में रखा जाएगा और शासन स्तर पर भी हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
सामाजिक जागरूकता के लिए विशेष प्रदर्शनी
कैबिनेट मंत्री ने एक अनोखी पहल की भी जानकारी दी। कार्यक्रम स्थल पर स्वदेशी निर्मित उत्पादों और योजनाओं की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इसके साथ ही राज्य शासन द्वारा जनजागरण हेतु चलाए जा रहे अभियानों—जैसे नशा मुक्ति, साइबर जागरूकता, बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ और स्वदेशी अपनाओ—से संबंधित प्रदर्शनी एवं स्टॉल भी होंगे, ताकि श्रद्धालु कथा के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता से भी जुड़ सकें।
आयोजक राकेश पाण्डेय ने बताया कि 15 दिसंबर को दोपहर 2 बजे ध्वज पूजन होगा, जिसमें विभिन्न समाजों के प्रमुखों को आमंत्रित किया गया है। इसके बाद प्रतिदिन सामूहिक रूप से श्री हनुमान चालीसा का वाचन किया जाएगा।
श्री यादव और राकेश पाण्डेय ने देश एवं प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक संख्या में दिव्य श्री हनुमंत कथा में पहुँचकर पुण्य लाभ अर्जित करने और अपने जीवन को आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाने की अपील की।
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