Hazaribag Loot: हजारीबाग पुलिस की बड़ी कामयाबी, बरही के जय माता दी ज्वेलर्स लूटकांड का मुख्य आरोपी रामाशीष गिरफ्तार, गया में घायल हालत में दबोचा गया
हजारीबाग के बरही में कार का शीशा तोड़कर हुई करोड़ों की आभूषण लूट के मुख्य मास्टरमाइंड रामाशीष चौधरी की गिरफ्तारी की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है। गया में छिपे इस शातिर अपराधी और बरही चौक पर हुई उस खौफनाक फायरिंग की दास्तान विस्तार से पढ़िए वरना आप इस केस के सबसे बड़े खुलासे से चूक जाएंगे।
हजारीबाग, 5 फरवरी 2026 – हजारीबाग जिले के बरही में पिछले साल हुई सनसनीखेज ज्वेलरी लूट मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। बरही चौक के पास जय माता दी ज्वेलर्स के मालिक से हुई फिल्मी अंदाज में लूट के मुख्य सूत्रधार रामाशीष चौधरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बिहार के गया जिले से ताल्लुक रखने वाले इस शातिर अपराधी की तलाश पुलिस को लंबे समय से थी। लूट के बाद फरार चल रहा यह बदमाश एक दुर्घटना में घायल होकर अपने घर में ही छिपकर इलाज करवा रहा था, जहाँ हजारीबाग पुलिस की विशेष टीम (SIT) ने धावा बोलकर उसे धर दबोचा।
फायरिंग और लूट: 16 नवंबर की वह खौफनाक वारदात
बरही की यह घटना किसी फिल्म के सीन से कम नहीं थी। जय माता दी ज्वेलर्स के मालिक सुरेंद्र कुमार अपने सोने-चांदी के जेवरातों से भरे चार बैग कार में रखकर निकलने ही वाले थे, तभी बदमाशों ने धावा बोल दिया।
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दहशत का माहौल: दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए अपराधियों ने बरही चौक जैसे व्यस्त इलाके में सरेआम दो राउंड फायरिंग की।
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शीशा तोड़कर लूट: गोलीबारी की आवाज सुनकर मालिक पीछे हटे, और इसी का फायदा उठाकर बदमाशों ने कार का शीशा तोड़ा और जेवरों से भरे चारों बैग लेकर रफूचक्कर हो गए।
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मुख्य आरोपी का सुराग: रामाशीष चौधरी (निवासी: बनाही, आमस, गया) इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड था, जिसके खिलाफ गया में पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
SIT की कार्रवाई: एक-एक कर सलाखों के पीछे पहुँचे लुटेरे
बरही पुलिस ने इस केस को सुलझाने के लिए एक एसआईटी (SIT) गठित की थी। रामाशीष की गिरफ्तारी से पहले ही पुलिस ने इस गिरोह के चार खतरनाक सदस्यों को दबोच लिया था:
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इंद्र राज चौधरी (इटखोरी, चतरा)
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रोशन यादव (शेरघाटी, गया)
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धनंजय चौधरी (रोशनगंज, गया)
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अभिषेक सिंह (धनगाई, गया)
जय माता दी ज्वेलर्स लूटकांड: मुख्य विवरण (Case Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| घटना की तारीख | 16 नवंबर (प्राथमिकी 17 नवंबर) |
| मुख्य आरोपी | रामाशीष चौधरी (गिरफ्तार) |
| बरामदगी/नुकसान | सोने-चांदी के जेवरात (4 बैग) |
| तरीका (Modus Operandi) | फायरिंग और कार का शीशा तोड़कर लूट |
| कुल गिरफ्तारियां | 05 आरोपी (1 अब भी फरार) |
घायल लुटेरे की ऐसे खुली पोल
रामाशीष को लगा था कि लूट के बाद वह बिहार में सुरक्षित है। पुलिस को सूचना मिली कि वह किसी सड़क हादसे में घायल हो गया है और गुपचुप तरीके से अपने घर बनाही (गया) में इलाज करा रहा है। हजारीबाग पुलिस ने बिना समय गंवाए बिहार पुलिस के सहयोग से घेराबंदी की। उसे इलाज की हालत में ही हिरासत में लिया गया और अब उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
न्याय के करीब ज्वेलर्स मालिक
इस मुख्य गिरफ्तारी के बाद बरही के व्यापारियों ने राहत की सांस ली है। पुलिस अब गिरोह के अंतिम फरार सदस्य की तलाश में है। रामाशीष के आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए पुलिस उस पर सीसीए (CCA) लगाने की भी तैयारी कर रही है ताकि उसे लंबे समय तक सलाखों के पीछे रखा जा सके।
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