Jamshedpur: Nutrition पर DC की बड़ी बैठक, स्कूल-किचन को लेकर सख्त निर्देश!
जमशेदपुर DC अनन्य मित्तल ने PM पोषण योजना की समीक्षा बैठक में स्कूली बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य जांच और किचन शेड निर्माण को लेकर सख्त निर्देश दिए।

जमशेदपुर के उपायुक्त (DC) अनन्य मित्तल ने समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में पीएम पोषण योजना (Mid-Day Meal) की समीक्षा बैठक की, जिसमें बच्चों के पोषण स्तर, किचन की स्थिति और स्वास्थ्य जांच जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि कुपोषण को रोकने और पोषाहार वितरण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
PM पोषण योजना पर कड़ी नजर, क्यों बढ़ी सख्ती?
बैठक में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण संबंधी व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई। DC अनन्य मित्तल ने स्पष्ट कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से समझौता नहीं किया जा सकता।
- स्कूली और आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को नियमित पौष्टिक आहार देने का निर्देश।
- राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत समयबद्ध स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने की बात।
- स्थानीय स्तर पर मौसमी फल, हरी सब्जियां और अनाज को मिड-डे मील के मेन्यू में शामिल करने पर जोर।
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बैठक के दौरान स्कूलों में किचन शेड की स्थिति पर भी चर्चा हुई। जिला शिक्षा अधीक्षक आशीष पांडेय ने बताया कि 2022-23 में 220 किचन शेड बनाए गए, लेकिन अभी भी 278 नए किचन शेड निर्माण की जरूरत है। इस पर DC ने DMFT फंड से किचन शेड निर्माण का प्रस्ताव तुरंत भेजने का निर्देश दिया।
- स्वच्छ वातावरण में खाना बनाने पर विशेष जोर।
- आंगनबाड़ी केंद्रों के विद्युतीकरण की समीक्षा।
- भवनहीन आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए नए निर्माण की योजना।
क्या है पीएम पोषण योजना? (PM Poshan Yojana)
PM पोषण योजना (पूर्व में मिड-डे मील योजना) 2001 में शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है।
- इस योजना से करीब 12 करोड़ बच्चों को लाभ मिलता है।
- शुरुआत में यह सिर्फ कक्षा 1-5 के बच्चों के लिए थी, लेकिन अब 8वीं तक के छात्रों को इसका लाभ मिलता है।
- राज्य सरकारें स्थानीय जरूरतों के हिसाब से मेन्यू में बदलाव कर सकती हैं।
अधिकारियों को सख्त चेतावनी, जल्द दिखेगा असर?
DC अनन्य मित्तल ने अधिकारियों को समन्वय के साथ काम करने और योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।
बैठक में उप विकास आयुक्त अनिकेत सचान, SDM धालभूम शताब्दी मजूमदार, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी संध्या रानी, जिला शिक्षा अधीक्षक आशीष पांडेय, जिला शिक्षा पदाधिकारी मनोज कुमार सहित सभी BEO, BPO और शिक्षक संघ के प्रतिनिधि शामिल थे।
अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन की यह सख्ती कुपोषण की समस्या को खत्म करने में सफल होगी, या फिर यह बैठक भी सिर्फ फाइलों तक सीमित रह जाएगी?
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