Giridih Murder: कारीपहाड़ी हत्याकांड का पर्दाफाश, दूसरी शादी के लिए पति ने पत्नी को जिंदा जलाया, चूड़ियों ने खोला कत्ल का खौफनाक राज
बगोदर के कारीपहाड़ी में मिले साहिना प्रवीण के अधजले शव की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। दूसरी शादी की सनक में पति जाबिर अंसारी ने अपनी ही पत्नी की हत्या कर दी। पांच आरोपियों की गिरफ्तारी और चूड़ियों से हुई पहचान की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप इस खौफनाक साजिश की हकीकत से चूक जाएंगे।
गिरिडीह/बगोदर, 5 फरवरी 2026 – गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र अंतर्गत कारीपहाड़ी में मिले एक महिला के अधजले शव ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। पुलिस ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए एक ऐसे सच का सामना किया है जिसने रिश्तों को शर्मसार कर दिया है। मृतका का पति ही उसका कातिल निकला, जिसने दूसरी शादी करने के रास्ते से अपनी पत्नी को हटाने के लिए उसकी निर्मम हत्या कर दी और साक्ष्य मिटाने के लिए शव को आग के हवाले कर दिया। गुरुवार को गिरिडीह एसपी डॉ. विमल कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस रोंगटे खड़े कर देने वाली साजिश का खुलासा किया।
दूसरी शादी की सनक और 'मौत का जाल'
पुलिस जांच के अनुसार, मृतका साहिना प्रवीण (डुमरी निवासी) का कसूर सिर्फ इतना था कि वह अपने पति जाबिर अंसारी की दूसरी शादी की योजना में बाधा बन रही थी।
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साजिश का केंद्र: जाबिर ने अपनी भाभी और कुछ करीबियों के साथ मिलकर साहिना को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया।
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अंतिम सफर: वह साहिना को बहला-फुसलाकर बगोदर के सुनसान कारीपहाड़ी इलाके में ले गया। वहां अपने साथियों की मदद से उसकी हत्या की और पहचान छुपाने के लिए शव को जला दिया।
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पहचान का सुराग: 30 जनवरी को जब पुलिस को अधजला शव मिला, तो मौके पर मिली चूड़ियों और पैरों के चांदी के जेवरों ने साहिना की पहचान पुख्ता की।
5 आरोपी गिरफ्तार: पूरा कुनबा शामिल
एसपी डॉ. विमल कुमार ने बताया कि इस जघन्य हत्याकांड में जाबिर अकेला नहीं था। पुलिस ने इस मामले में कुल पांच लोगों को दबोचा है:
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जाबिर अंसारी (मुख्य आरोपी पति)
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जैबूण निशा (जाबिर की भाभी)
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वकील अंसारी (निमियाघाट निवासी)
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गुड्डु अली (सहयोगी)
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सराफत अंसारी (बेको निवासी)
कारीपहाड़ी हत्याकांड: मुख्य विवरण (Crime Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| मृतका | साहिना प्रवीण (चिनो गांव, डुमरी) |
| हत्या की वजह | पति की दूसरी शादी करने की इच्छा |
| गिरफ्तारियां | 05 आरोपी (पति समेत) |
| बरामदगी | 2 बाइक, 5 मोबाइल, चूड़ियां और कपड़े |
| पहचान का आधार | चांदी के जेवर और चूड़ियां |
इतिहास गवाह है कि झारखंड के इन ग्रामीण अंचलों में 'दूसरी शादी' या 'पारिवारिक कलह' के कारण महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों का एक दुखद रिकॉर्ड रहा है। 1990 के दशक के पुलिस गजेटियर बताते हैं कि उन दिनों पहचान छुपाने के लिए अक्सर शवों को पहाड़ियों से नीचे फेंक दिया जाता था। लेकिन आज के दौर में साहिना की चूड़ियों से उसकी पहचान होना यह साबित करता है कि अपराधी चाहे कितनी भी 'ऐतिहासिक' क्रूरता अपना लें, फोरेंसिक और सूक्ष्म साक्ष्य अंततः सच उगलवा ही देते हैं। जाबिर ने जिस कारीपहाड़ी को साहिना की कब्र के रूप में चुना, वही पहाड़ी आज उसके जेल जाने का गवाह बन गई है।
पुलिस की बरामदगी और चार्जशीट की तैयारी
बगोदर थाना प्रभारी विनय कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें और पांच मोबाइल फोन जब्त किए हैं। मोबाइल की कॉल डिटेल्स (CDR) से यह साफ हो गया है कि हत्या से पहले सभी आरोपी एक-दूसरे के संपर्क में थे। पुलिस अब इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए स्पीडी ट्रायल की तैयारी कर रही है ताकि साहिना को जल्द न्याय मिल सके।
चूड़ियों ने दिलाया इंसाफ
साहिना के पिता ताहूल अंसारी और परिजन इस खुलासे के बाद सदमे में हैं। जिस पति पर साहिना ने भरोसा किया, वही भक्षक बन गया। पुलिस की मुस्तैदी ने एक 'लावारिस' लाश को पहचान दिलाकर कातिलों को उनके सही अंजाम तक पहुँचा दिया है।
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