Chaibasa Heartbreak: डांट से आहत होकर युवक ने टांगी फांसी, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
चाईबासा में 20 साल के साहिल मिंज ने परिजनों की डांट से नाराज होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दुकान में काम करने वाले युवक की मौत से पूरी कॉलोनी में मातम का माहौल।
चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां मुफस्सिल थाना क्षेत्र के आदिवासी कॉलोनी दूंगरी (टुंगरी) में घरेलू विवाद से आहत होकर 20 वर्षीय एक युवक ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। यह कदम उसने बुधवार देर रात उठाया, जब घर के सभी लोग सो रहे थे। गुरुवार सुबह जब यह खबर पूरी कॉलोनी में फैली, तो हर किसी के होश उड़ गए। एक मासूम युवक ने एक छोटी सी बात को इतना बड़ा मसला बना लिया कि उसने जैसे ही फंदे पर झूला, सबकुछ खत्म हो गया।
20 साल की उम्र में खत्म हो गई जिंदगी की कहानी
मृतक की पहचान आदिवासी कॉलोनी टुंगरी निवासी 20 वर्षीय साहिल मिंज के रूप में हुई है। वह एक साधारण परिवार का लड़का था, जो एक दुकान में काम करता था और अपने परिवार की आर्थिक मदद भी करता था। वह परिवार के लिए कमाने वाला सदस्य था और सबकी उम्मीदें उसी पर टिकी थीं। लेकिन एक छोटी सी नोकझोंक ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया।
परिजनों के मुताबिक, बुधवार को किसी बात पर साहिल को डांट पड़ी थी। यह वही बात है, जो हर घर में कभी न कभी होती है। एक मां-बाप अपने बच्चे को सुधारने के लिए डांटते हैं, लेकिन साहिल ने इस डांट को इतनी गंभीरता से ले लिया कि उसके दिमाग में कोई और बात ही नहीं आई।
रात का खाना खाकर सोया था साहिल, सुबह मिली लाश
परिवार ने बताया कि साहिल ने रात में सामान्य रूप से खाना खाया और अपने कमरे में सोने चला गया। उसने किसी को कुछ नहीं बताया, न ही कोई संकेत दिया कि वह कुछ गलत करने वाला है। जब सुबह तक उसका दरवाजा नहीं खुला, तो परिजनों को चिंता हुई। दरवाजा तोड़कर अंदर देखा तो वहां का नजारा देखते ही बनता था। साहिल अपने कमरे में लगे पंखे में दुपट्टे का फंदा बनाकर लटक रहा था। परिजनों के होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत उसे नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
पुलिस ने दुपट्टा जब्त किया, पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव
घटना की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल चाईबासा भेज दिया है। पुलिस ने कमरे से दुपट्टा भी जब्त कर लिया है, जिससे फंदा बनाया गया था। परिजनों का बयान दर्ज करने के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ और साफ हो पाएगा।
फिलहाल पुलिस ने किसी भी प्रकार की एफआईआर दर्ज नहीं की है, क्योंकि यह आत्महत्या का मामला है। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है कि कहीं कोई अन्य वजह तो नहीं थी।
पूरी कॉलोनी में मातम, लोग सहमे
साहिल की मौत के बाद से पूरी आदिवासी कॉलोनी में शोक का माहौल है। पड़ोसी और रिश्तेदार परिजनों को ढांढस बंधाने में लगे हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां अपने बेटे की याद में बिलख-बिलख कर रही है, तो पिता की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
चाईबासा की यह दर्दनाक घटना हर माता-पिता और हर युवा के लिए एक सबक है। क्या हम अपने बच्चों की मानसिक स्थिति को समझ पा रहे हैं? क्या हमारी डांट उनकी जान नहीं ले रही? यह खबर पढ़कर आप भी सोचिए और इसे शेयर कीजिए ताकि कोई और परिवार इस दर्द से न गुजरे।
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