Bistupur Body: शव बरामद, बिष्टुपुर पोस्ट ऑफिस के सामने लिट्टी ठेले के पास मिली लाश, इलाके में फैली सनसनी
जमशेदपुर के बिष्टुपुर पोस्ट ऑफिस के सामने एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से हड़कंप मच गया है। पिछले कई सालों से कचरा चुनने वाले इस व्यक्ति की मौत की गुत्थी सुलझाने में पुलिस जुट गई है। राहगीरों ने सुबह लिट्टी ठेले के पास शव को देखा। पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर/बिष्टुपुर, 13 मार्च 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर का सबसे व्यस्त इलाका माना जाने वाला बिष्टुपुर शुक्रवार की सुबह एक दर्दनाक खबर के साथ जागा। बिष्टुपुर पोस्ट ऑफिस के ठीक सामने, जहाँ दिन भर हजारों लोगों की आवाजाही रहती है, वहां एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद होने से सनसनी फैल गई। सड़क किनारे एक लिट्टी ठेले के पास मिले इस शव को देखकर स्थानीय लोग और राहगीर सहम गए। लगभग 50 वर्ष की उम्र के इस व्यक्ति की मौत ने फुटपाथ पर जीवन गुजारने वालों की सुरक्षा और बेबसी पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुबह का खौफनाक मंजर: ठेले के पास बेजान पड़ा था शरीर
शुक्रवार की सुबह जब शहर की रफ्तार शुरू हुई और दुकानदार अपनी दुकानें खोलने पहुँचे, तो उनकी नजर पोस्ट ऑफिस के पास खड़ी लिट्टी की एक गुमटी (ठेले) पर पड़ी।
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संदेह और सन्नाटा: लोगों ने देखा कि फुटपाथ पर रहने वाला एक परिचित चेहरा वहां पड़ा हुआ है। काफी देर तक जब शरीर में कोई हलचल नहीं हुई, तो राहगीरों को शक हुआ।
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पहचान की कोशिश: पास जाकर देखने पर पता चला कि व्यक्ति की मौत हो चुकी है। बिना देर किए स्थानीय लोगों ने बिष्टुपुर पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर शव को अपने कब्जे में लिया और इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू की।
कौन था यह गुमनाम शख्स?
स्थानीय दुकानदारों और नियमित राहगीरों के अनुसार, मृतक पिछले कई वर्षों से इसी इलाके की पहचान बन गया था।
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कचरा चुनकर गुजर-बसर: वह दिन भर बिष्टुपुर की गलियों से कचरा चुनता था और जो भी चंद रुपये मिलते, उससे अपना पेट भरता था।
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पोस्ट ऑफिस का फुटपाथ था 'घर': रात के समय पोस्ट ऑफिस के सामने वाली दीवार या आसपास के ठेले ही उसका आसरा होते थे। अक्सर उसे उसी लिट्टी ठेले के पास रात गुजारते देखा जाता था, जहाँ आज उसकी अंतिम सांसें थमी मिलीं।
बिष्टुपुर की चकाचौंध के नीचे छिपा अंधेरा
बिष्टुपुर जमशेदपुर का वह इलाका है जिसे शहर का 'हृदय' कहा जाता है। टाटा स्टील की विरासत और जेआरडी टाटा के सपनों का यह केंद्र अपनी बेहतरीन टाउनशिप और सड़कों के लिए मशहूर है।
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फुटपाथ की जिंदगी: इतिहास गवाह है कि जमशेदपुर के इस पॉश इलाके में एक बड़ी आबादी ऐसी भी है जो फुटपाथों पर सिमटी है। पोस्ट ऑफिस और रीगल मैदान के पास अक्सर बेघर लोग रात गुजारते हैं।
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अकेली मौतें: बिष्टुपुर में अज्ञात शव मिलने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी सर्दी और बीमारी के कारण लावारिस लाशें मिलने की खबरें आती रही हैं। यह घटना याद दिलाती है कि शहर की चमक-धमक के बीच 'गुमनाम मौतें' भी एक कड़वी सच्चाई हैं।
पुलिस की तफ्तीश: पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार
बिष्टुपुर थाना पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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पहचान का संकट: मृतक के पास से कोई ऐसा दस्तावेज नहीं मिला है जिससे उसकी सटीक पहचान हो सके। पुलिस अब आसपास के सीसीटीवी (CCTV) कैमरों को खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि रात में उसकी तबीयत बिगड़ी थी या यह कोई संदिग्ध मामला है।
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प्राकृतिक मौत या कुछ और: पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई, ठंड के कारण या किसी अन्य बीमारी की वजह से।
बिष्टुपुर की यह घटना हमें समाज के उस तबके की ओर देखने पर मजबूर करती है जिनके पास सिर छिपाने की छत तक नहीं है। एक व्यक्ति जो सालों तक शहर का कचरा साफ करता रहा, आज खुद एक 'लावारिस' पहचान के साथ विदा हो गया। पुलिस फिलहाल पहचान के लिए अन्य थानों से भी संपर्क कर रही है।
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