Jharkhand Digital: हेमंत सरकार का बड़ा फैसला, ₹1 करोड़ से ऊपर का भुगतान अब सिर्फ RTGS से होगा, चेक और ड्राफ्ट का जमाना खत्म

झारखंड की हेमंत सरकार ने राजस्व वसूली में पारदर्शिता लाने के लिए 1 करोड़ रुपये से अधिक के भुगतान के नियम बदल दिए हैं। अब केवल NEFT और RTGS ही मान्य होंगे। इस बड़े बदलाव और इसके असर की पूरी जानकारी यहाँ मौजूद है वरना आप सरकारी लेनदेन से जुड़ा यह महत्वपूर्ण अपडेट मिस कर देंगे।

Feb 20, 2026 - 21:06
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Jharkhand Digital: हेमंत सरकार का बड़ा फैसला, ₹1 करोड़ से ऊपर का भुगतान अब सिर्फ RTGS से होगा, चेक और ड्राफ्ट का जमाना खत्म
Jharkhand Digital: हेमंत सरकार का बड़ा फैसला, ₹1 करोड़ से ऊपर का भुगतान अब सिर्फ RTGS से होगा, चेक और ड्राफ्ट का जमाना खत्म

रांची, 20 फरवरी 2026 – झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने राज्य के वित्तीय प्रबंधन (Financial Management) को हाई-टेक बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब सरकारी खजाने में भारी-भरकम राशि जमा करने के पुराने और सुस्त तरीके इतिहास का हिस्सा बन जाएंगे। वित्त विभाग ने आधिकारिक निर्देश जारी कर दिया है कि 1 करोड़ रुपये से अधिक का कोई भी राजस्व भुगतान अब केवल NEFT (नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर) या RTGS (रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट) के माध्यम से ही स्वीकार किया जाएगा। सरकार के इस फैसले से न केवल फंड का प्रवाह तेज होगा, बल्कि भ्रष्टाचार और देरी की गुंजाइश भी खत्म हो जाएगी।

ई-कुबेर से सीधा जुड़ाव: क्यों बदला गया नियम?

वित्त विभाग ने सभी अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और विभागाध्यक्षों को पत्र लिखकर इस नए सिस्टम को तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा है।

  • रियल टाइम ट्रैकिंग: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 'ई-कुबेर' प्लेटफॉर्म के जरिए जब पैसा ट्रांसफर होगा, तो वह सीधे और उसी वक्त सरकारी खाते में दर्ज हो जाएगा।

  • चेक की झंझट खत्म: पहले करोड़ों के चेक क्लियर होने में कई दिनों का समय लगता था, जिससे सरकारी योजनाओं के फंड मैनेजमेंट में बाधा आती थी। अब 'रियल टाइम' आधार पर फंड की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

  • पारदर्शिता: डिजिटल ट्रांजैक्शन होने से पैसे के स्रोत और समय की सटीक जानकारी रहेगी, जिससे ऑडिट प्रक्रिया और भी आसान हो जाएगी।

NEFT और RTGS: बड़े लेनदेन के 'डिजिटल सिपाही'

आम जनता और ठेकेदारों के मन में यह सवाल हो सकता है कि आखिर ये दोनों सिस्टम काम कैसे करते हैं?

  1. RTGS (रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट): यह सिस्टम बड़े अमाउंट के लिए सबसे तेज है। जैसे ही आप पैसा भेजते हैं, वह तुरंत सरकारी खाते में पहुंच जाता है। ₹1 करोड़ से ऊपर के लेनदेन के लिए सरकार इसी पर सबसे ज्यादा भरोसा कर रही है।

  2. NEFT (नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर): इसमें पैसा 'बैच' सिस्टम में जाता है। यानी हर आधे घंटे के अंतराल पर ट्रांजैक्शन प्रोसेस होते हैं। यह भी सुरक्षित और प्रभावी तरीका है।

नया भुगतान नियम: एक नजर में (At a Glance)

विवरण प्रमुख जानकारी (Key Details)
न्यूनतम सीमा ₹1 करोड़ से अधिक की राशि
अनिवार्य माध्यम NEFT और RTGS
प्लेटफॉर्म RBI ई-कुबेर (e-Kuber)
मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता और त्वरित राजस्व प्राप्ति
किस पर लागू सभी सरकारी विभाग और बाहरी एजेंसियां

आम लोगों और विभागों पर क्या होगा असर?

यह फैसला मुख्य रूप से उन बड़े कारोबारियों, ठेकेदारों और संस्थानों को प्रभावित करेगा जो सरकार को बड़ी राशि का भुगतान (जैसे टैक्स, माइनिंग लीज या टेंडर फीस) करते हैं।

  • तेज प्रक्रिया: अब विभागों को फंड क्लीयरेंस के लिए बैंक के चक्कर नहीं काटने होंगे।

  • कैश फ्लो: सरकार के पास हर समय यह स्पष्ट डेटा होगा कि किस मद में कितना पैसा आया है, जिससे कल्याणकारी योजनाओं (जैसे मंईयां सम्मान या गोगो दीदी योजना) के लिए बजट आवंटन में देरी नहीं होगी।

  • सुरक्षा: डिजिटल ट्रांजैक्शन होने के कारण मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और पैसे की हेराफेरी की संभावना शून्य हो जाएगी।

विकसित झारखंड की ओर कदम

हेमंत सरकार का यह निर्णय राज्य के वित्तीय स्वास्थ्य को सुधारने की दिशा में एक 'मास्टरस्ट्रोक' माना जा रहा है। राजस्व सीधे सरकार के खाते में पहुंचने से विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। वित्त विभाग ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि वे अपने वेंडर्स और हितधारकों को इस नए नियम के बारे में तुरंत सूचित करें।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।