Gumla Mining Raid: 3000 घनफीट बालू का अवैध भंडार जब्त, रायडीह में DC के आदेश पर हुई बड़ी कार्रवाई, बालू माफिया का नेटवर्क कितना बड़ा?
गुमला में अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई! DC प्रेरणा दीक्षित के निर्देश पर मुरगू करंजटोली में 3000 घनफीट बिना परमिट का बालू जब्त किया गया। HI-WA चालक फरार, क्या मनीष कुमार है बालू माफिया के नेटवर्क का मास्टरमाइंड?
गुमला, 29 नवंबर 2025 – झारखंड (Jharkhand) में राजस्व (Revenue) को बड़ा नुकसान (Loss) पहुंचाने वाले अवैध खनन (Illegal Mining) (Mining) के खिलाफ गुमला (Gumla) जिला प्रशासन (District Administration) और पुलिस (Police) ने एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई (Joint Action) को अंजाम दिया है। उपायुक्त (Deputy Commissioner) प्रेरणा दीक्षित (Prerna Dixit) के सख्त निर्देशों (Strict Instructions) के बाद प्रशासनिक टीम (Administrative Team) ने रायडीह (Raidih) प्रखंड के मुरगू करंजटोली (Murgu Karanjtoli) क्षेत्र में दोपहर में अचानक छापेमारी (Raid) की, जिसमें 3000 घनफीट (Cubic Feet) से अधिक बालू (Sand) का अवैध भंडार (Illegal Stock) जब्त (Seized) किया गया।
यह मामला सिर्फ अवैध संग्रहण (Storage) का नहीं है, बल्कि इससे यह स्पष्ट होता है कि गुमला में बालू माफिया (Sand Mafia) का एक संगठित (Organized) नेटवर्क (Network) कितना सक्रिय (Active) है, जो कानून व्यवस्था (Law and Order) और राष्ट्रीय संसाधनों (National Resources) को लगातार चुनौती (Challenge) दे रहा है।
मौके पर मिला 3000 घनफीट बालू का भंडार और HI-WA
प्रशासनिक टीम ने जब मुरगू करंजटोली क्षेत्र में सघन जांच अभियान (Intensive Search Operation) चलाया, तो उन्हें मौके पर बिना किसी वैध परमिट (Valid Permit) के बड़ा बालू भंडार मिला। जांच में सामने आया कि करीब 3000 घनफीट बालू अवैध रूप से जमा (Collected) किया गया था।
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किसने किया उत्खनन: ग्रामीणों (Villagers) से की गई पूछताछ (Interrogation) में पता चला कि मनीष कुमार (Manish Kumar) सहित कुछ अन्य लोग मिलकर कोयल नदी (Koyal River) से यह अवैध उत्खनन (Illegal Excavation) करते थे।
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HI-WA चालक फरार: कार्रवाई के दौरान हाइवा (HI-WA) वाहन संख्या JH02BL 7594 भी मिला, जिसमें लगभग 1000 घनफीट बालू लदा था। प्रशासनिक टीम को देखते ही वाहन चालक (Driver) तुरंत मौके से फरार (Fled) हो गया।
कानून का खुला उल्लंघन: 3 बड़े नियमों को तोड़ा
यह अवैध खनन का मामला सिर्फ आर्थिक (Financial) नुकसान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के गंभीर कानूनों (Serious Laws) का खुला उल्लंघन (Open Violation) है, जिसके लिए सख्त दंड (Severe Punishment) का प्रावधान (Provision) है।
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बिना वैध चालान (Valid Challan) के खनिज (Mineral) का परिवहन (Transportation) करना खन और खनिज विकास एवं विनियमन अधिनियम 1957 (MMDR Act) की धारा 21 (6) का उल्लंघन है।
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इसके अलावा, झारखंड लघु खनिज नियमावली 2004 (Jharkhand Minor Mineral Rules) और झारखंड मिनरल्स प्रिवेंशन ऑफ इललीगल माइनिंग रूल्स 2017 के कई नियमों का भी उल्लंघन पाया गया।
गुमला में हुई इस कार्रवाई ने प्रशासन पर लगातार निगरानी (Continuous Monitoring) और सख्त कानूनी कार्रवाई (Strict Legal Action) करने के लिए दबाव (Pressure) बढ़ा दिया है, ताकि अवैध खनन के इस संगठित नेटवर्क (Organized Network) को जड़ से (Root) खत्म किया जा सके। यह मामला दर्शाता है कि स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र (Information System) को मजबूत (Strengthen) करना कितना आवश्यक (Necessary) है।
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