Gumla Tragedy: नदी में नहाते वक्त डूबीं दो चचेरी बहनें, ग्रामीणों ने तीन को बचाया
गुमला में नहाने के दौरान पांच युवतियों में से दो चचेरी बहनों की डूबने से मौत का दर्दनाक मामला। ग्रामीणों ने तीन को बचाया, जानिए कैसे हुआ यह हादसा।
गुमला: झारखंड के गुमला जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर आई है, जिसने पूरे इलाके में मातम पा दिया है। बसिया थाना क्षेत्र के एक छोटे से गांव में गुरुवार को पांच युवतियां चुटिया नदी में नहाने गई थीं। मस्ती और ठंडक का यह पल इस कदर भयानक हो गया कि दो चचेरी बहनों ने नदी के गहरे पानी में दम तोड़ दिया। ग्रामीणों की मदद से तीन युवतियों को तो बचा लिया गया, लेकिन दो बहनों की जान नहीं बचाई जा सकी।
18 साल की उम्र में खत्म हो गए सारे सपने
मृतकों की पहचान सनीचर टोली निवासी 18 वर्षीय काजल कुमारी और उसकी चचेरी बहन 18 वर्षीय दीपिका कुमारी (उर्फ दीपशिखा) के रूप में हुई है। दोनों ही एक ही उम्र की थीं और उनके चेहरे पर जिंदगी के सपने खिले हुए थे। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां-बाप की लाड़ली बेटियां अब इस दुनिया में नहीं रहीं।
ग्रामीणों के मुताबिक, काजल और दीपिका बेहद हंसमुख और मिलनसार थीं। वे अक्सर साथ में पढ़ती, खेलती और घूमती थीं। गुरुवार को भी सभी युवतियों ने साथ में नहाने का प्लान बनाया था, लेकिन यह प्लान किसी कयामत से कम नहीं था।
कैसे हुआ वह भयानक हादसा?
घटना दोपहर करीब 2 बजे की बताई जा रही है। पांचों युवतियां गांव से थोड़ी दूर स्थित चुटिया नदी के उस स्थान पर पहुंची, जहां पानी सामान्य से ज्यादा गहरा था। पहले तो वे किनारे पर नहा रही थीं, लेकिन जैसे-जैसे मस्ती बढ़ती गई, वे गहरे पानी की तरफ बढ़ती चली गईं।
अचानक काजल का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चली गई। उसे बचाने के चक्कर में दीपिका भी पानी में समा गई। बाकी तीन युवतियां भी डूबने लगीं। यह देखकर किनारे पर मौजूद अन्य लोगों ने शोर मचाया। ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और पानी में कूद पड़े। उन्होंने तीन युवतियों को तो बाहर निकाल लिया, लेकिन तब तक काजल और दीपिका गहरे पानी में डूब चुकी थीं।
प्रशासन की ओर से अब तक नदी के खतरनाक इलाकों में कोई चेतावनी का बोर्ड या सुरक्षा व्यवस्था नहीं लगाई गई है। यही वजह है कि हर साल ऐसी दुखद घटनाएं सामने आती हैं।
ग्रामीणों में मातम, प्रशासन से सुरक्षा की गुहार
हादसे के बाद पूरे गांव में मातम छा गया है। लोग सड़कों पर इकट्ठा होकर परिवार वालों को ढांढस बंधा रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से नदी के गहरे इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है।
एक स्थानीय ग्रामीण ने कहा, "हमने बार-बार प्रशासन से शिकायत की थी कि यहां गहराई बहुत है, लेकिन किसी ने सुनी नहीं। आज दो मासूम जानें चली गईं। अब तो सरकार को जागना ही पड़ेगा।"
पुलिस जांच में जुटी
बसिया थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना दुर्घटनावश हुई है। फिलहाल किसी के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। पुलिस परिवार वालों से बयान ले रही है और मामले की जांच कर रही है।
गुमला की यह घटना हम सभी को यह सबक देती है कि प्रकृति के बीच मस्ती करते वक्त सावधानी कभी नहीं छोड़नी चाहिए। दो मासूम बहनों की यह कहानी आपको भी हिला देगी। सतर्क रहें, अपनों को समझाएं, और इस खबर को शेयर करें ताकि और लोग भी सावधान हो सकें।
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