Jamshedpur Fraud: ऑनलाइन ठगी और नकली नोटों का बड़ा खेल, पुलिस ने ऐसे किया पर्दाफाश
जमशेदपुर में ऑनलाइन निवेश के नाम पर नकली नोटों के जरिए ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। जानिए कैसे पुलिस ने इस जालसाज को पकड़ा और क्या हो सकता है अगला कदम।

जमशेदपुर में ऑनलाइन ठगी और नकली नोटों का इस्तेमाल कर लोगों को चूना लगाने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। शहर में एक ऐसा गिरोह सक्रिय था, जो लोगों को आकर्षक ब्याज का लालच देकर असली पैसे ऐंठता और बदले में नकली नोट पकड़ाकर फरार हो जाता था। इस घोटाले का पर्दाफाश तब हुआ जब भुइयांडीह के एक युवक अमित चौहान ने अपनी सूझबूझ से इस ठग को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
कैसे खुला ऑनलाइन ठगी और नकली नोटों का राज?
सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के भुइयांडीह निवासी अमित चौहान को कुछ दिनों से संदेह था कि एक युवक अपने गिरोह के साथ मिलकर शहर में ठगी का खेल खेल रहा है। आखिरकार, सोमवार देर रात उसने कपाली के डोबो इलाके में इस ठग को धर दबोचा। युवक की पहचान फैज मोहम्मद के रूप में हुई, जो मानगो के ओल्ड पुरुलिया रोड का रहने वाला है।
अमित ने बिना किसी डर के पुलिस को सूचना दी और उसे पकड़कर सीतारामडेरा थाना के हवाले कर दिया। पुलिस ने जब फैज की तलाशी ली तो उसके पास से सैकड़ों नकली नोट बरामद हुए, जिन पर ‘चिल्ड्रन बैंक’ लिखा था।
कैसे काम करता था ठगों का यह गिरोह?
युवक ने बताया कि फैज और उसका गिरोह लोगों को 5% ब्याज पर निवेश का लालच देकर ठगी करता था। वह निवेशकों से असली पैसे लेकर वादा करता कि तीन से चार दिन में रकम लौटाएगा। लेकिन जब भुगतान करने की बारी आती, तो बदले में नकली नोट थमाकर फरार हो जाता।
अब तक, इस गिरोह ने दर्जनों लोगों से लाखों रुपये की ठगी की है।
रांची से आता था नकली नोटों का जखीरा
जब पुलिस ने फैज मोहम्मद से पूछताछ की, तो उसने खुलासा किया कि वह रांची से नकली नोट लेकर जमशेदपुर आता था। सोमवार की रात जब वह डोबो इलाके में किसी नए शिकार की तलाश में था, तभी अमित चौहान ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।
अमित का दावा है कि फैज की गिरफ्तारी के बाद उसके पास कई लोगों के फोन आए, जो इस गिरोह से जुड़े हो सकते हैं। लेकिन उसने किसी की परवाह नहीं की और पुलिस को जानकारी देकर ठग को पकड़वाया।
न्यायिक हिरासत में भेजने को लेकर उठे सवाल
सीतारामडेरा थाने की पुलिस ने मंगलवार को फैज को न्यायिक हिरासत में भेज दिया, लेकिन यह कार्रवाई पिछले दरवाजे से की गई, जिससे कई सवाल खड़े हो गए हैं।
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क्या पुलिस इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है?
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क्या इस ठगी गैंग में कोई बड़े नाम शामिल हैं?
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क्या पुलिस को इसके मास्टरमाइंड तक पहुंचने से रोका जा रहा है?
क्या जमशेदपुर नकली नोटों का नया हब बन रहा है?
झारखंड में नकली नोटों का खेल कोई नया नहीं है। इससे पहले भी रांची, धनबाद और जमशेदपुर में कई बार नकली नोटों के गिरोह पकड़े जा चुके हैं।
पिछले कुछ वर्षों में, झारखंड और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों से नकली नोटों की आपूर्ति होने के कई मामले सामने आए हैं। यह गिरोह छोटे व्यापारियों, निवेशकों और भोले-भाले ग्राहकों को निशाना बनाकर असली पैसे हड़पने के बाद उन्हें नकली नोट देकर फरार हो जाते हैं।
क्या कहती है पुलिस?
सीतारामडेरा थाने के अंचल अधिकारी ने बताया कि फैज से अभी गहराई से पूछताछ की जा रही है। यदि वह किसी बड़े गैंग से जुड़ा हुआ पाया जाता है, तो इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि
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क्या फैज के नकली नोट किसी बड़े अपराधी नेटवर्क से जुड़े हैं?
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क्या अन्य शहरों में भी यही गिरोह सक्रिय है?
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और सबसे महत्वपूर्ण, नकली नोटों का असली सोर्स क्या है?
अब तक क्या कार्रवाई हुई?
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पुलिस ने फैज मोहम्मद को हिरासत में लिया है।
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उसके पास से सैकड़ों नकली नोट जब्त किए गए हैं।
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पुलिस अब उसके पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
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पीड़ितों को सामने आकर शिकायत दर्ज करने की अपील की गई है।
जनता को सतर्क रहने की जरूरत
इस घटना से साफ है कि ऑनलाइन निवेश और जल्दी पैसे कमाने के लालच में पड़कर लोग ठगी के शिकार हो रहे हैं। नकली नोटों का गिरोह अब सिर्फ व्यापारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि आम लोगों को भी अपना निशाना बना रहा है।
कैसे बचें ठगी से?
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अचानक ज्यादा मुनाफे का ऑफर मिले, तो सतर्क रहें।
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किसी भी अनजान शख्स को अपने पैसे निवेश के लिए न दें।
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ऑनलाइन निवेश करने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करें।
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अगर कोई संदिग्ध लगे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
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